कोरोना काल की मार्मिक कहानी, कैसे बदल दी अनवर की जिंदगी - kolaras News


कोलारस। कोरोना काल ने लोगो की ज़िंदगी कैसे बदल दी आज उसका जीवंत उदाहरण हम आपको बतायेगे ये कहानी है अनवर खान की जिनकी उम्र है 43 वर्ष जो की लुकवासा मे अपने परिवार के साथ रहते है जो कोरोना से पहले रेलवे स्टेशन पर ठेके से टिकट बिक्री किया करते थे।

इसके साथ ही अनवर के परिवार मे दो बेटियां है और दोनों ही कोलेज मे पड़ती है कोरोना से पहले सब ठीक ठाक चल रहा था जैसे तैसे ज़िंदगी का गुज़र बसर हो रहा था उसके बाद कोरोना ने दस्तक दी जिसके बाद लॉक डाउन लगा गया।

जिसके कारण गुना ग्वालियर रेल लाइन पर ट्रेनों को भी बंद कर दिया गया लेकिन यहाँ केवल ट्रेनों को बंद नहीं किया गया यहाँ उस परिवार के आय के साधन को बंद करदिया गया एकमात्र अजीविका कमाने के साधन को बंद कर दिया गया जिसके बाद अनवर के सामने जैसे कोई विकल्प ही नहीं बचा था लेकिन कहते है।

जहाँ चाह वहां राह अब घर चलाने का जिम्मा उठाया अनवर की बेटियों ने अपने हुनर का सही समय पर सही इस्तमाल करते हुए अनवर की दोनों बतियों ने सिलाई करके अपने परिवार का जीवन यापन करने मे मदद की दिन भर मशीन चला कर 200-250 की कमाई होती है। जिस कमाई से अनवर का घर चलता है अनवर भी शर्ट सिलाई मे एक्सपर्ट है और इनके हाथ की बनी शर्ट लोगो की पहली पसंद है।

फिलहाल अनवर लुकवासा स्थित विनोद नामदेव (न्यू शिवा ट्रेलर) पर कारीगरी कर रहें है और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहें है। अनवर उन तमाम लोगो के लिए प्रेरणा स्त्रोत है जो की मानसिक तनाव के चलते डिप्रेशन मे है या फिर जिंदगी से हार मान कर आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते है।