वैक्सीन महाअभियान में को-वैक्सीन के सेकंड डोज के लिए संघर्ष: डोज के कॉकटेल का डर - Shivpuri News

शिवपुरी। वैक्सीन का महाअभियान चल रहा हैं,शासन युद्ध स्तर पर लोगो में वैक्सीन लगवाने का प्रयास कर रहा हैंं,जिले के 155 केन्द्रो पर वैक्सीनेशन चल रहा हैं,लेकिन इस महाअभियान में को वैक्सीन के सेंकड डोज के लिए लोगो को संघर्ष करना पड रहा है। साथ में डोज की कॉकटेल की भी चिंता लोगो को सता रही है।

जैसा कि विदित है कि जब 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण शुरू हुआ था तब जिले में कोविशील्ड के बजाए को-वैक्सीन के डोज मिले थे और यही लोगों को शुरुआती दिनों में लगाए गए थे। को-वैक्सीन का सेकंड डोज 28 दिन बाद ही लगता है तो उनकी सेकंड डोज भी तारीख भी आ गई है।

सोमवार को महाअभियान के दिन भी को-वैक्सीन के सेकंड डोज के लिए आए लोग निराश होकर ही लौटे। सोमवार को सिर्फ 30 डोज ही विभाग के पास बचे थे जो अग्रवाल धर्मशाला में लगाए गए।बताया जा रहा है कि को-वैक्सीन का पहला डोज लगवा चुके लोग कई दिनों से सेकंड डोज के लिए भटक रहे हैं।

कई लोग ऐसे भी हैं जिनकी सेकंड डोज की तारीख निकले 12 दिन से भी अधिक हो गए हैं। ऐसे में यदि समय रहते सेकंड डोज नहीं लगा तो पहला डोज भी बेअसर हो जाएगा। टीकाकरण अधिकारी के अनुसार बुधवार को 1500 डोज मिलने की पूरी उम्मीद है जिससे सेकंड डोज लगना शुरू हो सकेंगे।

को-वैक्सीन और कोविशील्ड के सेकंड में खासा फर्क

को-वैक्सीन का सेकंड डोज 28 दिन बाद लग जाता है जबकि कोविशील्ड के लिए यह अंतर करीब 84 दिनों का है। विशेषज्ञों की मानें तो सेकंड डोज की तारीख आने के बाद यह 15 दिनों के अंदर ही लग जाना चाहिए। इससे अधिक गैप होने पर टीका पूरी तरह प्रभावी नहीं रहता है।

अब परेशानी यह है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें एक हफ्ते पहले ही को-वैक्सीन का सेकंड डोज लग जाना चाहिए था। जिले में करीब 700 लोगों को को-वैक्सीन का दूसरा डोज लगना है। जिले में कोविशील्ड के 2.87 लाख से ज्यादा डोज लगे हैं, वहीं को-वैक्सीन के महज 30 हजार डोज ही लोगों को लगे हैं।

वैक्सीन के कॉकटेल से लोगों में बढ़ी चिंता

तकनीकी खामी की वजह से भी कई लोग बड़ी गलफत में पड़ गए हैं। कई लोगों को डोज को-वैक्सीन का लगा और मोबाइल पर मैसेज कोविशील्ड का आ गया। उनके पास सर्टिफिकेट भी को-वैक्सीन का है। इतना ही नहीं यह गड़बड़ी वैक्सीन के सर्टिफिकेट में भी हुई है।

राजेंद्र कुमार को कोविशील्ड का पहला डोज लगा और सर्टिफिकेट जारी हुआ वह को-वैक्सीन का हो गया। इससे उनकी सेकंड डोज की डेट भी बदल गई। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति यह भूल गया कि उसे को-वैक्सीन लगी थी या कोविशील्ड, तो सेकंड डोज में कॉकटेल हो जाएगा। इसके नुकसान भी उसे उठाने पड़ सकते हैं।

इनका कहना है
कोवैक्सीन के डोज के लिए हमारे द्वारा विशेष मांग की गई है। संभवत जिले को बुधवार को 1500 डोज कोवैक्सीन के मिल जाएंगे जिससे सेकंड डोज पूरे किए जा सकेंगे। इसमें प्राथमिकता सेकंड डोज की ही रहेगी। फर्स्ट डोज के लिए कोविशील्ड का स्टॉक है।
डॉ.संजय ऋषिश्वर, जिला टीकाकरण अधिकारी।