कांग्रेस सरकार में 1.36 करोड़ अनुसूचित जाति के बच्चे पढ़ाई छोडने के लिए हुए मजबूरः बाथम

शिवपुरी। देश के अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र एवं छात्राओं को अपनी पढ़ाई को आगे भी जारी रखने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोद ने ऐतिहासिक फैंसला लेते हुए उन छात्रों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को 11 सौ करोड़ से बढ़ाकर 59 हजार करोड़ की स्वीकृति देकर उनको लाभान्वित करने का कार्य किया हैं।

उक्त जानकारी भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजू बाथम एवं पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को चर्चा करते हुए दी। नेताद्वय ने आगे कहा कि 1944 में अनुसूचित जाति वर्ग के पोस्ट मैट्रिक छात्रों के लिए छात्रावृत्ति शुरू की गई थी।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस की सरकार देश में 45 साल तक रही लेकिन कांग्रेस की सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्र एवं छात्राओं के लिए उनकी पढ़ाई सतत रूप से जारी रह सके इसके लिए कोई ध्यान नहीं दिया।

जिसके कारण करोड़ों बच्चे अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोडने के लिए विवश हो गए। पहली बार मोदी सरकार ने इन बच्चों के भविष्य के बारे में चिंता करते हुए उक्त छात्रावृत्ति को 11 सौ करोड़ से बढ़ाकर 59 हजार करोड़ करने का फैंसला लिया हैं। इतना ही नहीं अभी तक 60 लाख बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिलती थीए लेकिन केन्द्र की भाजपा की सरकार के कारण 4 करोड़ बच्चों को छात्रवृत्ति के दायरे में शामिल हो सकेंगे।

पूर्व विधायक श्री खटीक ने बताया कि देश भर में 136 करोड़ बच्चे आर्थिक तंगी के कारण स्कूल छोड़ चुके थेए उन्हें भी पुनरू घर.घर संपर्क कर स्कूल में दाखिला दिलाने का कार्य किया जाएगा। मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक फैंसले का अनुसूचित जाति वर्ग के समाज ने स्वागत किया हैं। इस अवसर पर किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोनू बिरथरेए पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश जैन ओमी उपस्थित थे।