शिवपुरी। सरकारी स्कूल के संसाधनों और अपनी मेहनत के दम पर भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में परचम लहराया जा सकता है। शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय (सदर बाजार) की छात्रा आरूषी भागोरिया ने JEE Mains में शानदार सफलता पाकर यह साबित कर दिया है। बिना भारी-भरकम फीस चुकाए और केवल स्व-अध्ययन (Self-study) के बल पर प्राप्त आरूषी की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल बन गई है।
खास बात यह रही कि आरूषी ने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, स्व अध्ययन और विद्यालयीन मार्गदर्शन के बल पर प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बीच आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो राह खुद बन जाती है।
आरूषी की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। पिता अनिल भागोरिया 'विद्रोही' ने बताया कि बेटी शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही है। उसने नियमित रूप से अध्ययन किया और समय प्रबंधन को अपनी सफलता की कुंजी बनाया।
विद्यालय परिवार ने भी आरूषी की सफलता पर गर्व व्यक्त किया है। प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कहा कि आरूषी विद्यालय की मेधावी छात्राओं में से एक है। उसकी मेहनत और लगन अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। शिक्षकों का मानना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी यदि दृढ़ निश्चय कर लें तो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आरूषी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और नियमित स्वअध्ययन को दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन निर्धारित समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई की और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया। मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
जिला शिवपुरी के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय है। स्थानीय नागरिकों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने आरूषी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आरूषी का सपना आगे चलकर एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश लेकर तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना है। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।बिना कोचिंग के प्राप्त की गई यह सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
खास बात यह रही कि आरूषी ने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, स्व अध्ययन और विद्यालयीन मार्गदर्शन के बल पर प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बीच आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो राह खुद बन जाती है।
आरूषी की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। पिता अनिल भागोरिया 'विद्रोही' ने बताया कि बेटी शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही है। उसने नियमित रूप से अध्ययन किया और समय प्रबंधन को अपनी सफलता की कुंजी बनाया।
विद्यालय परिवार ने भी आरूषी की सफलता पर गर्व व्यक्त किया है। प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कहा कि आरूषी विद्यालय की मेधावी छात्राओं में से एक है। उसकी मेहनत और लगन अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। शिक्षकों का मानना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी यदि दृढ़ निश्चय कर लें तो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आरूषी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और नियमित स्वअध्ययन को दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन निर्धारित समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई की और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया। मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
जिला शिवपुरी के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय है। स्थानीय नागरिकों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने आरूषी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आरूषी का सपना आगे चलकर एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश लेकर तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना है। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।बिना कोचिंग के प्राप्त की गई यह सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।