Shivpuri News- डीपीसी अंगद सिंह तोमर का छापामार दौरा, कई शिक्षकों की गड़बड़ियां पकड़ी

शिवपुरी। डीपीसी शिवपुरी ने बुधवार को गुरावल और विलुखो में स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान गुरावट सेटेलाइट शाला शिक्षक मोबाइल में व्यस्त मिले तो बच्चे मस्ती  करने में। वहीं दूसरी ओर विलुखो स्कूल में ताले लटके मिले।

डीपीसी अंगद सिंह तोमर के अनुसार जब वह दोपहर 12 बजे विलुखो स्कूल पहुंचे तो वहां पर न तो कोई शिक्षक मौजूद था और न ही कोई विद्यार्थी स्कूल पर ताले लटके हुए थे। इसके अलावा स्कूल पर रंगाई.पुताई नहीं कराई थी और न ही कोई जानकारी अपडेट की गई थी।

ऐसे में उक्त स्कूल में पदस्थ स्टाफ की जानकारी संकलित कर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा रहा है। इसके अलावा वह जब सैटेलाइट शाला गुरावल पहुंचे तो स्कूल में 14 बच्चे उपस्थित थे। सभी बच्चे मस्ती करने में व्यस्त थे जबकि संस्था प्रभारी हरवीर सिंह गुर्जर बच्चों को पढ़ाने की बजाय मोबाइल चलाने में व्यस्त . थे।

यहां बच्चों का शैक्षणिक स्तर परखा गया तो ज्यादातर बच्चों को शैक्षणिक स्तर काफी न्यून पाया गया। कई बच्चों को गणित और हिन्दी की सामान्य से जानकारियां तक नहीं थीं। इसके अलावा इसी स्कूल में पदस्थ एक अन्य शिक्षिका रचना रमन शाला में उपस्थित नहीं थीं।

शाला प्रभारी ने बताया कि वह 20 व 21 दिसंबर के अवकाश पर गई हैं। उनके अवकाश का आवेदन भी स्कूल में मौजूद था, लेकिन उपस्थिती पंजी में सीएल नहीं चढ़ाई गई थीं।

डीपीसी के अनुसार प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। संभवतः यह आवेदन सिर्फ इसलिए रखा गया था ताकि कोई निरीक्षण में आता तो उससे बचाव हो सके। अगर इस दौरान कोई निरीक्षण पर नहीं पहुंचता तो शिक्षिका अवकाश से लौटकर रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर देतीं।

डीपीसी ने बताया कि लापरवाही का आलम यह था कि शाला प्रभारी स्कूल में उपस्थित तो थे परंतु दोपहर तक उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर तक नहीं किए थे।


डीपीसी जब माध्यमिक विद्यालय गुरावल में पहुंचे तो यहां दर्ज 209 विद्यार्थियों में से सिर्फ 105 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इसके अलावा यहां कुछ माह पहले ही ज्वाइन हुए शिक्षक कमलेश कुमार अग्निहोत्री मेडिकल अवकाश पर मिले। शिक्षक ने स्कूल में 17 अगस्त 2022 को ज्वाइन किया था।

इसके बाद रजिस्टर पर उनके सिर्फ सात दिन ही हस्ताक्षर हुए है। 10 अक्टूबर 2022 से तो शिक्षक स्कूल आए ही नहीं हैं। स्कूल में मौजूद शिक्षकों के अनुसार हर बार अवकाश के लिए उनका मेडिकल आ जाता है। डीपीसी का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में संकुल केंद्र प्रभारी व बीईओ को बता दिया है कि यह स्कूल से नदारद हैं।

बकौल डीपीसी वह इस बात की जांच करवा रहे हैं कि उक्त शिक्षक के पास इतने मेडिकल अवकाश आ कहां से गए और इनकी वेतन निकल रही है या नहीं, उनका कहना है कि वह मामले में कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे। उक्त शिक्षक पूर्व में कहीं और पदस्थ था और कई सालों तक निलंबित रहा था।