रिजर्व फोरेस्ट में मशीनो से अवैध उत्खन्न, पुरूषोत्तम धाकड के आगे वनविभाग नतमस्तक - Shivpuri news

शिवपुरी। खबर जिले के सुरवाया वनक्षेत्र से आ रही हैं जहां वनविभाग की एक टीम ने रिजर्व फोरेस्ट में छापा मार कार्रवाई कर फर्शी पत्थर और पटिया बडी मात्रा में जब्त की हैं,लेकिन लीज धारक के आगे वनविभाग बेवस हो गया और उसे वह जब्त माल वापस करना पडा। वनविभाग के अधिकारी इस मामले से बच रहे हैं और एक दूसरे पर मामले को फैक रहे है। 

कुल मिलाकर सीधे-सीधे लिखे तो मीडिया से इस मामले को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है और विभाग इस मामले को उजागर करने से बच रहा हैं। वनविभाग के जो अधिकारी वनो की सुरक्षा को लेकर सरकार से मोटी रकम हर महिने ले रहे हैं और काम वह वन संपदा के लूटेरो के लिए कर रहे हैं और रिजर्व फोरेस्ट में मशीनो से उत्खन्न करवा रहे है।

जानकारी के अनुसार कल देर शाम को सुरवाया वन क्षेत्र सीमा में स्थित जिले की लाल पत्थर फर्शी खदान डबिया चिरकुंडा के समीप क्षेत्र रिजर्व फोरेस्ट कि सीमा में अवैध उत्खन्न की सूचना पर छापा मार कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया हैं कि अवैध उत्खन्न इतनी मात्रा में था कि वन विभाग की छापामार टीम रात हो जाने के कारण उसका नाप नही कर सकी की जप्त माल कितने घनमीटर हैं।

बताया जा रहा हैं कि रिजर्व फॉरेस्ट की सीमा में यह उत्खन्न बडे ही पैमाने पर लागतार किया जा रहा हैं,और इस माल को डबिया चिरकुंडा खदान की रायल्टी पर निकाला जाता है। यह पूरा काला कारोबार फोरेस्ट विभाग के अधिकारियो की मिली भगत से किया जा रहा हैं,लेकिन कल शाम को फोरेस्ट ने छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। 

इस कार्रवाई में हजारो घनमीटर माल जब्त करने की खबर आ रही हैं। बताया जा रहा हैं कि लीज धारक पुरूषोत्तम धाकड के राजनीतिक पकड के कारण वनविभाग बैकफुट पर आ गया,जब्त माल को वापस किया जा रहा हैं। 

इस मामले में सीसीएफ वाय पी सिंह से इस मामले में बातचीत की गई तो सबसे पहले वायपी सिंह ने कहा कि ऐसी कोई कार्रवाई नही की गई लेकिन जब उनसे कहा कि फोटो वायरल हुए हैं,फिर वायपी सिंह ने पलटी मारी मेरे सुनने में आया हैं कि कार्रवाई की हैं लेकिन क्या कार्रवाई की हैं इसकी पूरी जानकारी नही है,अभी डीएफओ कार्यालय से कोई जानकारी नही आई हैंं,आप डीएफओ से संपर्क करे। 

वही डीएफओ से संपर्क करने को प्रयास किया गया तो उन्होने मोबाईल रिसीव नही किया वही इस क्षेत्र के वन क्षेत्र के रेंजर भुनेश्वर योगी ने फोन नही उठाया। पाठको हम जानकारी के लिए बता दे कि रेंजर भुवनेश्वर योगी वही हैं जिन्होने पेडो को हत्यारो को न्यायलय से बचाया था और इसकी शिकायत की गई जोर जांच भी चल रही हैं। 

आम तौर पर देखा गया है कि कोई भी सरकारी विभाग कोई कार्रवाई करता हैं तो तत्काल फोटो और प्रेस नोट जारी करता हैं लेकिन इस कार्रवाई का प्रेस नोट ना करना विभाग को कटघरे में खडा करता हैं इतनी बडी कार्रवाई फिर भी प्रेस नोट जारी नही किया गया क्यो........ 

इस मामले को प्रेस से क्यो छुपाया जा रहा हैं सवाल बनता हैं और खडा होता हैं.... खबर मिल रही हैं कि वनविभाग के द्धवारा रिजर्व फोरेस्ट में जब्त किया गया माल को लीज हॉल्डर को ससम्मान वापस कर दिया,और लीज धारक इस माल को अपने ट्रको में लोड करवाकर बडे ही शान से ले जा रहा हैं। इस प्रकरण से पूरे वनविभाग की जगहसाई हो रही हैं कि कैसे एक आदमी के आगे पूरा का पूरा विभाग नमस्तक हो गया। 

इस पूरे प्रकरण से यह बात सिद्ध होती हैं कि कैसे वनविभाग के रिजर्व क्षेत्र में अवैध उत्खनन किया जा रहा हैं। सीसीएफ वायपी सिंह से पूछा गया कि कैसे रिजर्व फोरेस्ट में उत्खनन किया जा रहा और किस अधिकारी और कर्मचारी पर कार्रवाई होगी इस पर भी उन्होने स्पष्ट जबाव नही कहा कि पहले जांच होने दो फिर कार्रवाई करेंगें। कुल मिलाकर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं तो एक दिन शिवपुरी में जंगल एक इतिहास बन जाऐंगें।