एक्सरे @ ललित मुदगल । कोलारस विधानसभा के एक गांव से पीडीएस के गेहूं नहीं मिलने के 2 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। यह वीडियो कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव के गृह गांव तरावली के है। इस वीडियो में ग्रामीण सेल्समैन पर पूरा राशन नहीं देने के आरोप लगा रहे थे। वही दूसरे वीडियो में कोलारस के फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम ग्रामीण के साथ बातचीत कर रहे है,वह इस मामले की जांच कर रहे है,लेकिन इस वीडियो में एक ग्रामीण स्पष्ट कह रहा है कि अधिकारी भी हमारा राशन नहीं दिला पा रहे है। इस गांव में राशन ही राजनीति बट रही है। विधायक की नाक के नीचे खाद्य अधिकारी गौरव कदम राजनीति कर रहे है आइए भ्रष्टाचार के ब्रांड अधिकारी गौरव कदम की राजनीति का एक्सरे करते है।
यह वीडियो और आरोप इस विधानसभा के पीडीएस सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है कि जब विधायक के गृह गांव में ही ग्रामीणों को उनका राशन नहीं मिल रहा है तो दूसरे गांवो का क्या हाल होगा,वही कोलारस के भ्रष्टाचार के ब्रांड खाद्य अधिकारी गौरव कदम भी गांव में पहुंचकर जांच के नाम पर केवल दिखावा कर रहे है यह बात ग्रामीण भी समझ गए और स्पष्ट बोल रहे है कि उक्त अधिकारी भी हमारा राशन नहीं दिला सकते है तो आप यही समझ जाए कि गरीबो की राशन किस प्रकार भ्रष्टाचार में समायोजित किया जा चुका है। यहां फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम ने सैल्समेन बदल दिया लेकिन चोर बदल गया, चोरी नहीं। कोलारस में पीडीएस नहीं, पब्लिक डकैती सिस्टम चल रहा है।
पहले समझे इस मामले को
कोलारस विधायक महेंद्र यादव के गृह ग्राम तरावली में कंट्रोल में ग्रामीणों ने सेल्समैन पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें दो महीने के जगह सिर्फ डेढ़ महीने का राशन दे रहा है। उनके हक के 15 दिन का राशन सेल्समैन डकार रहा है। ग्रामीणों ने उचित मूल्य की दुकान के बाहर खड़े होकर उक्त आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया हैं। इस वीडियो में ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि इसके अलावा उन्हें पिछला राशन भी नहीं दिया जा रहा है।
इन आरोपों को लेकर दुकान के सेल्समैन देवेन्द्र यादव निवासी पीरोंठ का कहना है कि उसके पास दुकान अप्रैल माह में ही आई है। उसे हितग्राहियों का दो-दो माह का राशन प्राप्त हुआ है। वह उन्हें पूरा राशन वितरित कर रहा है। वायरल वीडियो को लेकर सेल्समैन का कहना है कि उसके पास इसी माह दुकान आई है। उसे दो दो माह का राशन प्राप्त आ है। इसके अलावा उनका पुराने सेल्समैन रीतेश यादव व हृदेश यादव से विवाद था। यह हितग्राहियों का राशन डकार गए, उक्त राशन की मांग उससे की जा रही है। देवेंद्र के अनुसार वह उक्त राशन आखिर कहां से दे सकता है। इस महीने वह नियमानुसार राशन वितरण कर रहा है। उसकी कंट्रोल पर करीब 400 हितग्राही दर्ज हैं, जिसमें से वह लगभग 80 हितग्राहियों को राशन वितरित कर चुका है।
जांच अधिकारी कदम मिला कर गए भ्रष्टाचार से कदमताल
यहां बताना होगा कि इससे पूर्व भी जनवरी माह में उक्त कंट्रोल पर पदस्थ सेल्समैन रीतेश यादव द्वारा राशन वितरण न करने का मामला सामने आया था। हितग्राहियों ने नवंबर व दिसंबर महीने का राशन विर्तारत न करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। ग्रामीणों का कहना था कि वह तरावली के ग्रामीणों को तो राशन बांट देता है लेकिन गुहांसा गांव के करीब दो सैकड़ों लोगों का राशन वितरित नहीं करता है।
