शिवपुरी। जिले के अन्नदाता इन दिनों दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक ओर कड़ाके की ठंड फसलों को प्रभावित कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुरानी अनाज मंडी में सब्जियों के दामों में आई भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि पिछले 15 दिनों से मंडी में बैंगन, गोभी और आलू जैसी सब्जियां 4 से 5 रुपए किलो के मामूली दाम पर बिक रही हैं, जिससे किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है।
स्थानीय उत्पादन के साथ-साथ दूसरे शहरों से हो रही बंपर आवक और शहर में कम खपत ने बाजार को धड़ाम कर दिया है। कड़कड़ाती ठंड में रात 3 बजे मंडी पहुंचने वाले किसान अब केवल शादियों के सीजन से उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि फिलहाल टमाटर को छोड़कर किसी भी सब्जी में मुनाफा नजर नहीं आ रहा है।
यह है मंडी में थोक सब्जी के भाव,टमाटर बचा रहा है लाज
शिवपुरी की थोक सब्जी मंडी में 10 दिन से किसानों को उनकी उपज का भाव काफी कम मिल रहा है। इनमें गोभी 5 से 7 रुपए किलो, पत्ता गोभी-4 से 5 रुपए किलो, गाजर 7 रुपए किलो, धनिया 8 से 10 रुपए किलो, शकरकंदी 5 रुपए किलो, लोकी 4 रुपए किलो, आलू 5 रुपए किलो, बैगन 4 से 5 रुपए प्रति किलो सहित कई अन्य सब्जियां भी इन्ही दामों में है। केवल टमाटर ही इस समय 700 रुपए से लेकर 800 रुपए प्रति क्रेट है। एक क्रेट में 25 से 30 किलो टमाटर होते हैं। चूंकि टमाटर की खपत अधिक है और बाहर के शहरों में भी शिवपुरी का टमाटर जा रहा है, जिसके चलते टमाटर के भाव स्थिर हैं।
यह बोले व्यापारी
चूंकि मंडी में इस समय शिवपुरी के साथ दूसरे शहरों से भी बड़ी मात्रा में सब्जियां आ रही हैं और शहर में इतनी खपत नहीं है। इसलिए सब्जियों के दाम अचानक से गिरे हैं। टमाटर जरूर बाहर जा रहा है। इसलिए उसकी खेती करने वाले किसान फायदे में है।
अनिल कुशवाह,व्यापारी, शिवपुरी मंडी।
लागत भी नहीं निकल रही हैं
मंडी में इन दिनों हमारी उपज के सही दाम न मिलने से लागत तक नहीं निकल पा रही। आने-जाने में जो खर्चा होता है, वह अलग से है। रात-दिन काम करने के बाद भी लाभ होने की जगह नुकसान हो रहा है। अब शादियों का सीजन शुरू होने पर ही कुछ लाभ होने की उम्मीद है।
राम लखन रावत, निवासी डेहरबारा, कोलारस
दूसरी सब्जी की भरपाई टमाटर कर रहा है
कुछ जमीन में टमाटर किया था, उसके दाम तो ठीक मिल रहे हैं। लेकिन कुछ में जो सब्जियां की थी, उनकी तो सही कीमत नहीं मिल रही। जो टमाटर में लाभ मिला, वह दूसरी सब्जियों के नुकसान की भरपाई में बराबर हो गया। अब दाम बढ़े तो कुछ फायदा मिले।
ब्रजमोहन धाकड़,निवासी दर्रोनी, शिवपुरी
स्थानीय उत्पादन के साथ-साथ दूसरे शहरों से हो रही बंपर आवक और शहर में कम खपत ने बाजार को धड़ाम कर दिया है। कड़कड़ाती ठंड में रात 3 बजे मंडी पहुंचने वाले किसान अब केवल शादियों के सीजन से उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि फिलहाल टमाटर को छोड़कर किसी भी सब्जी में मुनाफा नजर नहीं आ रहा है।
यह है मंडी में थोक सब्जी के भाव,टमाटर बचा रहा है लाज
शिवपुरी की थोक सब्जी मंडी में 10 दिन से किसानों को उनकी उपज का भाव काफी कम मिल रहा है। इनमें गोभी 5 से 7 रुपए किलो, पत्ता गोभी-4 से 5 रुपए किलो, गाजर 7 रुपए किलो, धनिया 8 से 10 रुपए किलो, शकरकंदी 5 रुपए किलो, लोकी 4 रुपए किलो, आलू 5 रुपए किलो, बैगन 4 से 5 रुपए प्रति किलो सहित कई अन्य सब्जियां भी इन्ही दामों में है। केवल टमाटर ही इस समय 700 रुपए से लेकर 800 रुपए प्रति क्रेट है। एक क्रेट में 25 से 30 किलो टमाटर होते हैं। चूंकि टमाटर की खपत अधिक है और बाहर के शहरों में भी शिवपुरी का टमाटर जा रहा है, जिसके चलते टमाटर के भाव स्थिर हैं।
यह बोले व्यापारी
चूंकि मंडी में इस समय शिवपुरी के साथ दूसरे शहरों से भी बड़ी मात्रा में सब्जियां आ रही हैं और शहर में इतनी खपत नहीं है। इसलिए सब्जियों के दाम अचानक से गिरे हैं। टमाटर जरूर बाहर जा रहा है। इसलिए उसकी खेती करने वाले किसान फायदे में है।
अनिल कुशवाह,व्यापारी, शिवपुरी मंडी।
लागत भी नहीं निकल रही हैं
मंडी में इन दिनों हमारी उपज के सही दाम न मिलने से लागत तक नहीं निकल पा रही। आने-जाने में जो खर्चा होता है, वह अलग से है। रात-दिन काम करने के बाद भी लाभ होने की जगह नुकसान हो रहा है। अब शादियों का सीजन शुरू होने पर ही कुछ लाभ होने की उम्मीद है।
राम लखन रावत, निवासी डेहरबारा, कोलारस
दूसरी सब्जी की भरपाई टमाटर कर रहा है
कुछ जमीन में टमाटर किया था, उसके दाम तो ठीक मिल रहे हैं। लेकिन कुछ में जो सब्जियां की थी, उनकी तो सही कीमत नहीं मिल रही। जो टमाटर में लाभ मिला, वह दूसरी सब्जियों के नुकसान की भरपाई में बराबर हो गया। अब दाम बढ़े तो कुछ फायदा मिले।
ब्रजमोहन धाकड़,निवासी दर्रोनी, शिवपुरी