ग्राउण्ड जीरो: शासकीय स्कूल में 300 रूपए में पढाते है प्रायवेट टीचर, हेडमास्टर को देश के राष्ट्रपति का नाम नहीं पता- kolaras News

कोलारस। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग के लुकवासा क्षेत्र के झाडेल और मदनपुर गांव प्राथमिक स्कूल से आ रही है। जहां आज जिले में शिक्षा विभाग की खुलेआम पोल खुल गई है। हालात यह है कि यहां पदस्थ हेडमास्टर को भारत के राष्ट्रपति का नाम तक पता नहीं है। इतना ही नही हालात यहा पदस्थ टीचर को मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री का नाम तक नहीं पता।

जानकारी के अनुसार आज भोपाल समाचार की टीम ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को खोजने पहुंची। जहां जाकर देखा तो सबसे पहले झाडेल प्राथमिक विद्यालय पर पहुंची और वहां जाकर देखा तो वहां चौकाने बाले हालात मिले। सबसे पहले हमारी टीम ने झाडेल में ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सबाल खडे करते हुए बताया कि यहां खुलेआम ग्रामीण परेशान है। यहां पदस्थ हेड मास्टर सुनीता आर्य यहां पढाने नहीं आती । इसकी ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत दर्ज कराई परंतु निराकरण के लिए किसी दोहरे सर का फोन आया। उनकी सैलरी रोक दी जाएगी।

जब टीम ने स्कूल पहुंचकर पडताल की तो वहां हेडमास्टर सुनीता आर्य मिली तो वहां टीम ने उनसे सबाल किए तो उनकी तरफ से जो जबाब मिले वह चौकाने बाले थे। सबसे पहला सबाल कि मध्यप्रदेश का शिक्षा मंत्री कौन है तो उन्होने जबाव दिया कि विश्वास सारंग, दूसरा सबाल राज्यपाल कौन है तो इसकी इसकी भी उन्हें जानकारी नहीं है। जब उसने पूछा कि कलेक्टर तो है वह यह जबाब भी नहीं दे पाई। जब जिला पंचायत सीईओ का नाम पूछा तो वह भी नहीं बता पाई। जब एसडीएम का नाम पूछा तो वह यह भी नहीं बता पाई। जब उसने देश के राष्ट्रपति का नाम पूछा तो उन्होने बताया कि अमरनाथ कोली नाम बताया। जब पीएम का नमा पूुछा तो उन्होने नरेन्द्र मोदी बताया।

जब हमारी टीम शासकीय प्राथमिक विद्यालय मदनपुर पर दोपहर 1 बजे पहुंचे तो वहां बच्चे स्कूल में टीचर का इंतजार कर रहे थे। परंतु शिक्षक नदारद रहे। जब बच्चों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यहां शासकीय टीचर तो नहीं आते परंतु एक प्रायवेट टीचर आते है। जो शासकीय स्कूल में 300 रूपए प्रति छात्र लेकर ट्यूशन पढा रहे है। जब वहां पदस्थ शिक्षक मुरारीलाल धाकड से संपर्क किया तो उन्होने बताया कि वह अपने खेत में मोटर डलबा रहे है। मेरी उंगली में लग गई। अभी हाल ही में जुगाड लगी है। स्कूल में अभी आ ही रहा हूं। अब शिक्षक की जिम्मेदारी आप समझ ही गए होगे। कुल मिलाकर जिले में शिक्षा विभाग का ड्रर्रा पूरी तरह से चरमरा गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन पर क्या कार्यवाही करता है।

इनका कहना है
आप जो बता रहे है यह संगीन आरोप है। जब शिक्षक को ही यह जानकारी नहीं है तो इससे गंभीर बात क्या होगी। हम पहले इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर रहे है। और इनकी एक बेतनवृद्धि असंचई रूप से रोकने की कार्यवाही करेंगे। इसके बाद इनके जबाव पर इनपर सस्पेड करने की कार्यवाही करेंगे।
संजय श्रीवास्तव,डीईओ शिवपुरी।