मादा टाइगर का दहशत का सफर: 10 दिन से अखबारों की सुर्खी और गांवों में दहशत, रेस्क्यू ही विकल्प

Bhopal Samachar

काजल सिकरवार @ शिवपुरी। शिवपुरी माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से निकलकर बफर जोन में भ्रमण कर रही है बांधवगढ़ की आवारा मादा टाइगर एमटी-6 (MT-6) लगातार पब्लिक में दहशत फैला रही है। यह मादा टाइगर 1 जनवरी से लगातार प्रेस के लिए खबर दे रही है। अगर पिछले 10 दिनो की बात की जाए शिवपुरी जिले के हर अखबार और हर न्यूज पोर्टल पर अपनी दहशत के कारण खबरों पर स्थान बना रही है। पिछले 10 दिनो मे ग्वालियर के युवराज और महाराज का शिवपुरी दौरा भी हुआ है,इन दोनो से अधिक पीआर मादा टाइगर ने अपनी बनाई है। साफ शब्दों में लिखे तो पीआर में युवराज और महाराज की आगे रही है यह आवारा मादा टाइगर MT-6.............

यह मादा टाइगर जंगल में नहीं बल्कि पब्लिक के बीच अपनी टेरिटरी बना रही है। अभी तक इस मादा टाइगर ने एक इंसान को घायल किया है और बफर जोन में लगातार पशुओं का शिकार कर रही है। एक दिन ऐसा भी आ सकता है कि यह अपनी दहशत बरकरार रखने के लिए किस जिंदा मनुष्य को अपना शिकार बना सकती है,आम लोगो को जानवर के लिए प्रेम बच सके इसलिए अब इस मादा टाइगर का रेस्क्यू करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।  

रविवार को खुटैला में दहशत  
रविवार सुबह करीब 8 बजे मोहम्मदपुर खुटैला गांव उस समय थर्रा उठा, जब ग्रामीणों ने साक्षात मौत को अपने सामने देखा। गांव के लोग जब हैंडपंप पर पानी भरने गए थे, तभी वहां मादा टाइगर घूमती नजर आई। ग्रामीणों ने चीख-पुकार मचाई और भागकर अपनी जान बचाई।

गाय और बछड़े का शिकार, सरसों के खेत में डेरा
टाइगर ने गांव में घुसकर एक गाय और एक बछड़े का शिकार किया है। शिकार करने के बाद टाइगर पास ही लगे सरसों के ऊंचे खेतों में जाकर छिप गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरसों के पीले फूलों और टाइगर की खाल का रंग एक जैसा होने के कारण उसे देख पाना नामुमकिन हो रहा है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

टाइगर का 'टेरर रूट': डोंगर से मोहम्मदपुर तक
मादा टाइगर एमटी-6 पिछले कुछ दिनों से लगातार लोकेशन बदल रही है:
डोंगर गांव में 65 वर्षीय शिवलाल पाल पर हमला कर घायल किया।
सरदारपुर: मवेशियों का शिकार किया और कैमरे में कैद हुई।
सुरवाया: दो दिन पहले फोरलेन हाईवे के पास देखी गई।
मोहम्मदपुर: हाईवे क्रॉस कर अब रिहायशी बस्ती में दाखिल।

ग्रामीणों का आक्रोश और सहरिया क्रांति की चेतावनी
ग्रामीण अब अपने ही घरों और खेतों में जाने से डर रहे हैं। सुरक्षा के लिए लोग हाथों में लाठियां लेकर झुंड में निकल रहे हैं। इस बीच, 'सहरिया क्रांति' के कार्यकर्ताओं ने वन विभाग के अमले को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि टाइगर को जल्द ही रेस्क्यू कर घने जंगल में वापस नहीं छोड़ा गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

वन विभाग की लाचारी?
वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और लगातार मॉनिटरिंग का दावा कर रही है। लेकिन, खुलेआम घूम रही टाइगर और आए दिन हो रहे शिकार ने विभाग के सुरक्षा घेरे की पोल खोल दी है। अधिकारी केवल सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, जबकि ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।