,शिवपुरी। शिवपुरी सिटी कोतवाली में शहर के वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद सुधीर आर्य के खिलाफ एक नाबालिग ने बलात्कार का प्रयास और छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला कोतवाली की टेबल पर निपट गया। दोनो पक्षो मे सुलह हो गई। नाबालिग की मॉ का कहना था कि पार्षद से विवाद हो गया था और किसी के कहने पर वह कोतवाली चली आई। इस मामले को लेकर पुलिस,पार्षद और नाबालिग की मॉ पर कई सवाल खड़े हो रहे है।
सवाल सीधा है- क्या वाकई एक नाबालिग से छेड़छाड़ और बलात्कार के प्रयास जैसा गंभीर मामला था, या फिर पार्षद से हुई लड़ाई में मां ने अपनी बेटी को मोहरे की तरह इस्तेमाल किया ? वही सवाल इस समाज की मानसिकता से भी है कि पुलिस को भी इस कांड में कंधे की तरह इस्तेमाल किया और प्रेशर पॉलिटिक्स खेली गई। आवेदन देकर प्रेशर बनवाया गया और नाबालिग की मॉ ने फिर सुलह कर ली,इन सभी बातों में नाबालिग की हार हुई है।
मामला शहर के वार्ड 14 के भाजपा पार्षद सुधीर आर्य से जुड़ा है। एक महिला अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को लेकर कोतवाली पहुंची और आवेदन देकर आरोप लगाया कि पार्षद ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की और बलात्कार का प्रयास किया। लेकिन घटनाक्रम ने अचानक मोड़ लिया। जैसे ही पार्षद को शिकायत की जानकारी मिली, वह सीधे कोतवाली पहुंच गया। इसके बाद थाने में करीब दो घंटे तक समझाइश, बातचीत और सुलह का दौर चलता रहा। अंततः वही महिला, जो अपनी नाबालिग बेटी के साथ गंभीर आरोप लगाकर थाने पहुंची थी, उसने शिकायत आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया और आवेदन वापस ले लिया।
कोतवाली टीआई रोहित दुबे के अनुसार महिला ने बाद में बयानों में कहा कि उसका पार्षद से विवाद हो गया था और किसी के कहने पर वह शिकायत करने आई थी। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई गई है,इस पूरे मामले को गौर से देखे तो यह हार एक नाबालिग की हुई है। आपसी रंजिश में माँ ने नाबालिग को हथियार बनाया और पार्षद पर चला दिया। अगर सच में नाबालिग के साथ कुछ गलत हुआ है तो समझौते के हथियार में नाबालिग की मॉ ने उसके सच को दबा दिया। अगर यह सही है कि मॉ की लडाई पार्षद से हुई थी और वह झूठी शिकायत करने आई तो यहां पुलिस को कंधे की तरह इस्तेमाल किया गया है अपने ईगो के लिए। कुल मिलाकर मामला निपट गया लेकिन कुछ सवाल छोड गया है हमारे लिए।