शिवपुरी। जिले के करीब 10 लाख 17 हजार आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। आयुष्मान भारत निरामयम् योजना का संचालन करने वाली एजेंसी 'एमडी इंडिया टीपीए' का अनुबंध (टेंडर) 22 दिसंबर 2025 को समाप्त होने के बाद से पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में न तो नए कार्ड बन पा रहे हैं और न ही मरीजों के क्लेम दर्ज हो रहे हैं। नतीजतन, दूर-दराज से आए गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने या अपनी जेब से खर्च करने को मजबूर हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अब 'रोगी कल्याण समिति' (RKS) के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कोशिश में जुटा है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश जिलों में आयुष्मान सेंटर बंद हो गए हैं। आयुष्मान मित्र और तकनीकी स्टाफ के हटने से अस्पतालों में नए कार्ड नहीं बन पा रहे हैं और मरीजों के क्लेम भी समय पर दर्ज नहीं हो रहे हैं। कई स्थानों पर पहले से भर्ती मरीजों के क्लेम लंबित होने से अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के परिजनों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
गरीबों की उम्मीदों पर 'ब्रेक
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश जिलों में आयुष्मान सेंटर बंद हो गए हैं। आयुष्मान मित्र और तकनीकी स्टाफ के हटने से अस्पतालों में नए कार्ड नहीं बन पा रहे हैं और मरीजों के क्लेम भी समय पर दर्ज नहीं हो रहे हैं। कई स्थानों पर पहले से भर्ती मरीजों के क्लेम लंबित होने से अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के परिजनों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
गरीबों की उम्मीदों पर 'ब्रेक
शिवपुरी जिले में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को विशेष कठिनाई हो रही है। आयुष्मान योजना के तहत इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को या तो बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है, या फिर उन्हें निजी खर्च पर उपचार कराना पड़ रहा है। यह स्थिति गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई है।
इस संबंध में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी, डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि प्रदेश में वेंडर कंपनी की अनुबंध अवधि समाप्त होने के कारण अस्पतालों के आयुष्मान सेंटर बंद हैं। विभाग ने रोगी कल्याण समिति (RKS) को अस्थायी तौर पर सेंटर चालू करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. ऋषिश्वर के अनुसार, जल्द ही रोगी कल्याण समिति द्वारा ऑपरेटरों के माध्यम से आयुष्मान सेंटर फिर से शुरू किए जाएंगे।
RKS के भरोसे शिवपुरी का स्वास्थ्य
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि नई बीएफए एजेंसी की नियुक्ति होने तक रोगी कल्याण समिति (RKS) के माध्यम से अस्थायी व्यवस्था की जाए। इस व्यवस्था के तहत, RKS फंड का उपयोग कर ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी, जिससे आयुष्मान कार्ड बनाने और क्लेम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सके।
वहीं नई बीएफए एजेंसी के चयन की निविदा प्रक्रिया अभी जारी है। जब तक नई एजेंसी की नियुक्ति नहीं होती, तब तक आयुष्मान भारत निरामयम योजना की सेवाएं पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। फिलहाल शिवपुरी सहित पूरे प्रदेश में मरीज अस्थायी व्यवस्था के भरोसे हैं और शासन से जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इस संबंध में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी, डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि प्रदेश में वेंडर कंपनी की अनुबंध अवधि समाप्त होने के कारण अस्पतालों के आयुष्मान सेंटर बंद हैं। विभाग ने रोगी कल्याण समिति (RKS) को अस्थायी तौर पर सेंटर चालू करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. ऋषिश्वर के अनुसार, जल्द ही रोगी कल्याण समिति द्वारा ऑपरेटरों के माध्यम से आयुष्मान सेंटर फिर से शुरू किए जाएंगे।
RKS के भरोसे शिवपुरी का स्वास्थ्य
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि नई बीएफए एजेंसी की नियुक्ति होने तक रोगी कल्याण समिति (RKS) के माध्यम से अस्थायी व्यवस्था की जाए। इस व्यवस्था के तहत, RKS फंड का उपयोग कर ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी, जिससे आयुष्मान कार्ड बनाने और क्लेम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सके।
वहीं नई बीएफए एजेंसी के चयन की निविदा प्रक्रिया अभी जारी है। जब तक नई एजेंसी की नियुक्ति नहीं होती, तब तक आयुष्मान भारत निरामयम योजना की सेवाएं पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। फिलहाल शिवपुरी सहित पूरे प्रदेश में मरीज अस्थायी व्यवस्था के भरोसे हैं और शासन से जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।