बिरसा मुंडा जयंतीः पीजी काॅलेज में मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस, हुए यह कार्यक्रम- Shivpuri News

शिवपुरी।
ब्रिटिश हुकूमत के दौर में जनजाति समाज जिस सांस्कृतिक आक्रमण, राजस्व और विस्थापन से संबंधित आक्रमण से जूझ रहा था, उसके खिलाफ संघर्ष को नेतृत्व देने का काम, ट्रायबल मूवमेंट को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारत की आजादी के संघर्ष से जोड़ने का काम भगवान बिरसा मुंडा ने किया

उक्त विचार शासकीय पीजी कॉलेज शिवपुरी की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष अमित भार्गव ने जनजाति गौरव दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर दिग्विजय सिंह सिकरवार ने कहा कि मिशनरियों के छल और छद्म से धर्मांतरण के अभियान के खिलाफ संघर्ष करते हुए

भगवान बिरसा मुंडा ने जनजाति समाज के लोगों को भारत की मूल सांस्कृतिक धारा से जोड़ने के लिए उलगुलान अर्थात क्रांति को अपना बेजोड़ नेतृत्व दिया अंग्रेज हुकूमत के पास आधुनिक बंदूकें थीं, एनफील्ड राइफल्स थीं। आदिवासियों के पास तीर, कमान, धनुष, भाले थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर महेंद्र कुमार ने बिरसा मुंडा के ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष की घटनाओं को याद कर विशेषकर जन, जंगल, जमीन और आजादी के लिए उनके योगदान को रेखांकित किया,कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र के प्रोफेसर अरविंद कुमार शर्मा ने किया

व्याख्यान कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ के सदस्य प्रो. पुनीत कुमार, प्रो. गजेंद्र सक्सेना, प्रो. गुलाब सिंह, लाइब्रेरियन नरपिंदर सिंह, स्पोर्ट्स ऑफिसर पूनम सिंह समेत कॉलेज स्टाफ के साथ अभाविप छात्रनेता आदित्य पाठक एवं कॉलेज विद्यार्थी उपस्थित थे।