शिवपुरी। शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना सीमा में स्थित शांति नगर में बीते रोज एक 18 साल की युवती अपने कमरे में रोशनदान से लटकी मिली,कमरे का गेट अंदर से बंद था,दीवार की ईंट हटाकर पुलिस को कमरे में प्रवेश करना पडा। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
शहर के फिजीकल क्षेत्र में शांति नगर मे निवास करने वाली कृष्णा खटीक (18) पुत्री नरेश खटीक ने सुबह घर का सारा काम निपटाया। इसके बाद उसने अपनी बीमार मां को घर के बाहर धूप में बैठाया और उन्हें प्रेमपूर्वक चाय पिलाई। किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि मां की सेवा करने वाली बेटी के मन में ऐसा आत्मघाती विचार चल रहा है। मां को चाय पिलाने के कुछ देर बाद वह चुपचाप कमरे के भीतर चली गई।
काफी देर तक जब कमरे से कोई आवाज नहीं आई और दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर फिजिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से मजबूती से बंद था, जिसके बाद पुलिस को कमरे की दीवार में लगी ईंटें हटानी पड़ीं। ईंटें हटाकर अंदर हाथ डालकर कुंडी खोली गई,तो कृष्णा रोशनदान से फंदे पर लटकी मिली,उसकी मौत हो चुकी थी।
शाम को हुआ अंतिम संस्कार पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मंगलवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार हुआ।
शहर के फिजीकल क्षेत्र में शांति नगर मे निवास करने वाली कृष्णा खटीक (18) पुत्री नरेश खटीक ने सुबह घर का सारा काम निपटाया। इसके बाद उसने अपनी बीमार मां को घर के बाहर धूप में बैठाया और उन्हें प्रेमपूर्वक चाय पिलाई। किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि मां की सेवा करने वाली बेटी के मन में ऐसा आत्मघाती विचार चल रहा है। मां को चाय पिलाने के कुछ देर बाद वह चुपचाप कमरे के भीतर चली गई।
काफी देर तक जब कमरे से कोई आवाज नहीं आई और दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर फिजिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से मजबूती से बंद था, जिसके बाद पुलिस को कमरे की दीवार में लगी ईंटें हटानी पड़ीं। ईंटें हटाकर अंदर हाथ डालकर कुंडी खोली गई,तो कृष्णा रोशनदान से फंदे पर लटकी मिली,उसकी मौत हो चुकी थी।
शाम को हुआ अंतिम संस्कार पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मंगलवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार हुआ।