बदरवास शिक्षा संकुल केंद्र को खत्म कर 50 किलोमीटर दूर इंदार में किया विलय- Badarwas News


बदरवास। शिक्षा विभाग नित नए आदेश निकालकर तुगलकी फरमान जारी कर रहा है जो कि विभाग और शिक्षकों को परेशानी पैदा करने वाले साबित हो रहे हैं।हाल ही में शिवपुरी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एक मनमाना और बेतुका आदेश जारी किया है जिसमें लगभग डेढ़ सैकड़ा विद्यालय वाले बदरवास संकुल केंद्र को खत्म कर इंदार संकुल केंद्र में विलय कर दिया है।

जिससे सैकड़ों कर्मचारी शिक्षक पशोपेश में हैं कि इतनी दूर से कैसे व्यवस्था संचालित होंगी।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिला शिक्षाधिकारी ने दिनांक 6 अक्टूबर को आदेश क्रमांक 20227176 जारी किया है जिसमें बदरवास संकुल केंद्र को खत्म कर इसके लगभग डेढ़ सैकड़ा विद्यालय और दो सैकड़ा से अधिक शिक्षक,कर्मचारियों को इंदौर स्कूल में विलय कर दिया गया है जिससे अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।

गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में शिक्षा के विकेंद्रीकरण और सरलीकरण तथा कर्मचारियों की सुविधा के लिए संकुल व्यवस्था लागू है। बदरवास विकासखंड को तीन संकुल केंद्रों बदरवास,इंदार और रन्नौद में बांटा गया है। बदरवास का शासकीय उत्कृष्ट उमावि संकुल केंद्र था जिसे सीएम राइज विद्यालय बना दिया है जिसके कारण गत दिनों शासकीय कन्या उमावि बदरवास को संकुल केंद्र बना दिया गया था। लेकिन गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी संजय श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से एक आदेश जारी हुआ है जिसमें बदरवास संकुल केंद्र को खत्म कर इसके अंतर्गत आने वाले लगभग डेढ़ सौ विद्यालयों को सुदूर स्थित इंदार संकुल केंद्र में विलय कर दिया गया है।

हास्यापद और परेशानी पैदा करने वाले इस आदेश से जहां शिक्षक और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है और उनकी परेशानी भी बढ़ गई है की बदरवास संकुल के विद्यालयों से इंदार की न्यूनतम दूरी 28 किलोमीटर और सुदूर वनांचल में स्थित विद्यालयों से 60 किलोमीटर तक की दूरी पर शिक्षक अपने काम को लेकर कैसे जायेंगे।

डीईओ द्वारा जारी आदेश बड़ा विचित्र भी है क्योंकि विकासखंड मुख्यालय के संकुल केंद्र को खत्म कर बहुत दूर ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन विहीन गांव इंदार में विलय कर देना है। वहीं दूसरी ओर डीईओ ने हाल ही में एक आदेश और जारी किया है जिसमें शिक्षक और कर्मचारियों को आदेशित किया गया है कि अगर उन्हें अवकाश लेना है तो संकुल प्राचार्य से स्वीकृत करवाकर ही अवकाश पर जा सकेंगे।

अब प्रश्न ये उठता है कि अगर शिक्षक को आवश्यक कार्य आ गया तो 28 से लेकर 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित इंदार जाकर अवकाश कैसे स्वीकृत होगा साथ ही संकुल केंद्र से विद्यालयों को बहुत से ऐसे कार्य होते हैं जिनके कारण संकुल पर आना जाना बना रहता है फिर इतनी दूर स्थित इंदार संकुल केंद्र तक शिक्षक कैसे आ जा पाएंगे।

गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व बदरवास के उत्कृष्ट उमावि से शासकीय कन्या उमावि को नया संकुल केंद्र बनाया गया था लेकिन ऐसा कौन सा कारण बन गया कि आनन फानन में कन्या उमावि को हटाकर संकुल केंद्र इंदार कर दिया गया है। जबकि संकुल के समस्त अधिकार बीईओ को हैं और इनको संकुल का प्रभार दिया जा सकता है लेकिन डीईओ के अजीबोगरीब आदेश से हड़कंप मच गया है।

प्रदेश भर के सीएम राइज विद्यालयों में संचालित संकुल केंद्रों को अन्य संकुल केंद्र पर स्थानांतरित किया गया है। शिक्षा विभाग को जब पता है कि सीएम राइज विद्यालय होने से संकुल केंद्र हट गए हैं तो भोपाल स्तर से ही पूर्व में नवीन संकुल केंद्र क्यों नहीं बनाए गए।

शिवपुरी डीईओ द्वारा बदरवास संकुल केंद्र को खत्म कर इंदार संकुल केंद्र में विलय करने के जारी आदेश से जहां शिक्षकों में हड़कंप है वहीं इंदार संकुल पर दो संकुलों की व्यबस्था कैसे संचालित होगी और कैसे सम्हलेगी।

जिला शिक्षाधिकारी संजय श्रीवास्तव से बातचीत

सवाल– बदरवास ब्लॉक मुख्यालय के संकुल केंद्र को हटाकर 28 से 60 किलोमीटर दूर इंदार में क्यों विलय किया गया।
जवाब– ये सरकार की व्यवस्था है जिसमें बदरवास संकुल केंद्र सीएम राइज हो गया है जिससे संकुल हटाना पड़ा।

सवाल– इतनी दूर शिक्षक और कर्मचारी अपने काम के लिए कैसे जायेंगे।
जवाब–हमारे पास बदरवास संकुल केंद्र को इंदार संकुल में विलय के अलावा कोई रास्ता नहीं था। इस संबंध में विभाग को भोपाल जानकारी भेजी गई है।

सवाल–बीईओ बदरवास को भी संकुल का प्रभार दिया जा सकता था।
जवाब– ऐसा कोई नियम या आदेश नहीं है।आगे ऐसा हो सकता है।
सवाल– आपका आदेश है कि संकुल प्राचार्य से स्वीकृत होने पर ही अवकाश ले सकेंगे तो फिर इतनी दूर अवकाश स्वीकृति हेतु कर्मचारी शिक्षक कैसे जायेंगे।
जवाब– इसके लिए व्हाट्सएप से भी सूचना भेज सकेंगे।