पोहरी। पोहरी क्षेत्र में एक फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है, जहाँ जालसाजों ने न केवल जमीन हड़पी, बल्कि कागजों में बाप तक बदल दिया। ग्राम जाखनौद की 8 बीघा कीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए एक युवक ने असली मालिक के पिता का नाम अपनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और लाखों की जमीन दूसरों के नाम कर दी। पीड़ित किसान पिछले चार महीनों से न्याय के लिए कलेक्टर से लेकर एसपी दफ्तर के चक्कर काट रहा है।
सरकारी सिस्टम की नाक के नीचे हुए इस नाम बदलो और जमीन हड़प कांड ने तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन के असल मालिक ने बताया कि उसने इसकी शिकायत कलेक्टर व एसपी से लेकर एसडीएम को की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब उसने मामला कोर्ट में लगाने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम गिरमोरा शिवपुरी निवासी मुकेश पुत्र मिश्री आदिवासी ने शिकायत में बताया कि उसने पोहरी के ग्राम जाखनोद में वर्ष 2010 में 8 बीघा जमीन साढ़े तीन लाख रुपए में क्रय की थी। उसके बाद से वह उस जमीन में खेती करता आ रहा है। 4 महीने पहले जब उसने जमीन का सीमांकन कराने के लिए तहसील पोहरी में आवेदन लगाया तो उसे पता चला कि उसकी जमीन उसके नाम न होकर किसी सुभरन आदिवासी व अन्य के नाम पर है।
इसके बाद दस्तावेज निकलवाए तो उसमें पता चला कि ग्राम जाखनोद निवासी मुकेश पुत्र धनीराम आदिवासी ने खुद के पिता का नाम धनीराम से बदलकर कागजो में मिश्री आदिवासी करवा दिया और रवि धाकड़ व मनोज धाकड़ के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसकी जमीन को ही बेच दिया। इतना ही नहीं एसडीएम कार्यालय से उस जमीन का नामांतरण भी हो गया। इस पूरे मामले में उसने कलेक्टर, एसडीएम व एसपी को शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज 4 माह बीतने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
यह बोला पीड़ित
ग्राम जाखनोद के मुकेश पुत्र धनीराम आदिवासी ने खुद को उसकी जगह रखकर पूरी 8 बीघा जमीन बेच दी जो कि आज के समय में लाखों रुपए कीमत की है। उसने इस मामले में सभी जगह शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हम कोर्ट में इस मामले को लगा रहे हैं।
इनका कहना हैं
फर्जी रजिस्ट्री का मामला मेरे संज्ञान में आया है। अगर मामले में शिकायत आती है तो जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अनुपम शर्मा, एसडीएम, पोहरी
जानकारी के मुताबिक ग्राम गिरमोरा शिवपुरी निवासी मुकेश पुत्र मिश्री आदिवासी ने शिकायत में बताया कि उसने पोहरी के ग्राम जाखनोद में वर्ष 2010 में 8 बीघा जमीन साढ़े तीन लाख रुपए में क्रय की थी। उसके बाद से वह उस जमीन में खेती करता आ रहा है। 4 महीने पहले जब उसने जमीन का सीमांकन कराने के लिए तहसील पोहरी में आवेदन लगाया तो उसे पता चला कि उसकी जमीन उसके नाम न होकर किसी सुभरन आदिवासी व अन्य के नाम पर है।
इसके बाद दस्तावेज निकलवाए तो उसमें पता चला कि ग्राम जाखनोद निवासी मुकेश पुत्र धनीराम आदिवासी ने खुद के पिता का नाम धनीराम से बदलकर कागजो में मिश्री आदिवासी करवा दिया और रवि धाकड़ व मनोज धाकड़ के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसकी जमीन को ही बेच दिया। इतना ही नहीं एसडीएम कार्यालय से उस जमीन का नामांतरण भी हो गया। इस पूरे मामले में उसने कलेक्टर, एसडीएम व एसपी को शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज 4 माह बीतने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
यह बोला पीड़ित
ग्राम जाखनोद के मुकेश पुत्र धनीराम आदिवासी ने खुद को उसकी जगह रखकर पूरी 8 बीघा जमीन बेच दी जो कि आज के समय में लाखों रुपए कीमत की है। उसने इस मामले में सभी जगह शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हम कोर्ट में इस मामले को लगा रहे हैं।
इनका कहना हैं
फर्जी रजिस्ट्री का मामला मेरे संज्ञान में आया है। अगर मामले में शिकायत आती है तो जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अनुपम शर्मा, एसडीएम, पोहरी