शिवपुरी। शहर की वर्षों पुरानी सीवर समस्या के समाधान की दिशा में अब एक निर्णायक मोड़ आया है। लंबे इंतजार और बजट की खींचतान के बाद, नगर पालिका ने शहर के 11 हजार घरों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने के लिए 16.86 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा है। एक तरफ जहां पीएचई विभाग 15 जून की डेडलाइन लेकर लाइन टेस्टिंग को अंतिम रूप देने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका ने शुरुआती 230 घरों में कनेक्शन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर 'मिशन मोड' में काम शुरू कर दिया है। अब देखना यह है कि क्या इस मानसून में शिवपुरी की सड़कें कीचड़ से मुक्त होंगी या दावों की पोल खुलेगी।
नगर पालिका ने लगाया टेंडर
नगर पालिका ने 230 घरों में कनेक्शन करने के लिए 18 मार्च 2026 को टेंडर लगा दिया है। सब कुछ सही रहा तो पीएचई विभाग द्वारा बारिश तक सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पूरा होने की उम्मीद है। बता दें कि वैसे तो सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पिछले एक साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन कुछ काम ही हो पाया और फिर बजट के फेर में यह काम करीब 8 माह तक रुका पड़ा रहा। मामले व प्रोजेक्ट को देखते हुए पीएचई व नगरीय निकाय के अधिकारियों ने जब सीवर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया तो इस काम को पूरा करने के लिए अभी एक माह
शहर में सीवर लाइन की टेस्टिंग करते मजदूर।
95 किलोमीटर की लाइन और 11 हजार घरों का सीवर नेटवर्क
पीएचई विभाग ने अभी तक सीवर का जो काम किया है। उसमें शहर में कुल 95 किमी की सीवर लाइन डाली है। इसमें करीब 11 हजार घरों में सीवर कनेक्शन होंगे। इन 11 हजार कनेक्शन को करने के लिए नगर पालिका को करीब 16.86 करोड़ रुपए खर्च करना होंगे। यह स्थिति तब है कि जबकि शहर में जो सीवर लाइन डाली गई है, वह 50 फीसदी से भी कम है। अभी आधे से ज्यादा शहर में सीवर लाइन डालने का काम होना है और फिर इसमें कितना खर्च होगा, यह आने वाला समय ही बताएगा। नगर पालिका पहले शुरुआत में 230 घरों में ही कनेक्शन करेंगी और इसमें 40 लाख रुपए का खर्च आएगा।
पहले ही नगरीय प्रशासन विभाग ने पीएचई को सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पूरा करने के लिए 9 करोड़ रुपए में से 3 करोड़ रुपए प्रदाय कर दिए हैं। उस राशि के मिलने के बाद ही पीएचई ने टेस्टिंग के काम में गति पकड़ी है और पीएचई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वह बारिश से पहले इस काम को पूरा नहीं तो करीब 90 फीसदी तो पूरा कर लेंगे। बताया जा रहा है कि अप्रैल से पहले सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पूरा हो जाए। अगर पूरा नहीं होता तो कम से कम 90 फीसदी काम तो हम खत्म करके ही रहेंगे। इसके बाद यह पूरा प्रोजेक्ट नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया जाएगा। फिर सीवर लाइन व घर-घर कनेक्शन का काम नपा करेगी।
नगर पालिका ने लगाया टेंडर
नगर पालिका ने 230 घरों में कनेक्शन करने के लिए 18 मार्च 2026 को टेंडर लगा दिया है। सब कुछ सही रहा तो पीएचई विभाग द्वारा बारिश तक सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पूरा होने की उम्मीद है। बता दें कि वैसे तो सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पिछले एक साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन कुछ काम ही हो पाया और फिर बजट के फेर में यह काम करीब 8 माह तक रुका पड़ा रहा। मामले व प्रोजेक्ट को देखते हुए पीएचई व नगरीय निकाय के अधिकारियों ने जब सीवर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया तो इस काम को पूरा करने के लिए अभी एक माह
शहर में सीवर लाइन की टेस्टिंग करते मजदूर।
95 किलोमीटर की लाइन और 11 हजार घरों का सीवर नेटवर्क
पीएचई विभाग ने अभी तक सीवर का जो काम किया है। उसमें शहर में कुल 95 किमी की सीवर लाइन डाली है। इसमें करीब 11 हजार घरों में सीवर कनेक्शन होंगे। इन 11 हजार कनेक्शन को करने के लिए नगर पालिका को करीब 16.86 करोड़ रुपए खर्च करना होंगे। यह स्थिति तब है कि जबकि शहर में जो सीवर लाइन डाली गई है, वह 50 फीसदी से भी कम है। अभी आधे से ज्यादा शहर में सीवर लाइन डालने का काम होना है और फिर इसमें कितना खर्च होगा, यह आने वाला समय ही बताएगा। नगर पालिका पहले शुरुआत में 230 घरों में ही कनेक्शन करेंगी और इसमें 40 लाख रुपए का खर्च आएगा।
पहले ही नगरीय प्रशासन विभाग ने पीएचई को सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पूरा करने के लिए 9 करोड़ रुपए में से 3 करोड़ रुपए प्रदाय कर दिए हैं। उस राशि के मिलने के बाद ही पीएचई ने टेस्टिंग के काम में गति पकड़ी है और पीएचई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वह बारिश से पहले इस काम को पूरा नहीं तो करीब 90 फीसदी तो पूरा कर लेंगे। बताया जा रहा है कि अप्रैल से पहले सीवर लाइन टेस्टिंग का काम पूरा हो जाए। अगर पूरा नहीं होता तो कम से कम 90 फीसदी काम तो हम खत्म करके ही रहेंगे। इसके बाद यह पूरा प्रोजेक्ट नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया जाएगा। फिर सीवर लाइन व घर-घर कनेक्शन का काम नपा करेगी।
