घर से भागे बच्चो की निगरानी करेगी रेलवे चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी:स्टाफ को दिया जाऐगा प्रशिक्षण - Shivpuri News

शिवपुरी। स्टेशन पर भटकते बच्चे, घर से भागे हुए बच्चे, ट्रेन में भीख मांगने वाले एवं ट्रैफिकिंग करके ले जाए जा रहे बच्चों को उचित संरक्षण प्रदान करने एवं स्टेशन परिसर को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने जैसे विषयों को लेकर रेलवे चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। रेलवे स्टेशन पर आयोजित बैठक में स्टेशन प्रवंधक, जीआरपी, आरपीएफ, बाल संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड लाइन एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई के सदस्य उपस्थित रहे।

इस बैठक के दौरान बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। समिति की बैठक में बच्चों के संरक्षण को लेकर कई निर्णय लिये गये। घर से भटके व लावारिस स्थिति में यहां पहुंचने वाले बच्चों की निगरानी,स्टेशन तथा रेलगाडिय़ों से संबंधित लोगों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिये प्रशिक्षण देने, रेलवे स्टेशन पर बच्चों से जुड़े कानूनी प्रवधानों के फ्लैक्स लगाने एवं चाइल्ड लाइन नंबर 1098 के एनाउंसमेंट सहित कई निर्णय लिया गया। 

बैठक में स्टेशन प्रबंधक उमेश कुमार मिश्रा, उप प्रबंधक एलएस यादव,आरपीएफ थाना प्रभारी रमेशचंद सिंह, उप निरीक्षक संतोष सिंह भदौरिया, जीआरपी प्रभारी कमलेश गौतम, प्रआ लाखन सिंह, विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी सीमा यादव,आर राकेश परिहार, चाइल्ड लाइन समन्वयक वीनस तोमर, आरक्षक जसवंत, प्रवीण, चाइल्ड लाइन से श्रष्टि ओझा,हिम्मत रावत,अरुण सेन,संगीता चौहाण, अवसार वानो, समीर आदि उपस्थित रहे।

हमें बाल तस्करी रोकना होगी
बैठक में बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि बच्चों की तस्करी,अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रहीं है,हमें मिलकर इन घटनाओं पर अंकुश लगाना होगा। बच्चों को भिक्षाबृत्ति, मजदूरी एवं अन्य अनैतिक कार्यों के लिये लोग रेलगाडिय़ों के माध्यम से ही दूसरे राज्यों में ले जाने का काम करते है। हमें स्टेशन परिसर एवं रेलगाड़ी के भीतर यात्रा कर रहे बच्चों पर नजर रखने की जरूरत है। 

बच्चे राष्ट्र की अनमोल संपदा है,उनके संरक्षण के लिये समन्वित प्रयासों की जरूरत है। स्टेशन परिसर को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिये स्टेशन तथा रेलगाडिय़ों से जुड़े सभी व्यक्तियों को बच्चों की सुरक्षा प्रभावित करने वाले जोखिमों को मिटाने के लिये महिला एवं बाल विकास के द्वारा प्रशिक्षित भी दिया जाएगा। चाइल्ड लाइन समन्वयक वीनस तोमर ने बैठक में चाइल्ड लाइन नंबर 1098 का एनाउंसमेंट कराने का सुझाव दिया। जिससे स्टेशन एवं रेलगाड़ी में यात्रा कर रहे यात्रीगण भी संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की मदद कर सकें जिसे पर स्टेशन प्रबंधक उमेश कुमार मिश्र ने सहमति व्यक्त की।

इनको देंगे प्रशिक्षण
समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि स्टेशन पर कार्यरत स्टाफ,आरपीएफ, जीआरपी, टीसी, कुली, सफाई कर्मचारियों के अलावा स्टॉल पर काम करने वाले कर्मचारी व सायकल स्टैंड के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा,ताकि उन्हें यह मालूम हो कि गुमशुदा या तस्करी कर ले जाए जारहे बच्चों की पहचान कैसे करें तथा कैसे उसकी मदद करें।