प्रशासन को गुमराह करते हुए बोले,हम नहीं कर रहे बाल विवाह - Shivpuri News

शिवपुरी। चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर मिली सूचना के आधार पर मनियर गांव में बाल विवाह रुकवाने पहुंची टीम ने जब परिजनों से पूछा किसका विवाह हो रहा है,तो परिजनों ने टीम को गुमराह करने का प्रयास किया।

लड़की के पिता ने कहा,किसका विवाह हम तो कोई विवाह नहीं कर रहे। आपसे किसने कहा कि हम विवाह कर रहे है। मेरे घर पर आपको ऐसा लग रहा है कि यहां विवाह होने वाला है।

बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने जब परिजनों को बताया कि हमें पक्की सूचना मिली है कि आपकी लड़की का 24 मई को विवाह होने वाला है और उसकी उम्र 16 वर्ष है। लड़कियों का 18 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले विवाह करना अपराध है। अभी तो कोरोना महामारी चल रही है,इसलिए सभी प्रकार के विवाह आयोजनों पर रोक लगी है। तभी बीच में लड़की की मां ने कहा कि लड़की अगर किसी लड़के के साथ भाग गई तो कौन जिम्मेदार होगा।

टीम में मौजूद बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने परिजनों को समझाया कि लड़की को समझाओ कि अभी उसकी विवाह योग्य उम्र नहीं है। अगर उसे कोई भगाकर ले जाएगा तो उसे भी सजा हो जाएगी। हम अपने काउंसलरों से लड़की की काउंसलिंग कराएंगे फिर वह भागने का विचार भी नहीं करेगी।

अधिकारी ने परिजनों से कहा कि इस बात की क्या गारंटी है कि विवाह कर देने के बाद लड़की नहीं भागेगी। जिसे भागना होता है वह शादी के बाद भी भाग जातीं है। अगर वह किसी दूसरे लड़के के साथ विवाह करना चाहती है तो उसे भरोसा दिलाओ कि 18 वर्ष की हो जाने के बाद उसी के साथ विवाह कर देंगे।

टीम में यह रहे मौजूद
टीम के काफी समझाने के बाद परिजन विवाह नहीं करने के लिए तैयार हुए और उन्होंने लिखित भरोसा दिया कि वे अभी बालिका का विवाह नहीं करेंगे।

बाल विवाह रोकने गई टीम में बाल संरक्षण अधिकारी के साथ सेक्टर सुपरवाइजर निवेदिता मिश्रा, विशेष किशोर पुलिस इकाई से आरक्षक चेतन बंसल एवं राकेश परिहार, चाइल्ड लाइन से काउंसलर श्रष्टि ओझा, टीम सदस्य हिम्मत रावत एवं अरुण सेन स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शिवकुमारी खन्ना, पुष्पा राठौर, नीलम सोनी एवं आंगनवाड़ी सहायिका मीनाक्षी शाक्य एवं लक्ष्मी राठौर मौजूद थीं।