7 मंत्रियों वाले शिवपुरी जिले में मंत्रियों के निर्देशों का पालन नहीं: कई उदाहरण सामने खड़े हैं Ex-Rey @Lalit Mudgal- Shivpuri News

शिवपुरी।
मप्र में विधानसभा चुनाव में मात्र एक वर्ष का समय रह गया हैं। भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं। सरकार भी कमर कस कर मैदान में उतर गई हैं,किसी भी प्रकार से सत्ता में वापसी करनी हैं। सुशासन और विकास का वादा लेकर भाजपा मैदान में उतरेगी। सरकार का कहना है कि हमारे सुशासन में एक आम नागरिक की भी सुनवाई होती हैं लेकिन 7 मंत्रियों वाले शिवपुरी जिले में प्रशासन का खेल निराला है यहां मंत्रियों की आदेशो और निर्देशों का पालन नहीं होता हैं,पर्याप्त उदाहरण हमारे सामने खडे है आइए 7 मंत्रियों वाले जिले में मंत्रियों के आदेशों और निर्देशों का एक्सरे करते हैं।

शिवपुरी में हैं 7 मंत्रियों का सीधा प्रभाव

शिवपुरी की विधायक यशोधरा राजे सिंधिया मप्र शासन में कैबिनेट मंत्री पर पर सुशोभित है। शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया मप्र शासन में कैबिनेट मंत्री हैं। पोहरी के विधायक सुरेश राठखेड़ा मप्र शासन के राज्यमंत्री है,वही पोहरी के पूर्व विधायक प्रहलाद भारती,पोहरी के भूतपूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे,करैरा के पूर्व विधायक जसवंत जाटव और करैरा से पूर्व विधायक रमेश खटीक राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त हैं।

प्रभारी मंत्री के यहां आदेश अभी तक पूरे नहीं

प्रभारी मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने जिले को नशे और अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए शिवपुरी जिले के प्रशासन को आदेश दिए थे लेकिन बदरवास क्षेत्र के रैझा घाट पर बदरवास तहसीलदार के साथ मारपीट की घटना सिद्ध करती है कि जिले में अवैध उत्खनन जोरो पर हैं। वही अब नशा पाठशाला तक पहुंच चुका हैं,नशेडी स्कूल में बैठकर नशा कर रहे हैं।

प्रभारी मंत्री ने शिवपुरी में अवैध कॉलोनियों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी कालोनीनाईजर के नाम एसडीएम दफ्तर से बाहर नहीं निकले हैं। वही पिछोर के दौर में मंत्री महोदय ने 8 आदेश पब्लिक में दिए थे प्रशासन ने एक भी आदेश पर कार्रवाई नहीं की। भाजपा पिछोर सीट के लिए संघर्ष कर रही हैं ऐसे में पिछोर में दिए गए इन आदेशों का पालन ना होना भाजपा के लिए अच्छी बात नहीं हैं।

शिवपुरी में सरकार का दूसरा रूप है यशोधरा राजे सिंधिया

शिवपुरी जिले में यशोधरा राजे सिंधिया का निर्देश शिवपुरी में चुनाव आयोग की तरह होता है जैसे इलेक्शन में इलेक्शन कमीशन के आदेश देने की छोडो सोचने पर पर कार्यवाही हो जाती है ऐसे ही शिवपुरी में यशोधरा राजे सिंधिया के निर्देशों का पालन होता था लेकिन एक मुरम के मामले में खेल मंत्री के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा हैं।

मामला कम से कम शब्दों में समझाने का प्रयास करते हैं
ककरवाया में अवैध कॉलोनी काट रहे कॉलोनाइजर द्वारा सरकारी सर्वे से मुरम उत्खनन करके रोड बना दी थीं। मीडिया ने इस मामले का प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले के उजागर होने के बाद खेल मंत्री एवं स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह को पत्र लिखा। मंत्री के पत्र पर तुरंत कार्रवाई नहीं की।

तहसीलदार नरेश चंद्र गुप्ता मंगलवार को अधीनस्थ अमले और खनिज निरीक्षक सुरेंद्र पटेल के संग मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के बाद लौट आए। तहसीलदार गुप्ता से बुधवार को कार्रवाई के संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि खनिज विभाग इस मामले में कार्रवाई कर रहा है।

जब माइनिंग इंस्पेक्टर सुरेंद्र पटले को जानने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका। इस मामले में सूत्रों का कहना कि अब गेंद इस विभाग से उस विभाग की ओर उछाली जाऐगी। सरकारी जमीन से मुरम सरेआम खोद ली गई और प्रशासन सोता रहा अब चोर कौन है पता नहीं कर पा रहा है।

