सोशल का सहारा लेकर बेटे ने कराई रुपये के लिए पिता की हत्या,नाबालिग गैंगस्टर ने मारी गोली- Pichhore News

शिवपुरी। पिछोर पुलिस ने पिछोर कस्बे में रहने वाले महेश गुप्ता की हत्या 21 जुलाई की आधी रात घर में गोली लगने के कारण हो गई थी। इस हत्याकांड को पुलिस ने ट्रेस कर लिया और हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्याकांड में सबसे अहम यह हैं कि इस हत्याकांड को सोशल मीडिया से प्लान कर बनाया और सोशल मीडिया पर पेशेवर हत्या करने वालो से संपर्क किया गया और पिछोर बुलाकर पिता की हत्या कराई गई। अपने पिता की हत्या करने का मुख्य कारण 1 करोड़ रूपए बताए जा रहे है।

यह था मामला
पिछोर नगर की नगरिया कॉलोनी में निवास करने वाले महेश गुप्ता की 21 जुलाई की आधी रात घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी,महेश गुप्ता अपने घर की तीसरी मंजिल पर सो रहे थे। महेश गुप्ता के छोटे बेटे अंकित गुप्ता उर्फ संतोष ने पुलिस को बताया कि मेरे पिता सुबह सुबह घूमने जाते थे,जब 22 जुलाई को सुबह नहीं उठे तो में उनके कमरे मे उपर गया तो उनके सिर पर घाव था जो संभव:गोली का है।

अंकित ने पुलिस को बताया कि रात मे उसने एक आवाज सुनी जो अब लगता है कि गोली चलने की थी, मुझे लगा कि यह आवाज बिजली कड़कने की होगी। इस कारण में सो गया। पिछोर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ 302 का मामला दर्ज करते हुए इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी।

प्रेस वार्ता में पुलिस ने खुलासा किया की बेटे ने दी पिता के हत्या की सुपारी

आज कंट्रोल रूम मे आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले की जांच करते हुए जानकारी मिली कि मृतक छोटा पुत्र आपराधिक प्रवृत्ति का है। मृतक की पत्नी का 20 साल पूर्व ही देहांत हो चुका था, मृतक का बड़ा बेटा जिसने 2 साल पूर्व आत्महत्या की थी और वह आर्मी में नौकरी करता था, मरणोउपंरात 1 करोड़ रुपया मिला था।

मृतक का छोटा बेटा संतोष अपने पिता के साथ गुमटी पर बैठता था और अवैध शराब भी बेचता था और गलत संगत मे था। संतोष के पिता और उसकी पत्नी हमेशा नाराज रहते थे। संतोष का एक दोस्त नितिन लोधी उम्र 30 साल जो मूलत:खनियाधाना का रहने वाला था और लभेडा तिराहे पर रहता था इसके भी हाईप्रोफाईल शौक थे पैसा कमाने के लिए इन दोनो ने एक बच्चे की अपहरण की योजना बनाई

सोशल साइट से सर्च किया: आदतन अपराधी

पुलिस ने दावा कि किया अंकित ने सोशल मीडिया से पैसा लेकर अपराध करने वाले ग्रुप का सर्च किया और फिर उससे दोस्ती की,सोशल पर अजीज किंग ग्रुप के एडमिन अंकित चौहान जो की बिहार का रहने वाला था उससे दोस्ती की और एक अपहरण करने के उद्देश्य से उसे पिछोर बुलाया और उसके खाते में एडवांस बतौर 10 हजार रूपए भी डाले।

एक लाख रूपए न होने के कारण किडनैप की योजना फैल

पुलिस ने प्रेस वार्ता में बताया कि अजीत किंग ग्रुप का एडमिन गैंगस्टर अंकित चौहान बिहार से ट्रेन में बैठकर झांसी आया। गैंगस्टर को लेने के लिए संतोष और उसका दोस्त मोटरसाइकिल से झांसी गए और उसे पिछोर लेकर आए। गैंगस्टर ने संतोष से किडनैप और हत्या के लिए 1 लाख रूपए मांग लेकिन संतोष पर एक लाख रूपए न होने के कारण मेडिकल स्टोर के संचालक के बेटे के किडनेप का प्लान कैंसिल हो गया, लेकिन संतोष से गैंगस्टर 1 लाख रूपए की मांग कर रहा था कि कुछ भी काम करा लो पर एक लाख रूपए जल्दी दो।

बनाई पिता की हत्या की योजना

पुलिस ने दावा किया है कि अंकित ने अपने पिता को मारने के लिए पहले अपना मकान दिखाया और रात के लगभग 2 बजे उसे घर में बुलाया। संतोष ने अपनी पत्नी और बच्चों को दूसरे कमरे में सुला दिया और गैंगस्टर को अपने पिता के कमरे मे ले गया। जहां गैंगस्टर अंकित चौहान ने महेश गुप्ता को 315 के कट्टे से गोली मार दी।

जब गोली चलने की आवाज सुनकर संतोष की पत्नी जागी तो उसने अपने कहा सो जाओ यह आवाज बिजली कडकने की है। जब पत्नी सो गई उसके बार फिर संतोष पिता के कमरे मे गया और चेक किया कि पिता मरा है कि नहीं,उसके बाद वह अपने कमरे में आकर सो गया। और उसके बाद उसने पुलिस को एक झूठी कहानी सुना दी।

गोरखपुर में गिरफ्तार गैंगस्टर

पुलिस ने गैंगस्टर का मोबाइल को साइबर सेल की मदद से पीछा किया तो ज्ञात हुआ कि गैंगस्टर की लोकेशन ट्रेन में मिल रही थी। पुलिस ने जीआरपी और आरपीएफ से संपर्क किया और पिछोर पुलिस एसआई चेतन शर्मा ने गैंगस्टर को गोरखपुर स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। गैंगस्टर से एक कट्टा,दो जिंदा राउंड जब्त किए। पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतक महेश गुप्ता के छोटे बेटे संतोष गुप्ता उसका दोस्त नितिन लोधी उम्र 30 साल और गैंगस्टर अंकित चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आधार कार्ड के आधार पर गैंगस्टर अंकित चौहान नाबालिग है।