शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर में आस्था और सुरक्षा के बीच छिड़ी जंग अब पुलिस की साख पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एक शताब्दी पुराने ऐतिहासिक कमलेश्वर महादेव मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी को 15 दिन बीत जाने के बावजूद, पिछोर पुलिस अभी अंधेरे में हाथ-पांव मार रही है। पुलिस की इस कछुआ चाल ने न केवल गहोई समाज के धैर्य का बांध तोड़ दिया है, बल्कि क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी को भी अपनी ही व्यवस्था पर सवाल उठाने को मजबूर कर दिया है। आलम यह है कि अब चोरों को पकड़ने के लिए सरकारी तंत्र के बजाय व्यक्तिगत इनामों का सहारा लिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर पिछोर पुलिस की कार्यक्षमता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
पिछोर पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में
पिछोर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कमलेश्वर महादेव मंदिर इस क्षेत्र मे बड़ा आस्था का केन्द्र है। कमलेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग की जलहरी पर चढी 12 किलो चांदी परत को औजारो की मदद से काट कर ले गए,इस चोरी बीते 7 मार्च को हुई थी,इस घटना को 15 दिन हो चुके है पुलिस के पास कहने को सिर्फ एक शब्द है कि जांच जारी है सुराग मिले है पुलिस उन पर काम कर रही है। इस कारण इस क्षेत्र के जनमानस और इस मंदिर का निर्माण कराने वाले गहोई समाज नाराज नजर आ रहा है। इसी आक्रोश के बीच मंदिर परिसर में गहोई समाज की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस की सुस्त कार्रवाई की जमकर निंदा हुई।
विधायक का इनामी दांव और पुलिस पर अविश्वास
बैठक में मौजूद क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए घोषणा की कि जो भी व्यक्ति इस चोरी का सुराग देगा या चोरों को पकड़वाएगा, उसे वे अपनी ओर से 25,000 रुपये का नगद इनाम देंगे। विधायक द्वारा जारी किए गए इस पब्लिक नोटिस ने साफ कर दिया है कि उन्हें अब स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं रहा है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए।
7 किलो चांदी की जलहरी का है मामला
बता दें कि करीब 100 वर्ष पुराने इस मंदिर का गहोई समाज ने लाल पत्थरों से जीर्णोद्धार कराया था। सामाजिक सहयोग से यहाँ 7 किलो चांदी की भव्य नक्काशीदार जलहरी बनवाई गई थी, जिसे शिवपुरी के कारीगरों ने बड़ी मेहनत से तैयार किया था। 1 जुलाई 2025 को ही इसे महादेव को समर्पित किया गया था। इस धरोहर की चोरी ने समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
अधिकारियों की सफाई और सुरक्षा की सलाह
बैठक में आक्रोश को देखते हुए पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने जल्द ही चोरों को गिरफ्त में लेने का दावा किया है। वहीं थाना प्रभारी नीतू सिंह ने भी सुरागों की गहराई से जांच करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ मंदिर समिति को भी भविष्य के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा पुख्ता करने की सलाह दी है।
बैठक में रहे ये गणमान्य मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय गहोई महासभा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश बन्धु, चौरासी क्षेत्रीय सभा के अध्यक्ष रामेन्द्र छिरोल्या, पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर सेठ, विधायक प्रतिनिधि आशीष चौधरी, भाजपा जिला मंत्री कृष्ण विहारी गुप्ता सहित गहोई समाज और भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पिछोर पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में
पिछोर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कमलेश्वर महादेव मंदिर इस क्षेत्र मे बड़ा आस्था का केन्द्र है। कमलेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग की जलहरी पर चढी 12 किलो चांदी परत को औजारो की मदद से काट कर ले गए,इस चोरी बीते 7 मार्च को हुई थी,इस घटना को 15 दिन हो चुके है पुलिस के पास कहने को सिर्फ एक शब्द है कि जांच जारी है सुराग मिले है पुलिस उन पर काम कर रही है। इस कारण इस क्षेत्र के जनमानस और इस मंदिर का निर्माण कराने वाले गहोई समाज नाराज नजर आ रहा है। इसी आक्रोश के बीच मंदिर परिसर में गहोई समाज की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस की सुस्त कार्रवाई की जमकर निंदा हुई।
विधायक का इनामी दांव और पुलिस पर अविश्वास
बैठक में मौजूद क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए घोषणा की कि जो भी व्यक्ति इस चोरी का सुराग देगा या चोरों को पकड़वाएगा, उसे वे अपनी ओर से 25,000 रुपये का नगद इनाम देंगे। विधायक द्वारा जारी किए गए इस पब्लिक नोटिस ने साफ कर दिया है कि उन्हें अब स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं रहा है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए।
7 किलो चांदी की जलहरी का है मामला
बता दें कि करीब 100 वर्ष पुराने इस मंदिर का गहोई समाज ने लाल पत्थरों से जीर्णोद्धार कराया था। सामाजिक सहयोग से यहाँ 7 किलो चांदी की भव्य नक्काशीदार जलहरी बनवाई गई थी, जिसे शिवपुरी के कारीगरों ने बड़ी मेहनत से तैयार किया था। 1 जुलाई 2025 को ही इसे महादेव को समर्पित किया गया था। इस धरोहर की चोरी ने समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
अधिकारियों की सफाई और सुरक्षा की सलाह
बैठक में आक्रोश को देखते हुए पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने जल्द ही चोरों को गिरफ्त में लेने का दावा किया है। वहीं थाना प्रभारी नीतू सिंह ने भी सुरागों की गहराई से जांच करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ मंदिर समिति को भी भविष्य के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा पुख्ता करने की सलाह दी है।
बैठक में रहे ये गणमान्य मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय गहोई महासभा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश बन्धु, चौरासी क्षेत्रीय सभा के अध्यक्ष रामेन्द्र छिरोल्या, पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर सेठ, विधायक प्रतिनिधि आशीष चौधरी, भाजपा जिला मंत्री कृष्ण विहारी गुप्ता सहित गहोई समाज और भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।