शिवपुरी। शिवपुरी की अमूल्य जल विरासत-चांदपाठा और सांख्य सागर-को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने अब मिशन मोड पर काम शुरू कर दिया है। उच्च न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने साफ कर दिया है कि झीलों में मिलने वाली गंदगी और अतिक्रमण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करबला क्षेत्र से जलकुंभी हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम देने के साथ ही, सांख्य सागर की सूरत बदलने के लिए 80 करोड़ रुपये की बड़ी कार्ययोजना पर मुहर लगा दी गई है। यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि शिवपुरी के पर्यावरण को सुरक्षित रखने का एक निर्णायक संकल्प है।
बैठक में कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने चांदपाठा, सांख्य सागर झील में ठोस कचरा एवं जलकुंभी के प्रवेश को रोकने हेतु लगाई गई जालियों एवं चैम्बरों की नियमित सफाई के लिए कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले से गंदगी जाधव सागर, करबला होते हुए सांध्य सागर, चांदपाठा झील में चली जाती है झील के अपस्ट्रीम में स्थित करबला क्षेत्र जहां पर ताजिए विसर्जित किये जाते हैं। वहां पर लगी हुई जलकुंभी को अभियान चलाकर हटाया जाये।
नगर पालिका इस कार्य में नेशनल पार्क प्रबंधन से सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती है। उन्होंने करबला क्षेत्र में सफाई कार्य हेतु नगर पालिका शिवपुरी के उपयंत्री राकेश धाकड़ को 15 दिवस में कार्य पूर्ण कर प्रतिदिन प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए। माधव टाइगर रिजर्व द्वारा माधव लेक पर जलकुंभी हटाने का कार्य संबंधित अधिकारी को 15 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
सांख्य सागर बांध के मरम्मत एवं सुधार हेतु 80 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी गई है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को राज्य स्तर पर समन्वय कर शीघ्र स्वीकृति हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए गए। पुरानी शिवपुरी में आईस फैक्ट्री के पास बनाए गये नाला टैपिंग के आसपास साफ-सफाई किये जाने हेतु कार्यपालन यंत्री पीएचई एवं नगर पालिका शिवपुरी को निर्देश दिये गये।
बैठक में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि किसी भी घर का सीवर नालों में न मिले तथा जल स्रोतों जैसे कुंए, तालाब, ट्यूबवेल आदि के पास में सीवर इत्यादि कोई गंदगी न जा पाये इस पर विशेष ध्यान दें। विभिन्न प्रकार की जल संरचनाओं (तालाब, नहर, बांध, आदि) के आसपास अतिक्रमण हो, तो उसको हटाने की कार्यवाही की जाए। अन्य जलाशयों में भी अगर जलकुंभी अथवा अन्य किसी भी प्रकार की गंदगी हो तो उसको भी हटाने की कार्यवाही की जाए।
बैठक में अशा. सदस्य प्रमोद भार्गव, आलोक एम इंदौरिया, पर्यावरणविद जितेन्द्र सिंह तोमर सहित सीईओ जिला पंचायत विजय राज, माधव नेशनल पार्क के उपसंचालक हरिओम, ईई पीएचई डी शुभम अग्रवाल, ईई डब्ल्यूआरडी विनोद शर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी डूडा सौरभ गौड़ सहित जिला वेटलैंड संरक्षण समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
करबला क्षेत्र से जलकुंभी हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम देने के साथ ही, सांख्य सागर की सूरत बदलने के लिए 80 करोड़ रुपये की बड़ी कार्ययोजना पर मुहर लगा दी गई है। यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि शिवपुरी के पर्यावरण को सुरक्षित रखने का एक निर्णायक संकल्प है।
बैठक में कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने चांदपाठा, सांख्य सागर झील में ठोस कचरा एवं जलकुंभी के प्रवेश को रोकने हेतु लगाई गई जालियों एवं चैम्बरों की नियमित सफाई के लिए कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले से गंदगी जाधव सागर, करबला होते हुए सांध्य सागर, चांदपाठा झील में चली जाती है झील के अपस्ट्रीम में स्थित करबला क्षेत्र जहां पर ताजिए विसर्जित किये जाते हैं। वहां पर लगी हुई जलकुंभी को अभियान चलाकर हटाया जाये।
नगर पालिका इस कार्य में नेशनल पार्क प्रबंधन से सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती है। उन्होंने करबला क्षेत्र में सफाई कार्य हेतु नगर पालिका शिवपुरी के उपयंत्री राकेश धाकड़ को 15 दिवस में कार्य पूर्ण कर प्रतिदिन प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए। माधव टाइगर रिजर्व द्वारा माधव लेक पर जलकुंभी हटाने का कार्य संबंधित अधिकारी को 15 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
सांख्य सागर बांध के मरम्मत एवं सुधार हेतु 80 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी गई है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को राज्य स्तर पर समन्वय कर शीघ्र स्वीकृति हेतु पत्राचार करने के निर्देश दिए गए। पुरानी शिवपुरी में आईस फैक्ट्री के पास बनाए गये नाला टैपिंग के आसपास साफ-सफाई किये जाने हेतु कार्यपालन यंत्री पीएचई एवं नगर पालिका शिवपुरी को निर्देश दिये गये।
बैठक में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि किसी भी घर का सीवर नालों में न मिले तथा जल स्रोतों जैसे कुंए, तालाब, ट्यूबवेल आदि के पास में सीवर इत्यादि कोई गंदगी न जा पाये इस पर विशेष ध्यान दें। विभिन्न प्रकार की जल संरचनाओं (तालाब, नहर, बांध, आदि) के आसपास अतिक्रमण हो, तो उसको हटाने की कार्यवाही की जाए। अन्य जलाशयों में भी अगर जलकुंभी अथवा अन्य किसी भी प्रकार की गंदगी हो तो उसको भी हटाने की कार्यवाही की जाए।
बैठक में अशा. सदस्य प्रमोद भार्गव, आलोक एम इंदौरिया, पर्यावरणविद जितेन्द्र सिंह तोमर सहित सीईओ जिला पंचायत विजय राज, माधव नेशनल पार्क के उपसंचालक हरिओम, ईई पीएचई डी शुभम अग्रवाल, ईई डब्ल्यूआरडी विनोद शर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी डूडा सौरभ गौड़ सहित जिला वेटलैंड संरक्षण समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।