मिलिए 2024 में होने वाले अपने सांसद से, राजवंश की चौथी पीढ़ी कर सकती हैं राजनीति में प्रवेश- Shivpuri News

शिवुपरी। खबर थोडी हट कर हैं ओर राजनीति की संभावनाओ को तलाशती है। संभावना बन रही हैं कि सिंधिया राजवंश की चौथी पीढी देश में होने वाले 2024 के आम लोकसभा चुनावो से प्रवेश कर सकती हैं। कहते है कि राजनीति भी कुछ भी हो सकता हैं। स्ंभावनाओ पर राजनीति की दीवार खडी होती है। कुछ ऐसी की सभांवना सिंधिया राजवंश की चौथी पीढी के राजनीति के प्रवेश की चल रही हैं। राजनीतिक पंडितो ने ऐसी संभावना प्रकट की है आईए इस राजनीतिक संभावना का एक्सरे करते है।

युवराज महाआर्यमान के शिवपुरी दौरा

देश के केन्द्रीय मंत्री और ग्वालियर सिंधिया राजघराने के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमान सिंधिया गुरूवार को शिवपुरी आए थे। बताया जा रहा है कि महाआर्यमान शिवुपरी 2 दिन रूके और राजनीतिक लोगो से दूर रहे। महाआर्यमान के इस दौरे को शिवपुरी में किसी को भनक तक नही लगी।

जानकारी मिल रही है कि महाआर्यमान सिंधिया 2 दिन नेशनल पार्क घूमा और माधव नेशनल पार्क में आने वाले टाईगर प्रोजेक्ट के विषय में जानकारी ली। बताया जा रहा है कि केन्द्र की राजनीति में अपने पिता की व्यस्तता के कारण महाआर्यमान सिंधिया टाईगर प्रोजेक्ट पर पूरा फोकस कर रहे हैं औरइ स प्रोजेक्ट की प्रगति रिर्पोट लेकर रवााना हो गए।

माधव नेशनल पार्क के डारेक्टर सीएम निनामा ने कहा की महाआर्यमान सिंधिया गुरूवार को नेशनल पार्क में स्टॉफ के साथ तैयारियां देखने आए थे। उन्होने पार्क में चल रहे काम देखा और टाइगर प्रोजेक्ट की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया है कि समन्वय में कोई कमी आ रही हो तो बताए,हम शासन स्तर पर पूरा सहयोग करेंगें।

काफी एक्टिव है सोशल मीडिया पर महाआर्यमान सिंधिया

ग्वालियर राजघराने के युवराज महाआर्यमान सिंधिया वर्तमान समय में सोशल पर एक्टिव रहते हैं। फेसबुक पर राजनीतिक पोस्ट करते है। महाआर्यमान सिंधिया अपने ज्योतिरादित्य सिंधिया के सभी राजनीतिक दौरो की तस्वीरे पोस्ट करते रहते हैं। इस्टाग्राम पर भी वह सक्रिय देखे जा सकते है।

सन 2019 के आम लोकसभा चुनाव में महाआर्यमान अपने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ चुनाव प्रचार में आए थे और काफी सक्रिय देखे गए थे। हालाकि 2019 का चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया हार गए थे।

2023 के चुनावो से राजनीति में कर सकते हैं प्रवेश

राजनीतिक पंडितो का मानना है कि देश में 2024 के देश के आम लोकसभा चुनावो में महाआर्यमान सिंधिया राजनीति में प्रवेश कर शिवपुरी—गुना लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव लड सकते हैं। राजनीतिक पंडितो का तर्क हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यसभा सांसद हैं जुलाई 2020 में वह राज्य सभा सासंद बने थे और राज्यसभा सांसद का कार्यकाल 6 साल का होता है। अगर इस गणित से चले तो 2026 तक सिंधिया सांसद रहेगें। अब वह 2024 का चुनाव नही लडेंगें।

शिवपुरी—गुना लोकसभा सीट सिंधिया राजवंश की परंपरागत सीट हैं। इस सीट से राजमाता से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लडे हैं। कैलाश वासी माधवराव सिंधिया भी इस सीट से चुनाव लडे है। भले ही मोदी लहर के कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव हार गए हो। लेकिन सिंधिया राजवंश के सदस्यो की लोकप्रियता कम नही हुई है।

जनता को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर कोई विशेष फायदा नही हुआ,उल्टा नुकसान ही हुआ हैं। सिंधिया के अनुपात में अगर वर्तमान सांसद डॉ केपी यादव की बात करे तो कोई उल्लेखनीय एक भी विकास कार्य नही गिना सकते है। वह एक शिक्षक का ट्रासंफर भी करा सकते है बल्कि सिंधिया के भाजपा में प्रवेश करने से सांसद केपी सिंह की कोई खास पूछ परख नही हैं। बस एक फॉरमाल्टी सांसद बन कर रह गए,वह भी समझ गए अब आगे कुछ नही है इस कारण उन्होने अपनी सक्रियता अपनी विधानसभा सीट तक ही रख ली।

इस स्थिती को वजन दिया तो 2024 में गुना—शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से महाआर्यमान अपनी परंपरागत सीट से अपनी राजनीतिक पारी की शुरूवात कर सकते हैं। सिंधिया टीम यहां सबसे अधिक सक्रिय हैं और भाजपा की ओर से चुनाव लडना हैं तो मोदी की लहर अब विपक्ष का नही पक्ष का काम करेगी। वर्तमान हालत देखकर लगता नही हैं की मोदी तीसरी बार पीएम नही बनेगें क्यो कि कांग्रेस के पास 2024 का अभी तक कोई प्लान नही हैं और भाजपा ने अपना प्लान बनाकर उस पर काम करना शुरू भी कर दिया हैं। यह राजनीतिक गणित की संभावना हैं और संभावनाओ पर ही राजनीति का भविष्य तय होता हैं।

यह योग्यता हैं महाआर्यमान सिंधिया की

महाआर्यमन ने भी अपने पिता की तरह ही दून स्कूल से पढ़ाई की है। आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका चले गए,उन्होंने अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है,यह ग्रेजुएशन उन्होंने मार्च 20219 में पूरा किया था।