शासन के आदेश को ताक पर रख जनपद CEO शैलेन्द्र आदिवासी ने किया करोडो का भुगतान - Pohri News

पोहरी। पोहरी जनपद पंचायत की भ्रष्टाचार की परतें दर परते खुलती नजर आ रही है। ये बात किसी से छुपी नही की पोहरी जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार किस कदर पैर पसार चुका है और जनपद पंचायत से लेकर ग्राम पंचायतों तक मे जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

अब ताजा मामला पोहरी जनपद अंतर्गत में आया है जहाँ पर सीईओ जनपद शैलेन्द्र सिंह आदिवासी ने शासन और जिला पंचायत सीईओ के आदेश को ही ताक पर रख दिया और अपनी मनमानी कर रहे है।

आपको बता दे कि मध्यप्रदेश शासन के रोजगार गारंटी परिषद आयुक्त सूफिया फारूकी वली द्वारा मध्यप्रदेश के समस्त जिला एवम जनपद पंचायत सीईओ को पत्र क्रमांक 7245/NR-4/MGNREGS-MP/2020 दिनांक 03/03/2021 को जारी किया गया जिसमें उल्लेख किया गया कि मनरेगा कार्यो के तहत सामग्री, कुशल एवम अर्ध कुशल के लंबित भुगतान के आधार पर राशि उपलब्ध कराई जा रही है एवम इस मनरेगा कार्य के तहत लंबित कार्यो का भुगतान किया जाए और उन्हीं पूर्व के लंबित कार्यो के भुगतान को प्राथमिकता दी जाए।

यह आदेश दिनांक 03/03/2021 को आयुक्त द्वारा जिला एवम जनपद सीईओ को आदेशित किया गया जिसके फलस्वरूप जिला पंचायत सीईओ शिवपुरी एचपी वर्मा द्वारा भी दिनांक 03/03/2021 को जनपद पंचायत शिवपुरी/पोहरी/कोलारस बदरवास/नरवर/करैरा/पिछोर/खनियाधाना जनपद पंचायतों सीईओ को भी पत्र क्रमांक 1652/2021/लेखा/एनआरईजीएस एम. पी. द्वारा आदेशित किया गया।

जिसमे सभी पंचायतों को दिनांक 03/03/2021 के रोजगार गारंटी परिषद आयुक्त के संदर्भ में बताया गया जिसमे विलम्बित भुगतान का सर्वप्रथम चयन करना बताया गया और पूर्व के लंबित कार्यो के भुगतान की प्राथमिकता दी गयी एवम साफ शब्दों में उल्लेखनीय किया गया है कि किसी भी स्थिति में व्यय सीमा का उल्लंघन नही किया जाए अन्यथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

रोजगार गांरटी आयुक्त एवम जिला पंचायत सीईओ के द्वारा पत्र जारी होने के बाद भी पोहरी जनपद सीईओ वित्तीय वर्ष 2020-21 के नए कार्यो का 1 करोड़ 46 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया और जनपद सीईओ पोहरी द्वारा अपने चहेतों के चलते आयुक्त एवम जिला पंचायत सीईओ के आदेश की अवहेलना करते हुए नजर आ रहे है।

जानकारी के अनुसार इन पंचायतों को करोड़ो रूपये का भुगतान कर दिया गया है वह क्रमश अगर्रा, बछोरा, बेहटा,भदरोनी, भटनावर,भेसरावन,चकराना, देवरीखुर्द,दुल्हारा,घटाई,गवालीपुरा,झलवासा,खरईजालिम,खरवाया, नानोरा,पिपरघार, रायपुर,सेवाखेड़ी, तोड़ा,उपसिल, वेशी, पंचायतों को 1 करोड़ 46 लाख के लगभग का भुगतान कर दिया गया।

आपको बता दे कि जिन पंचायतों को जनपद द्वारा भुगतान किया गया है वो नवीन वर्ष कर मनरेगा के निर्माण कार्य है जिनमे ज्यादातर चेक डेम ओर रिंग रोड़ निर्माण कार्य है जो नवीन कार्य की सूची में शामिल है जिन सभी का भुगतान दिनांक 05/03/2021 एवम 06/03/2021 को 1 करोड़ 46 लाख रुपये का कर दिया है जबकि इससे दो दिन पूर्व ही 03/03/2021 को ही मध्यप्रदेश शासन एवम जिला पंचायत सीईओ द्वारा आदेशित पत्र जारी किया गया था। जनपद सीईओ शैलेन्द्र आदिवासी ने अपने चहेतो को लाभ दिलाने के चलते आयुक्त से लेकर जिला पंचायत सीईओ तक के आदेश को नजरअंदाज कर दिया गया।

वही बहुत सी पंचायते ऐसी है जहाँ वित्तीय वर्ष 17-18 से आज दिनांक तक कार्य लंबित पड़े हुए है जहाँ पर ये पंचायते क्रमशः आकुर्शी, अतवेई, बागोदा, भीलोड़ी, भोराना, फुलीपुरा, गाजीगण, हरई, हिनोतिया,जाखनोद, जारियाकलां,झिरी, जोराई,कनाखेड़ी, कमई,खटका, खोदा,मड़खेड़ा, महलोनी, मालबर्बे, मरोराखलसा, इत्यादि पंचायतों में पूर्व लंबित कार्यो की लिस्ट भरी पड़ी है।

वही जनपद सीईओ शैलेन्द्र आदिवासी पर कोलारस जनपद के प्रभार भी दिया गया है वहाँ भी जमीनी हकीकत कुछ और ही कहती नजर आएगी। वही जिन पंचायतों में करोड़ो का भुगतान किया जा चुका है वहाँ पर निर्माण कार्यो में भी भारी अनिमियतिया बरती गई है।जहाँ पर जनपद की मिली भगत से इन निर्माण कार्यो में भी पलीता लगाया गया है और शासन के आदेशों की अवहेलना करते हुए राशि भी खुर्द बुर्द कर दी गयी है।