गुड न्यूज़- शिवपुरी शहर नगर निगम बनेगा, डेवलपमेंट के लिए ₹2000 मिलेगा - Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी नगर के निवासियों के लिए गुड न्यूज आ रही है कि नगर पालिका को नगर निगम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई। अगर सब कुछ सही रहा तो शहर की चारों दिशाओं की सीमाए बढ जायेगी,अभी नगर पालिका का बजट सालाना 100 करोड़ रुपए है नगर निगम बनने के बाद 2 हजार करोड़ का बजट सालाना हो जाएगा। कुल मिलाकर नगर निगम बनने के बाद शहर को सुविधाएं अधिक मिलने लगेगी। इससे पूर्व भी शिवपुरी को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी,लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था,लेकिन अब प्रशासन ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कमेटी गठित कर दी है।

आबादी बढी 2011 की तुलना में 21 प्रतिशत,बजट पढने लगा हैं कम

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर पालिका की आबादी 179,977 जो अब बढ़कर ढ़ाई लाख से अधिक हो गई है। इतनी आबादी को सुविधाएं देने में नगर पालिका का बजट कम पड़ने लगा है। लगातार बढ़ रही आबादी को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अब नगर पालिका को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीएम गणेश जायसवाल ने कमेटी भी गठित कर दी है। इसमें नगर पालिका सीएमओ, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक के साथ डाटा संग्रहित करने के लिए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

शहर की चारो ओर की सीमाओ का होगा विस्तार

समिति इस बात का अध्ययन कर रही है कि नगर निगम की पांच लाख आबादी की शर्त को पूरा करने के लिए नगर पालिका की सीमाओं को कितना विस्तार देना होगा। इसके लिए शहरी सीमाओं को चारों दिशाओं में बढ़ाना होगा। इसके लिए योजना है कि शहर को उत्तर में सतनवाड़ा के पहले तक, दक्षिण में सेसई सड़क के पहले तक, पश्चिम में सिंहनिवास और पूर्व में सुरवाया के पहले तक विस्तार दिया जाए। प्रस्ताव तैयार करने के बाद शासन को भेजा जाएगा। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हुआ तो फिर ननि बनने से अभी नगर पालिका को मिलने वाला 100 करोड़ का बजट भी बढ़कर 2 हजार करोड़ का हो जाएगा।

यह थी वर्ष 2011 में शहरी और ग्रामीण आबादी, शिवपुरी तहसील के गांव मिलाने होंगे

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शिवपुरी तहसील की कुल आबादी 340,852 है जिसमें ग्रामीण आबादी 160,875 और शहरी आबादी 179,977 है। 2001 से 2011 तक शिवपुरी की जनसंख्या में 21 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। यदि इसी गणना के अनुसार देखा जाए तो 2011 से 2021 तक आबादी करीब 4.11 लाख होती है जो 5 लाख से कम है। लेकिन पिछले एक दशक में शहर में माइग्रेशन बहुत हुआ है। यहां पॉलिटेक्निक से लेकर मेडिकल कालेज व इंजीनियरिंग कालेज भी खुले हैं। नोहरी-बछौरा, बड़ागांव, विनेगा, सिंहनिवास, कोटा भगोरा, राजश्री, हातौद, ककरवाया आदि को शहरी सीमाओं में शामिल कर विस्तार किया जा सकता है।

खुल जाऐंगें,निगम में शामिल होने वाले गांवो का भाग्य

2 हजार करोड़ का बजट मिलने से शहर से लगे हुए गांवों में शहर की तरह बेहतर सड़कें, पानी और बिजली की सुविधा मिलेगी। नगर निगम के बजट में यह भी बराबर के हिस्सेदार होंगे। नपा के अधिकारियों का कहना है कि शहर में काफी हद तक सुविधाओं का विस्तार किया जा चुका है। यदि गांव भी इसमें शामिल होंगे तो शुरुआत में पूरा फोकस उन पर होगा और वहां तेजी से विकास होगा। साथ ही वहां की जमीनों की कीमतें भी काफी बढ़ जाएंगी।

पूर्व में भी हुए प्रयास, लेकिन नहीं हुए सफल

करीब तीन साल पहले नगर पालिका परिषद ने शिवपुरी को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पर काम किया था। इसमें शहर के आसपास के 11 गांव शहरी सीमा में शामिल करने की योजना था। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने उस समय प्रभारी मंत्री रहे प्रद्युम्न सिंह तोमर को पत्र लिखकर इसकी मांग की थी। मंत्री ने भी इस प्रस्ताव को जिला योजना समिति की बैठक में रखने के लिए कहा था। लेकिन उस समय इस पर आगे काम नहीं हो पाया। बाद में नगर परिषद भी भंग हो गई और प्रस्ताव अटका रह गया।

इनका कहना है...
नगर निगम बनाने के लिए जो आवश्यक मापदंड के उनके अनुसार परीक्षण किया जा रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि मूल आबादी की शर्त को पूरा करने के लिए कहां-कहां तक शहर को विस्तार दे सकते हैं। इसके लिए कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही कमेटी की बैठक भी बुलाई जा रही है। इसमें जो डाटा तैयार होगा उसके आधार पर प्रस्ताव बनाएंगे।
गणेश जायसवाल, एसडीएम