शिवपुरी। ग्राम टीला बडौरा, खैराई, दबरा, निचरौली के कृषकों ने सहकारी संस्था पर आरोप लगाया है कि उसने किसानों के नाम से फर्जी ऋण निकाल लिए और इन ऋणों की राशि जयकिशान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत माफ भी हो चुकी है।
किसानों का आरोप है कि 362 चुनावों की कम से कम 6 करोड़ से अधिक की ऋण माफी की राशि सोसायटी द्वारा हड़पी गई है। कृषकों ने जनसुनवाई में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह को आवेदन देकर इस संबंध में कार्रवाई करने की मांग की है।
किसानों ने आवेदन में कहा है कि जनवरी-फरवरी 2019 को जय किशान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत ऋण राशि की माफी के लिए किसानों से फार्म भरवाए गए थे। लेकिन ऋण माफी की लिस्ट पंचायत भवन के पटल पर नहीं लगाई गई। किसानों का आरोप है कि उनके आधार कार्ड लेकर उनके फार्म में फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
यहीं कारण है कि किसानों को पता भी नहीं है कि उनकी कितनी ऋण राशि है और कितनी माफ हुई है। जिन 787 कृषकों की राशि माफ हुई है, उनमें से 425 किसानों की लिस्ट संलग्र है और उनकी ऋण माफी की राशि 7 करोड 70 लाख 60 हजार रूपए है। जबकि बांकी के 382 किसानों की ऋण माफी की राशि 6 करोड़ 55 लाख 85 हजार 862 स्पष्ट रूप से दर्शित नहीं की गई है।

