पोहरी। शिवपुरी जिले के पोहरी तहसील स्थित कूनो नेशनल पार्क की सीमा पर बसे आदिवासी बहुल गांव अहेरा के लिए 5 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के 78 साल बाद इस गांव में पहली बार बिजली का बल्ब जला। अंधेरे में डूबे रहने वाले 138 आदिवासी परिवारों के चेहरे उस वक्त खिल उठे, जब बिजली कंपनी ने गांव में लाइन चार्ज कर विद्युत आपूर्ति शुरू की।
मुख्यमंत्री की चौपाल से मिली रोशनी की राह इस ऐतिहासिक बदलाव की नींव तब रखी गई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बिजली न होने का दर्द बयां किया था। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 दिसंबर को गांव में चौपाल लगाई और बिजली कंपनी को काम सौंपा। महज एक महीने के भीतर बिजली कंपनी ने दुर्गम रास्तों और कूनो के घने जंगलों की बाधाओं को पार करते हुए खंभे गाड़कर गांव को रोशन कर दिया।
पीएम जनमन योजना:
देश में नंबर-1 बना शिवपुरी अहेरा गांव को रोशन करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 1.19 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च की गई। बिजली पहुँचाने के लिए 15.45 किलोमीटर लंबी 11 केवी लाइन और 3.78 किलोमीटर एलटी लाइन बिछाई गई। गांव में विशेष रूप से 3 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। इसी के साथ शिवपुरी जिला विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बस्तियों में सबसे पहले बिजली पहुँचाने के मामले में देश में प्रथम स्थान पर आ गया है।
बदलेगी अहेरा की तस्वीर अब तक मिट्टी के तेल के दीयों और मशालों के भरोसे जीने वाले इस गांव में बिजली आने से शिक्षा, संचार और स्वास्थ्य की सुविधाएं सुलभ होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके बच्चे रात में पढ़ सकेंगे और जंगली जानवरों का डर भी कम होगा।
इनका कहना है
कूनो पार्क से लगे जंगल के गांव अहेरा में सोमवार को लाइन चार्ज कर दी गई है। 138 परिवारों को कनेक्शन देकर लाभान्वित किया गया है। यह गांव पूर्णतः बिजली विहीन था, जिसे अब विद्युतीकृत कर दिया गया है।"
श्रवण कुमार पटेल, डीई, बिजली कंपनी, शिवपुरी