शिवपुरी। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, शिवपुरी शहर की कुंडली का विश्लेषण करते हुए डॉ. विकास दीप शर्मा (श्री मंशापूर्ण ज्योतिष) ने वर्ष 2026 के लिए महत्वपूर्ण भविष्यवाणियां की हैं। कन्या लग्न की इस कुंडली में लग्न में मंगल होने के कारण शिवपुरी एक व्यवस्थित और सेवाभावी शहर के रूप में विकसित होगा, लेकिन साथ ही प्रशासनिक दबाव और दुर्घटनाओं का सामना भी करना पड़ेगा।
2026 में ग्रहों की चाल और प्रभाव: ज्योतिष गणना के अनुसार, 10 जनवरी 2026 से 16 नवंबर 2026 तक बुध में सूर्य की अंतर्दशा रहेगी। यह समय शहर के प्रशासन के लिए अत्यंत कठोर रहेगा। कलेक्ट्रेट, पुलिस और नगर पालिका की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे अवैध निर्माण और कर चोरी करने वालों पर गाज गिर सकती है।
विकास और सकारात्मक पक्ष
शिक्षा व चिकित्सा: शहर में नए कोचिंग संस्थान, मेडिकल सुविधाएं और शिक्षण संस्थानों का विस्तार होगा।
व्यापार: होटल, टूरिज्म, कपड़ा और मोबाइल व्यापार में बड़ी वृद्धि के योग हैं।
पर्यटन: माधव राष्ट्रीय उद्यान और भदैया कुंड के कारण शहर को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिलेगी।
राजनीति: कुंडली का एकादश भाव मजबूत होने से किसी नए और युवा चेहरे का उदय होगा, जो शहर को नई दिशा देगा।
अशुभ संकेत और चुनौतियां: अष्टम चंद्रमा और द्वादश शनि के प्रभाव से शहर को कुछ कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा:
स्वास्थ्य: डेंगू, मलेरिया और जल जनित रोगों का खतरा बढ़ेगा।
हादसे: मंगल और सूर्य के प्रभाव से आगजनी और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका अधिक है।
मौसम: मानसून के दौरान भारी बारिश से जलभराव और अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है। राजनीति: शनि के न्यायकारी प्रभाव से किसी बड़े पद पर आसीन व्यक्ति को 'जेल योग' या कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
मासिक झलक: जनवरी से मार्च तक प्रशासन सख्त रहेगा और नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलेगी। अप्रैल और मई में भीषण जल संकट और आगजनी का खतरा रहेगा। जुलाई-अगस्त में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होगा, जबकि अक्टूबर से दिसंबर के बीच व्यापार और पर्यटन अपने चरम पर होंगे।
2026 में ग्रहों की चाल और प्रभाव: ज्योतिष गणना के अनुसार, 10 जनवरी 2026 से 16 नवंबर 2026 तक बुध में सूर्य की अंतर्दशा रहेगी। यह समय शहर के प्रशासन के लिए अत्यंत कठोर रहेगा। कलेक्ट्रेट, पुलिस और नगर पालिका की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे अवैध निर्माण और कर चोरी करने वालों पर गाज गिर सकती है।
विकास और सकारात्मक पक्ष
शिक्षा व चिकित्सा: शहर में नए कोचिंग संस्थान, मेडिकल सुविधाएं और शिक्षण संस्थानों का विस्तार होगा।
व्यापार: होटल, टूरिज्म, कपड़ा और मोबाइल व्यापार में बड़ी वृद्धि के योग हैं।
पर्यटन: माधव राष्ट्रीय उद्यान और भदैया कुंड के कारण शहर को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिलेगी।
राजनीति: कुंडली का एकादश भाव मजबूत होने से किसी नए और युवा चेहरे का उदय होगा, जो शहर को नई दिशा देगा।
अशुभ संकेत और चुनौतियां: अष्टम चंद्रमा और द्वादश शनि के प्रभाव से शहर को कुछ कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा:
स्वास्थ्य: डेंगू, मलेरिया और जल जनित रोगों का खतरा बढ़ेगा।
हादसे: मंगल और सूर्य के प्रभाव से आगजनी और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका अधिक है।
मौसम: मानसून के दौरान भारी बारिश से जलभराव और अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है। राजनीति: शनि के न्यायकारी प्रभाव से किसी बड़े पद पर आसीन व्यक्ति को 'जेल योग' या कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
मासिक झलक: जनवरी से मार्च तक प्रशासन सख्त रहेगा और नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलेगी। अप्रैल और मई में भीषण जल संकट और आगजनी का खतरा रहेगा। जुलाई-अगस्त में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होगा, जबकि अक्टूबर से दिसंबर के बीच व्यापार और पर्यटन अपने चरम पर होंगे।