शिवपुरी। शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ से लाई गई मादा टाइगर को आज माधव टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने ट्रेंकुलाइज कर उसका सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। प्रबंधन अब उसे घने जंगल में छोडेगा। मादा टाइगर एमटी-6 पिछले 12 दिनों से ग्रामीण क्षेत्रो में दहशत फैला रही थी। नियंत्रण से बहार हो रही थी और ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास ही विचरण कर रही थी। सुरवाया क्षेत्र के लोग इस मादा टाइगर के आतंक से परेशान थे। वह खेत पर नहीं जा पा रहे थे।
बांधवगढ़ की महारानी का आतंक बीते 1 जनवरी से शुरू हो चुका था। एक जनवरी की सुबह इस बाघिन ने सतनवाड़ा थाना सीमा में आने वाले डोंगर गांव में एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला किया था। उसके बाद यह मादा टाइगर जंगल में समा गई और सुरवाया थाना सीमा के गांवों में दिखाई दी। पिछले 7 दिनों से यह बाघिन खुटेला,सुरवाया,मोहनगढ़ के गांवो के आसपास देखी जा रही थी और लगातार यह ग्रामीणों के पशुओं का शिकार कर रही थी। इस मादा टाइगर के कारण इस क्षेत्र में दहशत का माहौल था। इस कारण इस मादा टाइगर का रेस्क्यू करना पडा।
टाइगर का टेरर रूट: डोंगर से मोहम्मदपुर तक
मादा टाइगर एमटी-6 पिछले कुछ दिनों से लगातार लोकेशन बदल रही है:
डोंगर गांव में 65 वर्षीय शिवलाल पाल पर हमला कर घायल किया।
सरदारपुर: मवेशियों का शिकार किया और कैमरे में कैद हुई।
सुरवाया: दो दिन पहले फोरलेन हाईवे के पास देखी गई।
मोहम्मदपुर: हाईवे क्रॉस कर अब रिहायशी बस्ती में दाखिल।
3 साल की मादा टाइगर दिखा रही थी ट्रेरर
शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में वर्तमान समय में 6 टाइगर मौजूद है लेकिन एमटी-6 के अतिरिक्त अभी तक कोई भी टाइगर ने जंगल का त्याग नहीं किया और बफर जोन तक नहीं पहुंचा,लेकिन यह बांधवगढ़ की महारानी ने अपनी टेरिटरी ना बनाते हुए पब्लिक में अपनी दहशत कायम करना शुरू दिया और लगातार बफर जोन में ही भ्रमण कर रही थी। यह आम जनमानस के लिए खतरा बन चुकी थी इस कारण ही इस मादा टाइगर को रेस्क्यू किया गया है।
बांधवगढ़ की महारानी का आतंक बीते 1 जनवरी से शुरू हो चुका था। एक जनवरी की सुबह इस बाघिन ने सतनवाड़ा थाना सीमा में आने वाले डोंगर गांव में एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला किया था। उसके बाद यह मादा टाइगर जंगल में समा गई और सुरवाया थाना सीमा के गांवों में दिखाई दी। पिछले 7 दिनों से यह बाघिन खुटेला,सुरवाया,मोहनगढ़ के गांवो के आसपास देखी जा रही थी और लगातार यह ग्रामीणों के पशुओं का शिकार कर रही थी। इस मादा टाइगर के कारण इस क्षेत्र में दहशत का माहौल था। इस कारण इस मादा टाइगर का रेस्क्यू करना पडा।
टाइगर का टेरर रूट: डोंगर से मोहम्मदपुर तक
मादा टाइगर एमटी-6 पिछले कुछ दिनों से लगातार लोकेशन बदल रही है:
डोंगर गांव में 65 वर्षीय शिवलाल पाल पर हमला कर घायल किया।
सरदारपुर: मवेशियों का शिकार किया और कैमरे में कैद हुई।
सुरवाया: दो दिन पहले फोरलेन हाईवे के पास देखी गई।
मोहम्मदपुर: हाईवे क्रॉस कर अब रिहायशी बस्ती में दाखिल।
3 साल की मादा टाइगर दिखा रही थी ट्रेरर
शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में वर्तमान समय में 6 टाइगर मौजूद है लेकिन एमटी-6 के अतिरिक्त अभी तक कोई भी टाइगर ने जंगल का त्याग नहीं किया और बफर जोन तक नहीं पहुंचा,लेकिन यह बांधवगढ़ की महारानी ने अपनी टेरिटरी ना बनाते हुए पब्लिक में अपनी दहशत कायम करना शुरू दिया और लगातार बफर जोन में ही भ्रमण कर रही थी। यह आम जनमानस के लिए खतरा बन चुकी थी इस कारण ही इस मादा टाइगर को रेस्क्यू किया गया है।
हाथियों की मदद से किया रेस्क्यू
आज मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सीसीएफ उत्तम शर्मा, डीएफओ, रेंजर, डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के गांवों में पुलिस बल तैनात किया गया। बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने के लिए दो हाथियों की मदद ली गई।
एक हाथी पर सीसीएफ और डीएफओ सवार थे, जबकि दूसरे हाथी पर डॉक्टरों और रेस्क्यू टीम के सदस्य मौजूद थे। करीब 11 बजे भरकुली गेट के सामने बाघिन की लोकेशन ट्रैक की गई और उसे ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया।
एक हाथी पर सीसीएफ और डीएफओ सवार थे, जबकि दूसरे हाथी पर डॉक्टरों और रेस्क्यू टीम के सदस्य मौजूद थे। करीब 11 बजे भरकुली गेट के सामने बाघिन की लोकेशन ट्रैक की गई और उसे ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया।