Shivpuri News- शिव के कहने पर माने रामजीः पढ़िए बीती रात कैसे फाइनल हुआ गायत्री का नाम

Ex-Rey ललित मुदगल @ शिवपुरी।
पिछले 60 दिनों से चलने वाली शिवपुरी की नगर पालिका अध्यक्ष की पटकथा का अब अंत हो गया है। भाजपा शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिए,लेकिन अध्यक्ष के लिए जो  नाम गायत्री शर्मा के रूप में आया जो एकदम से चौंकाने वाला था क्यों की 60 दिन की फिल्म में गायत्री शर्मा अध्यक्ष पद के लिए सोचा भी नही था जिनके नाम प्रबलता से चल रहे थे वह अब साइट के किनारे हो गए।

यह राजनीतिक घटनाक्रम नगर सरकार चुनने से लगभग 16 घंटे पूर्व घटा। इस घटनाक्रम को उल्लेख करने से पूर्व कम शब्दों मे यहां जिक्र करना उचित होगा। नगर पालिका अध्यक्ष के लिए सबसे बडा नाम दीप्ति भानू था,लेकिन सरोज रामजी व्यास लगातार अपनी दावेदारी कर रही थी। सरोज राम जी व्यास की नगर सरकार की व्यास गद्दी पर विराजमान होने की लालसा भाजपा को परेशान कर रही थी।

शिवपुरी विधायक और प्रदेश मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की दीप्ति भानू दुबे पहली पसंद थी,वह लगातार प्रयास कर रही थी कि कैसे भी दीप्ति भानू दुबे अध्यक्ष बन जाए लेकिन सरोज रामजी व्यास के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। वह लगातार भाजपा कांग्रेस और निर्दलीय के ऐसे पार्षदों के संपर्क में थे जो व्यक्तिगत रूप से दीप्ति दुबे के पति भानू दुबे को स्वीकार नही कर पा रहे थे। भाजपा अगर दीप्ति भानू दुबे को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित करती तो शायद बडी बगावत हो सकती थी।

इसलिए एक एक पार्षद से व्यक्तिगत चर्चा की गई,फिर भी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थीं। बीते रोज शाम से ही यशोधरा राजे सिंधिया इस चुनाव को लेकर शिवपुरी में ही थी,अचानक राजे रामजी व्यास के घर जाने की खबर सोशल पर फोटो के साथ वायरल होने लगी। यशोधरा राजे सिंधिया रामजी व्यास के 9 बजे पहुंची और रात 11 बजे वापस आई।

इस दो घंटे की हलचल पर पूरे शहर की नजर रही,फेसबुक पर सिर्फ यही चर्चा थी। बताया जा रहा है कि रामजी व्यास के धर एक बंद कमरे में राजे,रामजी व्यास और उनकी पत्नी सरोज रामजी व्यास में चर्चा हुई। शिवपुरी के नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव पर प्रदेश स्तरीय नेताओं तक की नजर थी,बताया जा रहा है कि राम जी व्यास दीप्ति भानू दुबे पर राजी नहीं थे। इस कारण गायत्री शर्मा के नाम पर सहमति बन गई और सरोज रामजी व्यास उपाध्यक्ष के नाम पर।

यह तक बताया जा रहा हैं कि इस मान मनोबल में इस स्थिति में प्रदेश स्तरीय नेताओं को भी फोन पर चर्चा करना पडा,कहा तो यह भी जा रहा है कि इस प्रदेश को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राम जी व्यास से फोन पर बात की जब इस 2 घंटे के मंथन में गायत्री शर्मा का नाम फाइनल हुआ हैं वही रामजी व्यास के राजनीतिक आका नरेन्द्र सिंह तोमर को भी इस बात के लिए राजी किया गया।