लोन के लालच में आकर महिलाओ के चले गए 6 लाख रूपए, अब ऐजेंट फरार: पुलिस में शिकातय

कोलारस। खबर कोलारस अनुविभाग के लुकवासा कस्बे से आ रही हैं कि कोलारस ओर लुकवासा के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओ को लोन का लालच देकर एक ठग ने अपने आप को प्राईवेट कंपनी का कर्मचारी बताकर लगभग 350 पुरूष और महिलाओ से लगभग 6 लाख की ठगी कर ली है। ठग ने लोन के रूप में मिलने वाली 60 हजार रूपए की रकम के बीमा के नाम पर प्रत्येक आवेदन पर 1750 रूपए लिए हैं।

जानकारी के मुताबिक कोलारस नगर,लुकवासा सहित आसपास गांवों में राजू नाम का लोगों से मिला और खुद को माइक्रो फायनेंस का कर्मचारी बताकर महिलाओं के समूह गठित कराकर 60-60 हजार रु. बतौर ऋण दिलाने का लालच दिया। उक्त रकम के एवज में उसने हर सदस्य से बीमा कराने 1750 रु. रुपए वसूले। बकाया रसीद आदि भी उसने संबंधितों को दीं। लोगों को विश्वास हो गया।

करीब एक सप्ताह से दो सप्ताह में उसने 350 से अधिक लोगों से 1750 रु. बीमा के नाम पर वसूल लिए। इस तरह 6 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। हर सदस्य के खाते में 60-60 हजार रु. में रात ट्रांसफर होने की बात कहकर पांच-छह दिन पहले ही गायब हो गया। लोगों ने पांच दिन इंतजार किया और फिर छानबीन की तो ठगी का एहसास हुआ। सोमवार को लुकवासा पुलिस चौकी पर राधे मिस्त्री,असगर खान, बलराम, राजू जाटव, हृदय खान, करन, गणेशराम, राजीव, दयाराम जाटव, देवेंद्र, खैरू, अरविंद आदि ने पहुंचकर लिखित शिकायत की है।

आधार, पैन काडू, बैंक खाते लिए राजू नामक ठग ने अनिल खटीक के मकान में कमरा
किराए से लेकर ऑफिस खोल लिया। उसने कोलारस नगर सहित लुकवासा, भाटी, बसंतपुरा, देहरदा सड़क, रिजौदा, आनंदपुर आदि गांवों में लोगों को गुमराह करके रुपए ठगता रहा। हर सदस्य से आधार, बैंक खाता व पैन कार्ड लिए और हस्ताक्षर भी कराए लिए। बीमा के लिए रकम लेकर रसीदें भी दीं।

राधेश्याम राजपूत निवासी लुकवासा ने बताया कि समूह सदस्य बनाने राजू नामक बदमाश कस्बे में दुकानों पर घूमता रहा। खुद को राजस्थान के भीलवाड़ा का पता बताया और माइक्रोस फायनेंस कंपनी का कर्मचारी बताता रहा। कोलारस में अपने ऑफिस भी ले गया, जो होटल संचालक अनिल खटीक के मकान स्थित किराए के कमरे में संचालित था। धीरे-धीरे लोगों को विश्वास हुआ और रात में 60-60 हजार रु. ट्रांसफर कराने समूह बीमा के एवज में 1750 रु. ऐंठ लिए।