दर्जा प्राप्त मंत्री को तो प्रोटोकॉल ही नही

शिवपुरी में चार दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हैं,मंत्रियों को प्रोटोकॉल भी नहीं मिल पा रहा है ताजा मामला करैरा के पूर्व विधायक रमेश खटीक जो दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री है उन्हें तो प्रोटोकॉल ही उपलब्ध नहीं हो सका। जैसा कि विदित है कि राज्य स्तरीय स्कूल हैंडबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में बिना पूर्व सूचना के अनुसूचित जाति एवं वित्त विकास निगम को उपाध्यक्ष मंत्री का दर्जा प्राप्त पूर्व विधायक रमेश खटीक जा पहुंचे।

रमेश खटीक के आगमन से पूर्व आयोजक समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा को मुख्य अतिथि घोषित कर चुके थे और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश सिंह चंदेल कर रहे थे। ऐसे में अचानक मंत्री का दर्जा प्राप्त रमेश खटीक के आगमन से आयोजक अक बका गए वे क्या करें क्या न करें यह उन्हें समझ नहीं आ रहा था।

बीच मंत्री का दर्जा प्राप्त रमेश खटीक को मंच पर तो आसीन किया गया लेकिन वे मुख्य अतिथि या कार्यक्रम के अध्यक्ष के तौर पर प्रोटोकॉल अनुरूप पदीय हैसियत से मिलने वाले सम्मान से वंचित रह गए। इस बीच शिवपुरी एसपी अपना उद्बोधन देकर कार्यक्रम के बीच से उठ कर चले गए और मंत्री का दर्जा प्राप्त रमेश खटीक मंच पर ही बैठे रहे।

हालांकि बाद में आयोजकों ने रमेश खटीक के जरिए खेल प्रतियोगिता के विजेता उप विजेताओं को पुरस्कार वितरण कराया, लेकिन इसके बाद एकाएक रमेश खटीक भी मंच से उतरकर अपनी गाड़ी में बैठ समर्थकों के साथ वहां से कार्यक्रम को चलता छोड़ निकल गए।

इस संबंध में शिक्षा विभाग के आयोजक मंडल से जुड़े लोगों का कहना था कि मंत्री जी का कार्यक्रम एकाएक बनने से उन्हें मुख्य अतिथि का दर्जा भले ही ना दिया जा सका हो लेकिन वह हमारे स्पेशल गेस्ट थे।

सरकुला डेम पोहरी:नही सरक रहा काम,उपचुनाव में भूमि पूजन

वैसे तो पोहरी विधायक और मप्र में राज्य मंत्री सुरेश राठखेडा की कुर्सी ही खतरे हैं। सीएम शिवराज चुनाव को लेकर मंत्रियों के कामकाज की लिस्ट को लेकर बैठे है उसमें से कुछ मंत्रियों के पदों पर कैंची चलाई जानी हैं इस कट लिस्ट में सुरेश राठखेडा का नाम हैं लेकिन सुरेश राठखेडा अपना विधानसभा का उपचुनाव मंत्री पद से सुशोभित होकर लड़े थे। उप चुनाव से पूर्व पोहरी के सरकुला डेम का भूमिपूजन सीएम शिवराज और ग्वालियर के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथो हुआ था।

पोहरी लोगो को लग रहा था कि अब शायद सरकुला का काम सरपट दौड़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकुला का काम सरक ही नहीं रहा है बल्कि डीपीआर को लेकर विवादों में भी आ गया। वही शिवपुरी शहर का पोहरी रोड पर रेलवे पटरी के ऊपर से बनने वाले ओवरब्रिज का मंत्री महोदय केवल भूमिपूजन ही कर सके। पुल के निर्माण का काम अभी शुरू नहीं हुआ हैं।

बैराड में अभी हाल में किसानों को अपनी नहर के सुधार को लेकर 3 दिन तक भूखा रहना पडा। वही खाद की किल्लत को लेकर पोहरी तहसील पर हंगामा करना पडा। पोहरी की राजनीति की जमीन पर राजनीति की शुरुआत पूर्व विधायक प्रहलाद भारती और भूतपूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे भी दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हैं किसान उनके भी समर्थक या वोटर रहे होंगे लेकिन किसानों को अपनी लड़ाई स्वयं लडनी पडी यह भाजपा का सुशासन नही हो सकता हैं। पोहरी से 3 मंत्री वाली जमीन पर किसान आंदोलन कर रहे हैं इसका यही मतलब हो सकता है कि पोहरी में प्रशासन मंत्रियों पर हावी हैं।