उक्त शिकायत के उपरांत फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम ने सेल्समैन को कहा कि ग्रामीणों को उनके हक का राशन वितरित किया जाए। इसके बाद भी सेल्समैन ने ग्रामीणों को राशन वितरित नहीं किया। 12 जनवरी को फूड इंस्पेक्टर ने रीतेश यादव को सूचना दी कि वह दुकान पर जांच करने के लिए आ रहे हैं और दोपहर 2 बजे गांव पहुंच गए। इसके बावजूद रितेश यादव दुकान पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों को राशन वितरित नहीं किया था।
विधायक की नाक के नीचे राजनीति कर गए कदम
उचित मूल्य की दुकान तरावली पर नवंबर व दिसंबर महीने का राशन नहीं बांटने का आरोप लगा था,जनवरी माह में कोलारस के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम इस गांव में सेल्समैन की जांच करने आए थे। सोशल पर वायरल वीडियो इसी जांच के समय का है। इस वीडियो में स्पष्ट कहा जा रहा है कि अधिकारी भी राशन नहीं दिलवा पाएंगे यह बात ग्रामीणों की सत्य हुई। गौरव कदम ने इस दुकान का सेल्समैन बदल दिया,लेकिन ग्रामीणों का राशन किस फैक्ट्री पर बिक गया यह ज्ञात नहीं है। सेल्समैन बदला लेकिन सेल्समैन पर कोई कार्यवाही नही।
विधायक और ग्रामीणो की गुस्सा शांत करने के लिए सेल्समैन बदला गया लेकिन कार्यप्रणाली वही है नया सेल्समैन भी राशन नहीं दे रहा है। और यह खेला गौरव कदम की निगरानी मे चल रहा है। यहां गौरव कदम राजनीति कर गए इसलिए की पुराने सेल्समैन पर उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। कोलारस के इस फूड इंस्पेक्टर पर 55 दुकानों की मशीन में राशन के बैलेंस के जीरो करने का खेल खेला गया है और 1 करोड़ का पीडीएस का राशन खुर्दबुर्द कर दिया गया है।
कोलारस विधानसभा के तरावली गांव से सामने आए राशन घोटाले ने सिर्फ एक उचित मूल्य की दुकान की पोल नहीं खोली, बल्कि पूरे पीडीएस सिस्टम की सच्चाई उजागर कर दी है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह मामला किसी सामान्य गांव का नहीं, बल्कि विधायक महेन्द्र सिंह यादव के गृह ग्राम का है। जब विधायक के गांव में ही गरीबों को उनका पूरा राशन नहीं मिल रहा, तो बाकी गांवों का हाल क्या होगा, यह समझना मुश्किल नहीं है।
भ्रष्ट अधिकारी पर उठते है सवाल
विधायक के गृह ग्राम में ही गरीबों को राशन क्यों नहीं मिला ?
जनवरी से अप्रैल तक शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?
पूर्व सेल्समैन पर एफआईआर या रिकवरी क्यों नहीं हुई ?
ग्रामीणों का बकाया राशन आखिर गया कहां ?
क्या जांच सिर्फ कागजों में निपटाई जा रही है ?
यह वीडियो और आरोप इस विधानसभा के पीडीएस सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है कि जब विधायक के गृह गांव में ही ग्रामीणों को उनका राशन नहीं मिल रहा है तो दूसरे गांवो का क्या हाल होगा,वही कोलारस के भ्रष्टाचार के ब्रांड खाद्य अधिकारी गौरव कदम भी गांव में पहुंचकर जांच के नाम पर केवल दिखावा कर रहे है यह बात ग्रामीण भी समझ गए और स्पष्ट बोल रहे है कि उक्त अधिकारी भी हमारा राशन नहीं दिला सकते है तो आप यही समझ जाए कि गरीबो की राशन किस प्रकार भ्रष्टाचार में समायोजित किया जा चुका है। यहां फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम ने सैल्समेन बदल दिया लेकिन चोर बदल गया, चोरी नहीं। कोलारस में पीडीएस नहीं, पब्लिक डकैती सिस्टम चल रहा है।
पहले समझे इस मामले को
कोलारस विधायक महेंद्र यादव के गृह ग्राम तरावली में कंट्रोल में ग्रामीणों ने सेल्समैन पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें दो महीने के जगह सिर्फ डेढ़ महीने का राशन दे रहा है। उनके हक के 15 दिन का राशन सेल्समैन डकार रहा है। ग्रामीणों ने उचित मूल्य की दुकान के बाहर खड़े होकर उक्त आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया हैं। इस वीडियो में ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि इसके अलावा उन्हें पिछला राशन भी नहीं दिया जा रहा है।
