पिछोर। पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने के लिए फर्जी वसीयतनामा तैयार करने और धोखाधड़ी के जरिए जमीन बेचने के मामले में पिछोर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के कड़े रुख के बाद पुलिस ने मामले के एक मुख्य आरोपी सुरेश कुमार भट्ट को शिवपुरी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में संलिप्त दो बहनें और एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
क्या है पूरा मामला
मामला पिछोर निवासी दुर्गा प्रसाद शर्मा और अरुण कुमार शर्मा (पुत्रगण स्व. शिवदयाल शर्मा) की पुश्तैनी जमीन से जुड़ा है। फरियादी भाइयों ने न्यायालय में परिवाद पेश करते हुए बताया कि उनकी दो बहनों, किरण भट्ट (शिवपुरी) और कुसुम शर्मा (डबरा) ने अपने पतियों के साथ मिलकर एक साजिश रची। आरोपियों ने एक फर्जी वसीयतनामा तैयार किया, जबकि असली वसीयतनामा फरियादियों के पास मौजूद था।
इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपियों ने तत्कालीन एसडीएम पिछोर से आदेश प्राप्त कर लिया और जमीन राजस्व रिकॉर्ड में अपने नाम दर्ज करा ली। इतना ही नहीं, जमीन नाम होते ही दोनों बहनों ने इसे पिछोर की पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष वंदना पाराशर और पूर्व उपाध्यक्ष अनीता रहोरा को बेच दिया और इसकी रजिस्ट्री भी कर दी गई।
कोर्ट की सख्ती और गिरफ्तारी
वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद शर्मा और अरविंद भार्गव ने बताया कि न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी किरण भट्ट, कुसुम शर्मा, सुरेश भट्ट और रमेश शर्मा के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 34 (IPC) के तहत अपराध दर्ज किया था। लगातार समन जारी होने के बावजूद चारों आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। न्यायालय ने इस अवमानना पर सख्त रुख अपनाते हुए चारों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया। वारंट की तामील में पिछोर पुलिस ने बुधवार को आरोपी सुरेश कुमार भट्ट को शिवपुरी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी किरण भट्ट, कुसुम शर्मा और रमेश शर्मा अभी भी फरार हैं। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होनी तय है, जिसमें अन्य आरोपियों की स्थिति और मामले के कानूनी पहलुओं पर बहस होगी।