रन्नोद में BJP का अध्यक्ष निर्विरोध लेकिन उपाध्यक्ष हार गया, पढ़िए पर्दे के पीछे क्या हुआ

कोलारस। कोलारस विधानसभा में आने वाली नई नवेली रन्नौद नगर परिषद में भाजपा ने अपना अध्यक्ष निर्विरोध बना लिया लेकिन भाजपा का उपाध्यक्ष जो कांग्रेस से आयतित किया था वह 7 वोट से हार गया और निर्दलीय रूप से उपाध्यक्ष पद खडे हुए अमित गालू बोहरी विजयी हुए हैं। भाजपा ने कुछ दिन पूर्व ही कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीतकर आई पार्षद भावना राजेश केवट को उपाध्यक्ष के पद पर अचानक अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था,इस कारण भाजपा के पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर दी।

रन्नौद निकाय चुनाव में भाजपा बहुमत में थी लेकिन भाजपा को पर संकट भी आ गया था। रन्नौद में अध्यक्ष पद के लिए पिछड़ा महिला के लिए सीट आरक्षित थी। भाजपा ने अपने अध्यक्ष के पद के दावेदार के रूप में वार्ड क्रमांक 10 से प्रियंका यादव का चुनाव लडाया था,प्रियंका के खिलाफ कांग्रेस की ओर से इस वार्ड में भावना केवट चुनाव लडी जिसके परिणाम स्वरूप यहां भाजपा प्रत्याशी प्रियंका यादव 35 मतो से चुनाव हार गई,प्रियंका यादव भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद की बडी दावेदार थी,इस स्थिति में भाजपा के पास एक मात्र ही प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए शेष थी वह थी वार्ड क्रमांक 4 से विजयी होकर आई राजकुमारी कुशवाह।

रन्नौद नगर परिषद के 15 वार्डों में 10 वार्डों पर भाजपा के पार्षदों ने जीत दर्ज कराई। जिसमें 3 पार्षद निर्दलीय जीते और कांग्रेस के महज दो पार्षद जीते थे। भाजपा के पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल था। भाजपा ने अध्यक्ष पद के मेंडेट दिया वार्ड क्रमांक 4 से जीतकर आई राजकुमारी कुशवाह को। कांग्रेस के पास पर्याप्त बल नहीं था इस कारण राजकुमारी कुशवाह निर्विरोध अध्यक्ष विजयी हुई

उपाध्यक्ष में भाजपा के प्रत्याशी की करारी हार,निर्दलीय विजयी
 भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल था फिर भी भाजपा ने रन्नौद निकाय चुनाव में विजयी होकर आई वार्ड क्रमांक 10 से भावना केवट को भाजपा में शामिल कर लिया और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव में खडा कर दिया। यह सीन भाजपा पार्षदों को समझ नहीं आया इसलिए वार्ड 9 से निर्विरोध पार्षद बने अमित बोहरे ने उपाध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय के रूप में अपना फार्म भर दिया,इस चुनाव का परिणाम भाजपा के लिए भारी रहा,अमित बोहरे को 11 वोट मिले वही भाजपा की प्रत्याशी को महज 4 वोट मिले।

रन्नौद की राजनीति में अहम स्थान है,अमित बोहरे
अमित बोहरे शुरू से भाजपा की ओर से उपाध्यक्ष बनने की तैयारी में थे और इस कारण ही वह निर्विरोध चुनाव जीते थे। वार्ड क्रमांक 9 से अमित बोहरे के खिलाफ कांग्रेस के प्रत्याशी ने अपना फार्म वापस खीच लिया था इस कारण ही अमित बोहरे निर्विरोध चुनाव जीते। अब बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजू बाथम ने उपाध्यद पद के लिए जो  मेंडेड   जारी किया था वह हस्तलिखित था,जिले के सभी निकाय चुनावों में यह पहला  मेंडेड   था जो हस्तलिखित था कई सवाल इस निर्णय पर उठाए जा रहे है दबी जुबान में कहा जा रहा है कि वह अपनी जाति की ओर झुक गए इसलिए उन्होंने कांग्रेस के आयतित प्रत्याशी को उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया जो बुरी तरह से पराजित हो गया।