शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका में पिछले 2 दिनो से नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और नगर पालिका सीएमओ के बीच तनाव चल रहा है,नगर पालिका में जब जब विवाद हुआ है वह पेमेंट और फाइलो को लेकर हुआ है। आगे ऐसे विवाद ना हो,प्रक्रिया पूरी पारदर्शी हो इसके लिए सीएमओ ने ई—फाइलिंग और ई-पेमेंट के सिस्टम की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढना शुरू कर दिया है। इस सीएमओ इशांक धाकड़ का कहना है कि ई-फाइलिंग ओर ई-पेमेंट की प्रक्रिया में मेरी और इस कार्य से संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की आईडी बन चुकी है।
अध्यक्ष महोदय की आईडी अभी तक नहीं बनी है। आवश्यक दस्तावेजों के लिए नगर पालिका से पत्र जारी हो चुका है। जैसे ही वह अपने दस्तावेज दे देंगी, हम उनकी आईडी बनवा कर जल्द ही नगर पालिका में ई-फाइलिंग शुरू कर देंगे। सीएमओ का कहना है कि नगर पालिका में जो पेमेंट आया है वह 15वें वित्त का भुगतान है। ऐसे में उस राशि से सिर्फ वही भुगतान हो पाएंगे जिस मद में पैसा आया है, हम अपनी स्वेच्छा से किसी भुगतान को नहीं कर सकते हैं।
ई-फाइलिंग और ई-पेमेंट से यह होगा फायदा
नगर पालिका शिवपुरी फाइल फोटो ई-फाइलिंग और ई-पेमेंट शुरू होने के साथ ही अधिकारी, बाबू या अध्यक्ष को निर्धारित समयसीमा में ही फाइल पर
उचित कार्रवाई करना होगी। अगर वह निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं करता है तो सीएमओ अथवा पीआइसी को दिए गए अधिकारों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इससे जनता को फायदा यह होगा कि उनके काम की फाइल को कोई भी व्यक्ति अपनी सीट में रोक कर या दबा कर नहीं रख सकेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, दबी-छुपी कार्रवाई पर भी लगा लगेगी। इसके अलावा ठेकेदारों को अंधा बांटे रेवड़ी और चीन-चीन का दे वाली कहावत पर आधारित भुगतान की प्रक्रिया भी समाप्त हो जाएगी।
इस प्रक्रिया से आरोप प्रत्यारोप से बच जाएंगे
नगर पालिका में यह आरोप प्रत्यारोप हमेशा से खडे रहते है कि पेमेंट की फाइल रोकी गई है। ठेकेदारों को कार्यादेश जानबूझकर रोका गया है। ई-फाइलिंग प्रक्रिया से कौनसी फाइल किस अधिकारी या कर्मचारी के पास है यह स्पष्ट इस प्रक्रिया में देखी जा सकती है। सीएमओ सहित अध्यक्ष और अन्य कर्मचारी अनावश्यक रूप से फाइलो को नही रोक सकते है। ई-फाइलिंग और ई-पेमेंट प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवाद नहीं होगें। आम तौर पर देखा गया है कि जब जब नगर पालिका में किसी भी बात पर विवाद होता है तो नगर पालिका काम ठप्प हो जाता है अर्थात विकास और जनमानस के आवश्यक कामों पर ब्रेक लग जाता है। इसलिए सीएमओ बडी तेजी से नगर पालिका के इस महत्वपूर्ण कार्य को ई-सिस्टम पर लाना चाहते है। बस अब इंतजार है नगर पालिका अध्यक्ष महोदय इस प्रक्रिया से सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दे जिससे यह प्रक्रिया आगे बढ जायेगी और लागू हो जाऐगी।
अध्यक्ष महोदय की आईडी अभी तक नहीं बनी है। आवश्यक दस्तावेजों के लिए नगर पालिका से पत्र जारी हो चुका है। जैसे ही वह अपने दस्तावेज दे देंगी, हम उनकी आईडी बनवा कर जल्द ही नगर पालिका में ई-फाइलिंग शुरू कर देंगे। सीएमओ का कहना है कि नगर पालिका में जो पेमेंट आया है वह 15वें वित्त का भुगतान है। ऐसे में उस राशि से सिर्फ वही भुगतान हो पाएंगे जिस मद में पैसा आया है, हम अपनी स्वेच्छा से किसी भुगतान को नहीं कर सकते हैं।
ई-फाइलिंग और ई-पेमेंट से यह होगा फायदा
नगर पालिका शिवपुरी फाइल फोटो ई-फाइलिंग और ई-पेमेंट शुरू होने के साथ ही अधिकारी, बाबू या अध्यक्ष को निर्धारित समयसीमा में ही फाइल पर
उचित कार्रवाई करना होगी। अगर वह निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं करता है तो सीएमओ अथवा पीआइसी को दिए गए अधिकारों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इससे जनता को फायदा यह होगा कि उनके काम की फाइल को कोई भी व्यक्ति अपनी सीट में रोक कर या दबा कर नहीं रख सकेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, दबी-छुपी कार्रवाई पर भी लगा लगेगी। इसके अलावा ठेकेदारों को अंधा बांटे रेवड़ी और चीन-चीन का दे वाली कहावत पर आधारित भुगतान की प्रक्रिया भी समाप्त हो जाएगी।
इस प्रक्रिया से आरोप प्रत्यारोप से बच जाएंगे
नगर पालिका में यह आरोप प्रत्यारोप हमेशा से खडे रहते है कि पेमेंट की फाइल रोकी गई है। ठेकेदारों को कार्यादेश जानबूझकर रोका गया है। ई-फाइलिंग प्रक्रिया से कौनसी फाइल किस अधिकारी या कर्मचारी के पास है यह स्पष्ट इस प्रक्रिया में देखी जा सकती है। सीएमओ सहित अध्यक्ष और अन्य कर्मचारी अनावश्यक रूप से फाइलो को नही रोक सकते है। ई-फाइलिंग और ई-पेमेंट प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवाद नहीं होगें। आम तौर पर देखा गया है कि जब जब नगर पालिका में किसी भी बात पर विवाद होता है तो नगर पालिका काम ठप्प हो जाता है अर्थात विकास और जनमानस के आवश्यक कामों पर ब्रेक लग जाता है। इसलिए सीएमओ बडी तेजी से नगर पालिका के इस महत्वपूर्ण कार्य को ई-सिस्टम पर लाना चाहते है। बस अब इंतजार है नगर पालिका अध्यक्ष महोदय इस प्रक्रिया से सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दे जिससे यह प्रक्रिया आगे बढ जायेगी और लागू हो जाऐगी।