शिवपुरी। शहर में दूध की कीमतों में एक बार फिर से पांच रुपये का उफान आने वाला है क्योंकि दूधिए दूध की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। जबकि दूध डेयरी संचालक उनकी इस मांग को मानने तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि मंगलवार को दूधिया संघ ने चिंताहरण मंदिर पर बैठक आयोजित की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिसके तहत बुधवार को दूधिए कलेक्टर सहित एसडीएम व एसपी को ज्ञापन सौंपेंगे। गुरुवार से सभी दूधिए हड़ताल पर भी जाएंगे जिससे जिले भर में दूध की किल्लत हो जाएगी।
दूधियों का कहना है कि पिछले दो से तीन महीने में खली पर दस रुपये किलो का अंतर आ गया है। सरसों के भाव बढ़ने से उसकी पीना भी महंगी हो गई है। इसके अलावा हरा चारा, चूनी, बाजरा आदि के भाव भी पहले से बढ़ गए हैं। भूसा कुछ दिन पहले तक 9 रुपये किलो मिलता था जो अब 18 रुपए किलो हो गया है। ऐसे में हम दूध की कीमत बढ़ाने की मांग न करें तो क्या करें।
बैठक में भी लिए गए निर्णय
समस्त दूधिया संघ द्वारा दूध की रेट 45 रुपए लीटर के हिसाब से बेचने का निर्णय लिया गया।
यदि दूध विक्रेता एवं क्रेता के बीच के रेट हेतु निर्णय नहीं होता है तो 9 मार्च से दूध संघ हड़ताल करेगा।
हड़ताल के दौरान कोई दूध वाला अगर दूध बेचता है तो उस पर कमेटी 11 हजार का दंड करेगी।
अगर कोई दूधिया, हलवाई को फेट पर दूध देता है तो 11 हजार का अर्थदंड लगेगा।
अगर कोई दूधिया कम रेट पर दूध विक्रय करता है तो उस पर 11 हजार का अर्थदंड लगेगा।
अगर कोई हलवाई किसी दूध वाले का दूध नहीं लेता है तो उसे कोई दूसरा दूधिया दूध नहीं देगा।
डेयरी संघ बोला:दूधियों की मांग नाजायज
इस मामले में जब डेयरी संघ के अध्यक्ष आनंद राठौर का कहना है कि दूधियों को वर्तमान में हम 38 रुपए लीटर का भाव दे रहे हैं और 40 रुपए लीटर में जनता को सप्लाई कर रहे हैं। अब दूधिए 45 रुपये लीटर के हिसाब से रेट मांग रहे हैं। यह मांग पूर्णतया नाजायज है।
बकौल आनंद राठौर 7 रुपए लीटर के हिसाब से दाम कैसे बढाए जा सकते हैं? उनके अनुसार अगर इस रेट में हम दूधियों से दूध खरीदेंगे तो आम जनता को हमें दूध 50 रुपये लीटर में बेचना पड़ेगा, जो लगभग असंभव है, क्योंकि कंपनियों का जो दूध आ रहा है, वह 46 रुपये लीटर है। इस स्थिति में ग्राहक हमसे दूध न लेकर कंपनियों का दूध खरीदने लगेगा। इससे हमारा व्यापार भी ठप होगा और दूधियों का भी।
हड़ताल की स्थिति में कैसे होगी सप्लाई
शहर में दूध का व्यवसाय करने वाले डेयरी संचालकों के अनुसार शहर में एक दिन में 20 हजार लीटर दूध की खपत होती है। दूध डेयरी संघ के अध्यक्ष आनंद राठौर का कहना है कि हड़ताल की स्थिती में हम शहर में इस दूध की किल्लत नहीं आने देंगे। बकौल आनंद राठौर दूधियों के हड़ताल पर जाते ही हम सांची का दूध मंगाने के साथ-साथ कोलारस, करैरा, बैराड़ आदि जगह से दूध मंगवा कर शहर में दूध की सप्लाई करेंगे, ताकि शहरवासियों को परेशानी न आए।