शराब ठेके को लेकर भाजपा नेताओं मे टकराव, शांति का पाठ पढाने कोलारस विधायक को आना पडा

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। नए शराब ठेके के साथ बदरवास में सिर्फ कारोबार नहीं बदला, बल्कि भाजपा के भीतर ही टकराव की चिंगारी भड़क उठी। एक और नए ठेके से जुड़े भाजपा नेता का नाम सामने आया, तो दूसरी ओर भाजपा मंडल अध्यक्ष और कोलारस विधायक के सबसे करीबी नेता ने उनके कर्मचारियों पर धमकी, दबाव और दहशत फैलाने के आरोप लगा दिए। मामला इतना बढ़ा कि कार्यकर्ताओं ने दो लोगों को गाड़ी सहित पकड़ लिया और हालात संभालने खुद कोलारस विधायक महेंद्र यादव को मौके पर पहुंचना पड़ा।

जिले के बदरवास कस्बे में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब ठेके बदलते ही सियासत, कारोबार और दबंगई का खतरनाक मिश्रण सामने आ गया। मामला अब सिर्फ शराब बिक्री का नहीं रहा, बल्कि यह भाजपा नेताओं के बीच प्रतिष्ठा और प्रभाव की लड़ाई बन गया है। आरोप है कि भाजपा नेता कोलारस के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रविंद्र शिवहरे की शराब कंपनी को बदरवास का नया ठेका मिलने के बाद पुरानी और नई व्यवस्था के बीच तनाव बढ़ गया। इसी तनाव ने 29 मार्च की रात ऐसा रूप ले लिया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव के होटल पर हंगामे की स्थिति बन गई। घटना के बाद कोलारस विधायक महेंद्र यादव को भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

नया ठेका मिला, पुराने ठेकेदार सस्ती शराब खपाने में जुटे थे
मिली जानकारी के अनुसार जिले में नए वित्तीय वर्ष के साथ शराब ठेकों का आवंटन बदल गया है। बदरवास क्षेत्र में नया ठेका भाजपा नेता रविंद्र शिवहरे की कंपनी को मिला है। वहीं, पुराने ठेकेदारों के पास बचा हुआ स्टॉक था, जिसे वे कम दरों पर थोक में बेचकर नुकसान कम करने की कोशिश कर रहे थे। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। आरोप है कि नई कंपनी के लोग पुराने स्टॉक की बिक्री रुकवाने के लिए सक्रिय हो गए और इसी कड़ी में मामला भाजपा मंडल अध्यक्ष के होटल तक पहुंच गया।

मंडल अध्यक्ष के होटल पर पहुंचे कर्मचारी, धमकी देने का आरोप
घटना की सबसे अहम कड़ी यह बताई जा रही है कि 29 मार्च की रात नए ठेकेदार से जुड़े कुछ लोग भाजपा मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव के होटल पर पहुंचे। आरोप है कि यहां धमकी भरे अंदाज में बातचीत हुई और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। मंडल अध्यक्ष पक्ष का कहना है कि यह सिर्फ सामान्य बहस नहीं थी, बल्कि दबाव बनाने और दहशत फैलाने की कोशिश थी। आरोप यह भी लगाया गया कि संबंधित लोग क्षेत्र में आतंक का माहौल बना रहे हैं, लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं और खुलेआम धमकियां दे रहे हैं।

कार्यकर्ताओं ने दो लोगों को गाड़ी सहित पकड़ा, एक थाने से भागा
मामला बढ़ने पर मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सक्रिय हो गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने मौके से दो लोगों को एक गाड़ी सहित पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले किया गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब जानकारी सामने आई कि थाने से एक व्यक्ति भाग निकला। इससे पूरे मामले ने और ज्यादा सनसनीखेज रूप ले लिया। पुलिस अब फरार हुए व्यक्ति की तलाश में जुटी है।

गाड़ी में कट्टा, हॉकी और डंडे मिलने का दावा, बढ़ी सनसनी
इस विवाद को और गंभीर तब माना जाने लगा जब मंडल अध्यक्ष पक्ष की ओर से यह आरोप लगाया गया कि पकड़ी गई गाड़ी से कट्टा, हॉकी और डंडे बरामद हुए हैं। यदि यह दावा जांच में सही पाया जाता है, तो मामला केवल ठेका विवाद या मारपीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आपराधिक साजिश और दहशत फैलाने के दायरे में भी जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान पत्थरबाजी जैसी स्थिति भी बनी, हालांकि कुछ लोग बाल-बाल बच गए और कोई बड़ा हादसा टल गया।

भाजपा के भीतर ही खुलकर सामने आया तनाव
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी बात यह रही कि विवाद में दोनों पक्षों के नाम भाजपा से जुड़े चेहरों के रूप में सामने आए। एक ओर मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव हैं, तो दूसरी ओर भाजपा नेता और शराब ठेकेदार रविंद्र शिवहरे का नाम लिया जा रहा है। यानी यह लड़ाई सिर्फ ठेके की नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीतिक प्रभाव, पकड़ और क्षेत्रीय दबदबे की भी मानी जा रही है।

विधायक महेंद्र यादव पहुंचे, बिगड़ते हालात संभाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलारस विधायक महेंद्र यादव को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। विधायक के पहुंचने से यह साफ हो गया कि मामला सामान्य विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक असहजता पैदा कर चुका था।

विधायक महेंद्र यादव ने कहा
पुलिस ने गलती नहीं की। कोई आपस में लड़ न बैठे, इसलिए मैं पहुंच गया था।
विधायक का यह बयान बताता है कि मौके पर हालात इतने तनावपूर्ण थे कि किसी भी समय टकराव और बढ़ सकता था।

रविंद्र शिवहरे बोले- हमारा भाईचारा है, गाड़ी नहीं उतारी
इस पूरे विवाद में नाम सामने आने के बाद भाजपा नेता एवं शराब ठेकेदार रविंद्र शिवहरे ने आरोपों को हल्का करने की कोशिश की। उन्होंने कहा- कर्मचारी मंडल अध्यक्ष के भतीजे से उलझ गए होंगे। हमारा व सिंह से भाईचारा है। हमने गाड़ी नहीं उतारी।

रविंद्र शिवहरे के इस बयान से यह साफ है कि वे विवाद को व्यक्तिगत या स्थानीय स्तर की झड़प बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ मंडल अध्यक्ष पक्ष इसे संगठित दबाव और डराने-धमकाने की कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है।

थाना प्रभारी बोले- होटल पर विवाद हुआ, एक आरोपी फरार
घटना को लेकर बदरवास थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया
होटल पर भाजपा मंडल अध्यक्ष के छोटे भाई से विवाद हो गया था। गाड़ी सहित दो लोगों को लाया गया था। थाने से एक व्यक्ति भाग गया, जिसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।