17 साल से अपनी पेंशन के प्रकरण को लेकर भटक रहा हैं वृद्ध, हाई कोर्ट का ओदश भी प्रभावहीन - Shivpuri News

शिवपुरी। 17 साल पहले पोस्टमैन के पद से सेवानिवृत हुए नाथूराम रिछारिया आज भी अपने पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए परेशान है और उनकी पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है। 2003 में उन्हें झगड़े के एक प्रकरण में झूठा फंसा दिया गया था और उसमें माननीय हाईकोर्ट का आदेश भी आ गया था। जिसमें कहा गया था कि नौकरी पेशा किसी भी व्यक्ति को उक्त प्रकरण से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

लेकिन लाल फीताशाही के कारण उनकी आवाज सुनी नहीं गई। वृद्ध पेंशनर्स रिछारिया ने अपने पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 साल पहले नाथूराम रिछारिया पोस्टमैन पद से सेवानिवृत हुए। लेकिन आज भी वह सरकारी कार्यालयों के अपनी पेंशन के भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। झगड़े के एक झूठे प्रकरण में फंसा दिए जाने के कारण उन्हें सेवा से पृथक कर दिया गया था। परंतु उनके पेंशन और भत्ते का आज तक भुगतान नहीं किया गया। जबकि उक्त प्रकरण का अंतिम डिसीजन वर्ष 2008 में माननीय हाईकोर्ट से हो गया हैं।

जिसमें आदेश के कॉलम नंबर 12 में कहा गया हैं कि नौकरी पेशा किसी भी व्यक्ति को उक्त प्रकरण से कोई भी प्रभाव नही पडेगा। उसके बाद भी प्रार्थी के पेंशन व भत्तो का भुगतान नही किया गया हैं। सेवानिवृत पोस्टमैन नाथूराम ने इस संबंध में पोस्ट आफिस शिवपुरी से लेकर कई जगह इस मामले को पत्र लिखकर संज्ञान में लाने का प्रयास किया हैं लेकिन कोई हल नही निकला हैं।

जबकि उसका स्वास्थय खराब रहता हैं। चलने फिरने में परेशानी आती है। जीवन यापन करने में भी दिक्कत महसूस हा रही हैं इसके बाद भी संवेदनशील प्रशासन उसकी सुध नही ले रहा हैं।