संक्राति पर कोरोना का ग्रहण: इस बार बाणगंगा पर नहीं लगा मेला, सीमित लोग पहुंचे- Shivpuri City

शिवपुरी। मकर संक्राति का पर्व आज घर-घर बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। लेकिन मंदिरों पर होने वाले धार्मिक आयोजनों पर कोरोना का साया रहा। जिस कारण वहां उत्सवी माहौल देखने को नहीं मिला और संक्राति का रंग कोरोना के चलते फीका पड़ गया। हालांकि शहरभर में कई स्थानों पर जगह-जगह खिचड़ी का वितरण किया गया।

सुबह से ही जगह-जगह खिचड़ी वितरण के लिए काउंटर  लगने शुरू हो गए थे। पुरानी शिवपुरी कुशवाह मोहल्ला में संतोष डीेजे एण्ड महाकाल डेकोरेशन की ओर से खिचड़ी का प्रसाद बंटवाया गया। वहीं पीपल वाले हनुमान मंदिर पर श्रीराम पाईप के संचालक गिर्राज शर्मा द्वारा 2 क्विंटल चावल से बनी मीठी खिचड़ी और 2 क्विंटल आटे से बनी बेडई का वितरण कराया। वहीं झांसी तिराहा, माधव चौक, भैरोबाबा मंदिर सहित ऑरियंटल चौराहा पर भी खिचड़ी का वितरण हुआ। जहां प्रसाद लेने लोग लंबी-लंबी लाइनों में लगे दिखे।

हालांकि मंदिरों पर सीमित संख्या में ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए लोग पहुंचे और मंदिरों पर लगने वाले मेले भी कोरोना के कारण स्थगित हो गए। जिससे इस बार संक्राति पर्व पर दिखने वाला उत्साह फीका रहा।

शनिवार को भी ब्रह्म योग की साक्षी में मनाया जाएगा संक्राति पर्व

ग्रह गोचर की गणना के अनुसार सूर्य संक्राति का महापर्व मकर संक्राति पर्वकाल 15 जनवरी शनिवार को ब्रह्म योग की साक्षी में मनाया जाएगा। हालांकि सूर्य का धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश का समय 14 जनवरी दोपहर 2:32 पर होगा। इस कारण मध्यांत उपरांत सूर्य की संक्राति होने के कारण संक्राति का पुण्य पर्वकाल अगले दिन मनाने का शास्त्रों में वर्णन है। ऐसी स्थिति में 15 जनवरी को पुण्य पर्वकाल मनाया जाएगा।

हालांकि कई स्थानों पर आज मकर संक्राति 14 जनवरी होने के कारण मनाई जा रही है। 14 जनवरी  2 बजकर 12 मिनिट से शाम 5:45 तक पुण्यकाल मुर्हुत रहेगा। जबकि महापुण्य काल मुर्हुत 14 जनवरी दोपहर 2 बजकर 12 मिनिट से 2 बजकर 36 मिनिट तक रहेगा और पिछले कुछ वर्षो की तरह इस वर्ष भी 14 व 15 जनवरी को संक्राति मनाई जाएगी।