daliy news scan@ शिवपुरी। शिवपुरी जिले की खबरो का प्रकाशन करने वाले प्रमुख समाचार पत्रो में भास्कर ने अपनी खबर में मारपीट के बाद आक्रोशित बिजली कंपनी के अधिकारी ओर कर्मचारी काम बंद मोड में हैं और अब बत्ती गुल तो नही आऐंगी,वही नईदुनिया में शिवपुरी के स्वास्थय के क्षेत्र में ताकत बने मेडिकल कॉलेज में लापरवाही का दीमग लगाया जा रहा हैं। वही पत्रिका ने अपनी ही स्वयं की प्रकाशित खबरे जो चौराहे पर पहुंच गई हैं उसका मामला प्रकाशित किया हैं।
दैनिक भास्कर:दैनिक भास्कर ने अपने शिवपुरी भास्कर में बिजली कंपनी के अधिकारी भदौरिया की मारपीट के मामले में हडताल पर चले जाने की खबर को अपनी लीड खबर बनाया हैं खबर का आशय हैं कि शिवपुरी कोर्ट परिसर में नेशनल लोक अदालत के दौरान बिजली कंपनी के सहायक यंत्री रणजीत सिंह भदाैरिया काे पीटने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। घटना के विराेध में बुधवार से बिजली कंपनी के 1200 अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का सीधा मतलब, अब फॉल्ट या किसी अन्य वजह से आपके क्षेत्र की या आपके घर की बिजली गुल हुई तो बिजली कंपनी के कर्मचारी मरम्मत के लिए नहीं आएंगे।
शहर सहित जिलेभर में बिजली सप्लाई व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई। फाॅल्ट या किसी कारण से सप्लाई बंद होती है तो सुधारने के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचेंगे। कोई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं किया गया है। बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी एई रणजीत सिंह भदौरिया की मारपीट करने वाले पांच लोगों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। वहीं पुलिस ने मंगलवार को दो लोगों को नामजद कर गिरफ्तार कर लिया और जमानत दे दी। तीसरे व्यक्ति आनंद दीक्षित की बुधवार को शिनाख्त कर जमानत मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
नईदुनिया: नईदुनिया ने अपनी लीड खबर में मेडिकल कॉलेज में शुरू नही की जा रही सुविधा को लेकर लीड खबर बनाई हैंं। खबर का सीधा सा अर्थ हैं कि की शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद भी जिला अस्पताल से ग्वालियर के लिए मरीज रैफर किए जाते हैं इस एमरजैंसी में रैफर किए गए मरीज को ग्वालियर पहुचने में 3 घंटे का समय लगता हैं 3 घंटे में किसी की भी सांसे रूक सकती है।
इस मामले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्रीय संचालक के कार्यालय से हुए पत्राचार में इस बात पर मोहर लग गई। क्षेत्रीय संचालक ने शिवपुरी स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर निर्देशित किया कि जिला अस्पताल से मरीजों को सीधे ग्वालियर जयारोग्य अस्पताल में रैफर न किया जाए। मरीजों को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रैफर किया जाए और आगामी कार्रवाई वहीं से होगी।
इस पर मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. केबी वर्मा ने पत्र लिखकर जबाव दिया कि मुख्य ओटी का कार्य प्रगति पर है इसलिए ट्रॉमा और इमरजेंसी शल्य क्रिया के केस नहीं किए जा रहे हैं। ओटी का कार्य पूर्ण होने पर ही ट्रॉमा और इमरजेंसी केस शुरू किए जाएंगे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 8 महीने में अब तक मुख्य ओटी शुरू क्यों नहीं हो पाया। कुल मिलाकर लापरवाही जिदंगी पर भारी पडी रही हैं मेडिकल रूपी संजीवनी बूटी को दाग लग रहा हैं।
पत्रिका:पत्रिका ने अपने शिवपुरी पेज की लीड खबर में अपनी ही प्रकशित खबरो को स्थान दिया हैं मामला यह है कि पत्रिका की प्रकाशित खबरो को एक बैनर चौराहे पर लगाया हैं। पत्रिका ने अपनी खबर में लिखा है कि शिवपुरी शहर की 3 लाख की आबादी की जनसमस्या की खबरे पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित की हैं। इसके अतिरिकत कई मामले ऐसे भी उठाए हैं जिन पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पडी। इस बात से प्रेरित होकर पत्रिका की कई खबरो को एक साथ जोडकर एक विशाल होडिंग बनवाया हैं और इस होर्डिंग को अभी शिवपुरी में नई उदय हुई हॉकर यूनियन ने लगवाया हैं। इस होर्डिं को देखकर इसकी खबरो को पढकर शहर वासी पत्रिका की पत्रकारता की प्रशंसा कर रहे है।
वही पत्रिका के बदरवास के संवाददाता संजीव जाट ने फिर एक घटना से खबर बनाई है कि पति के जेल जाने के बाद अपने दो बच्चो को छोड कर अपने प्रेमी के साथ भागी मां अब 2 मासूम बच्चे भीख मांगने को तैयार। इस खबर के बाद यह मामला समाज के सामने आया हैं कि दो मासूम अब बिना मां बाप के है और भीख मांग रहे हैं। अब इन्है प्रशासन और समाज की मदद की जरूरत हैं। इस खबर के प्रकाशन के बाद अब इन मासूमो को सहारा मिल सकता है।