इन आरोपों को लेकर दुकान के सेल्समैन देवेन्द्र यादव निवासी पीरोंठ का कहना है कि उसके पास दुकान अप्रैल माह में ही आई है। उसे हितग्राहियों का दो-दो माह का राशन प्राप्त हुआ है। वह उन्हें पूरा राशन वितरित कर रहा है। वायरल वीडियो को लेकर सेल्समैन का कहना है कि उसके पास इसी माह दुकान आई है। उसे दो दो माह का राशन प्राप्त आ है। इसके अलावा उनका पुराने सेल्समैन रीतेश यादव व हृदेश यादव से विवाद था। यह हितग्राहियों का राशन डकार गए, उक्त राशन की मांग उससे की जा रही है। देवेंद्र के अनुसार वह उक्त राशन आखिर कहां से दे सकता है। इस महीने वह नियमानुसार राशन वितरण कर रहा है। उसकी कंट्रोल पर करीब 400 हितग्राही दर्ज हैं, जिसमें से वह लगभग 80 हितग्राहियों को राशन वितरित कर चुका है।
जांच अधिकारी कदम मिला कर गए भ्रष्टाचार से कदमताल
यहां बताना होगा कि इससे पूर्व भी जनवरी माह में उक्त कंट्रोल पर पदस्थ सेल्समैन रीतेश यादव द्वारा राशन वितरण न करने का मामला सामने आया था। हितग्राहियों ने नवंबर व दिसंबर महीने का राशन विर्तारत न करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। ग्रामीणों का कहना था कि वह तरावली के ग्रामीणों को तो राशन बांट देता है लेकिन गुहांसा गांव के करीब दो सैकड़ों लोगों का राशन वितरित नहीं करता है।
उक्त शिकायत के उपरांत फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम ने सेल्समैन को कहा कि ग्रामीणों को उनके हक का राशन वितरित किया जाए। इसके बाद भी सेल्समैन ने ग्रामीणों को राशन वितरित नहीं किया। 12 जनवरी को फूड इंस्पेक्टर ने रीतेश यादव को सूचना दी कि वह दुकान पर जांच करने के लिए आ रहे हैं और दोपहर 2 बजे गांव पहुंच गए। इसके बावजूद रितेश यादव दुकान पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों को राशन वितरित नहीं किया था।
विधायक की नाक के नीचे राजनीति कर गए कदम
उचित मूल्य की दुकान तरावली पर नवंबर व दिसंबर महीने का राशन नहीं बांटने का आरोप लगा था,जनवरी माह में कोलारस के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम इस गांव में सेल्समैन की जांच करने आए थे। सोशल पर वायरल वीडियो इसी जांच के समय का है। इस वीडियो में स्पष्ट कहा जा रहा है कि अधिकारी भी राशन नहीं दिलवा पाएंगे यह बात ग्रामीणों की सत्य हुई। गौरव कदम ने इस दुकान का सेल्समैन बदल दिया,लेकिन ग्रामीणों का राशन किस फैक्ट्री पर बिक गया यह ज्ञात नहीं है। सेल्समैन बदला लेकिन सेल्समैन पर कोई कार्यवाही नही।
विधायक और ग्रामीणो की गुस्सा शांत करने के लिए सेल्समैन बदला गया लेकिन कार्यप्रणाली वही है नया सेल्समैन भी राशन नहीं दे रहा है। और यह खेला गौरव कदम की निगरानी मे चल रहा है। यहां गौरव कदम राजनीति कर गए इसलिए की पुराने सेल्समैन पर उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। कोलारस के इस फूड इंस्पेक्टर पर 55 दुकानों की मशीन में राशन के बैलेंस के जीरो करने का खेल खेला गया है और 1 करोड़ का पीडीएस का राशन खुर्दबुर्द कर दिया गया है।
कोलारस विधानसभा के तरावली गांव से सामने आए राशन घोटाले ने सिर्फ एक उचित मूल्य की दुकान की पोल नहीं खोली, बल्कि पूरे पीडीएस सिस्टम की सच्चाई उजागर कर दी है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह मामला किसी सामान्य गांव का नहीं, बल्कि विधायक महेन्द्र सिंह यादव के गृह ग्राम का है। जब विधायक के गांव में ही गरीबों को उनका पूरा राशन नहीं मिल रहा, तो बाकी गांवों का हाल क्या होगा, यह समझना मुश्किल नहीं है।
भ्रष्ट अधिकारी पर उठते है सवाल
विधायक के गृह ग्राम में ही गरीबों को राशन क्यों नहीं मिला ?
जनवरी से अप्रैल तक शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?
पूर्व सेल्समैन पर एफआईआर या रिकवरी क्यों नहीं हुई ?
ग्रामीणों का बकाया राशन आखिर गया कहां ?
क्या जांच सिर्फ कागजों में निपटाई जा रही है ?