अब गोली नहीं मारी जायेगी सुअरों को, दीपावली के बाद होगें ट्रांसपोर्ट- Shivpuri News

शिवपुरी।
नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने बताया कि सूअर पकड़ने के टेंडर नगर पालिका स्वीकृत कर चुकी है और शीघ्र ही सूअर पकड़ने का काम ठेकेदार द्वारा किया जाएगा। सुअरों को पकड़कर उन्हें 100 किमी दूर छोड़ा जाएगा। बकौल नपाध्यक्ष सुअरों का शूटआउट नहीं होगा।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह प्रक्रिया पूर्ण रूप लेगी। क्या शिवपुरी शहर की जनता को सुअरों से मुक्ति मिलेगी। शहर की जनता आवारा सुअरों की बेदखली का बेसब्री से इंतजार कर रही है। हालांकि नगर पालिका पहले सुअरों का शूटआउट भी करा चुकी है। लेकिन उसके बाद भी इस समस्या का निदान नहीं निकला तो इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सुअर पालक नगर पालिका को सहयोग नहीं दे रहे और नगर पालिका भी उनसे सहयोग नहीं ले पा रही।

शहर में पिछले वर्षों में सुअरों का शूटआउट हुआ था। हजारों सूअर मार दिए गए थे और लाखों रुपए का भुगतान नगर पालिका से ठेकेदार ने लिया था। लेकिन उसके बाद भी सुअरों से शहर को मुक्ति नहीं मिल सकी थी। सुअरों के शूटआउट का धार्मिक जनता ने विरोध भी किया था।

जिससे नगर पालिका के हाथ पैर ढीले पड़ गए थे। जिसका परिणाम यह हुआ कि आज शहर में 20 हजार से अधिक सुअर हैं और कोई भी गली मोहल्ला ऐसा नहीं है जहां सैकड़ों की संख्या में सुअरों का जमावड़ा न लगता हो। सुअर समस्या को लेकर शहर के कुछ नागरिक हाईकोर्ट भी गए और हाईकोर्ट ने भी नगर पालिका को शहर को सुअरों से मुक्त करने के लिए कहा।

हाईकोर्ट के आदेश के तारतम्य में नगर पालिका ने आवारा सुअरों को सुरक्षित तरीके से शहर से बाहर छुड़ाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। सुअरों को शहर से 100 किमी दूर छुड़वाया जाएगा। अपुष्ट जानकारी के अनुसार प्रति सुअर भाड़ा 60 रुपए निर्धारित किया गया है। ठेकेदार अपनी टीम और संसाधन से सूअरों को पकड़कर शहर से दूर ले जाकर छोड़ेगा।

ठेकेदार को सुअरों से शहर को मुक्त कराने हेतु एक साल की समय सीमा निर्धारित की गई है। नगर पालिका का अनुमान है कि शहर में 12 से 13 हजार सुअर हैं। जबकि माना जा रहा है कि सुअरों की संख्या 20 हजार से कम नहीं है। नगर पालिका की पहली बैठक में पार्षदों ने भी शहर को सुअर मुक्त बनाने की मांग की। तब सीएमओ ने टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी थी।