Shivpuri Samachar की खबर का असर, लेकिन हार गया प्रशासन, जीत गया बाबू का षड्यंत्र

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी समाचार डॉट की खबर का असर हुआ है,सन 2019 से सीएमओ आवास के बहार बनाई गई अतिक्रमण की दुकानों को बैराड प्रशासन ने तोड दिया है,यह दुकान बाबू संजय गुप्ता ने बैराड सीएमओ आवास पर कब्जा करते हुए बनाई थी।

इस मामले में शिवपुरी समाचार ने जूता पूजता है कर्मचारी का, अपने साहब के आवास पर ही कर लिया कब्जा और CMO आवास को कर्मचारी ने चढ़ा दिया किराए पर,5 लाख एडवांस,20 हजार किराया शीर्षक से खबरों का प्रकाशन किया था। इन खबरों के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण वाली दुकानो को जमींदोज कर दिया,लेकिन बैराड़ नगर परिषद के बाबू के आगे फिर प्रशासन हार गया,उसने षडयंत्र करते हुए सीएमओ आवास पर किए कब्जे को मुक्त नहीं होने दिया। प्रशासन उसके षडयंत्र मे फस गया और वापस लौट आया।

पहले समझे मामले को
बैराड़ नगर परिषद में पदस्थ बाबू संजय गुप्ता ने सीएमओ आवास पर अवैध रूप से न सिर्फ कब्जा कर रखा है, बल्कि उसने सीएमओ निवास के बाहर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर दुकानें बना लीं और पीछे की तरफ सरकारी जमीन कब्जा कर मकान बना लिया है। बाबू के साथ सांठगांठ के चलते नगर परिषद और प्रशासन पिछले सात साल में न तो उससे सीएमओ आवास खाली करवा पाई है और न ही उसके द्वारा किए गए अतिक्रमण पर रोक लगा पाई। 

इसी क्रम में पंचम जिला न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह द्वारा 3 दिसंबर-2025 को दिए गए आदेश में अवैध कब्जा और अवैध अतिक्रमण माना,लेकिन नगर पंचायत के सीएमओ ने फिर उसे समय दान दिया और कार्यवाही नही की,जिससे बाबू को हाईकोर्ट जाने का समय मिल सके। यह मामला शिवपुरी समाचार ने प्रमुखता से उठाया और सीएमओ आवास के बहार अतिक्रमण की गई दुकानो को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया। यह दुकान बाबू संजय गुप्ता ने 5 लाख एडवांस लेकर 20 हजार रुपए प्रतिमाह के किराए पर दे रखी थी।

इमोशनल अत्याचार का 'मास्टर स्ट्रोक',षड्यंत्र रचकर जीता बाबू,हारा प्रशासन
बाबू संजय गुप्ता को षड्यंत्र रचने का ऑस्कर मिलना चाहिए।  जैसे ही सरकारी अमला दरवाजे पर पहुँचा, बाबू ने अपना इमोशनल अत्याचार का मास्टर स्ट्रोक निकाला- घर के मासूम बच्चों और महिलाओं को आगे कर दिया। खुद मैदान छोड़कर गायब हो गए। ताकि प्रशासनिक अमला उसके द्वारा अतिक्रमण कर बनाए गए मकान पर हिटैची न चला सके। प्रशासनिक अमले ने भी इन बच्चों को घर के बाहर निकालने का कोई प्रयास नहीं किया और सिर्फ अवैध रूप से बनाई गई दुकानों पर हिटैची चलाकर लौट आया। कुल मिलाकर हिटैची की गरज, बच्चों और महिलाओं की मासूमियत के आगे 'मिमियाती' नजर आई।

अगर हाई कोर्ट नहीं गया तो अवैध मकान भी ढहाएंगे
तहसीलदार दृगपाल सिंह बैंस का कहना है कि हमने दो दुकानें तो तोड़ दी, लेकिन मकान के अंदर बाबू का परिवार बंद हो गया, इस कारण न तो सीएमओ आवास को खाली करवा पाए हैं और न ही शेष अवैध निर्माण तोड़ पाए हैं। अगर संजय गुप्ता हाई कोर्ट नहीं गया तो शेष मकान को भी जल्द ही ढहा देंगे। अगली कार्रवाई कब होगी इस पर सीएमओ जवाब देंगे क्योंकि कार्रवाई उन्हें ही करना है। इस मामले में जब सीएमओ बाबूलाल कुशवाह से बात की गई तो उन्होंने फोन पर सही आवाज न आने का बहाना बनाकर कार्रवाई अधूरी छोड़ने पर कोई जवाब नहीं दिया।