रातो रात स्थापित हो गए क्रांतिकारी बिरसा मुंडा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा में अवैध रूप से महापुरुषों की प्रतिमाओ को स्थापित करने का फैशन चल गया है। पिछले 2 वर्ष में लगभग आधा दर्जन महापुरुषों की प्रतिमाओं को बिना किसी शासकीय स्वीकृति के स्थापित कर दिया गया हैं। शिवपुरी पुलिस अज्ञात पर FIR कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती हैं। आज रात फिर पिछोर के चंदेरी रोड पर क्रांतिकारी क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की प्रतिमा को स्थापित कर दिया हैं।

जानकारी मिल रही हैं कि पिछोर के चंदेरी मार्ग के नया चौराहे पर क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की प्रतिमा बीते रात अज्ञात लोगों ने लगा दी। सुबह जब कुछ राहगीर इस चौराहे से होकर गुजरे तब एकाएक प्रतिमा को चौराहे पर देखा।

प्रतिमा लगाने की सूचना पिछोर थाना पुलिस सहित प्रशासन को मिली, तो वह मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि मौके पर कई आदिवासी भी मौजूद थे प्रशासन ने आदिवासियों को प्रतिमा हटाने की बात कही। आदिवासियों ने कहा कि इससे पहले भी कई प्रतिमाओं को अवैध रूप से रखा गया है, उन प्रतिमाओं को हटाने के बाद भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को वह खुद ही हटा लेंगे, लेकिन इससे पहले अवैध रूप से लगाई गई प्रतिमाओं का हटाएं।

पिछोर में मूर्ति रखने चलन बरकरार

पिछोर अनुविभाग के चौक चौराहों पर प्रतिमा रखने का यह पहला मामला नहीं हैए इससे पहले भी कई प्रतिमाओं को चौक चौराहों पर लगाया जा चुका है। हालांकिए जो प्रतिमाओं को चौक चौराहों पर रखा जाता है वह या तो स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए होते हैं या फिर संविधान से जुड़े हुए होते हैं। खास बात यह है कि इन प्रतिमाओं को उन्हीं के समाज से जुड़े हुए लोग रखते हैं।

पिछोर अनुविभाग क्षेत्र में बीते महीने स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे की मूर्ति लगा दी थी, इससे पहले वीरांगना रानी अवंती बाई, वीरांगना अहिल्याबाई, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं अवैध रूप से रखी जा चुकी हैं। आज एसटी वर्ग ने महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की प्रतिमा को पिछोर से 10 किलोमीटर दूर चंदेरी मार्ग पर नया चौराहे पर रख दिया है।

मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद है स्थिति सामान्य बनी हुई। इस पूरे मामले पर पिछोर एसडीओपी दीपक तोमर ने कहा कि नया चौराहे की जांच की जा रही है कि किन लोगों ने मूर्ति रखी है।

यह है सुप्रीम कोर्ट का आदेश

उच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश शासन को आदेशित किया था कि 18 जनवरी 2013 के बाद किसी भी चौराहे पर लगी कोई भी मूर्ति हटा दी जाए। यह फैसला राजधानी भोपाल के टीटी नगर चौराहे पर लगाई गई पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की मूर्ति के मामले में उपस्थित हुए विवाद की सुनवाई के बाद दिया गया था।

याचिका में कहा गया था कि ये प्रतिमा 18 जनवरी 2013 के बाद लगाई गई है। तब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रदेश में चौक और सार्वजनिक स्थलों पर मूर्ति या प्रतिमा लगाने पर रोक लगा दी थी।