जानलेवा बिजली के पोल खड़े हो रहे हैं बीच शहर में: लिखी चिट्ठी एडवोकेट तिवारी ने / SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। शहर के प्रतिठिष्त एडवोकेट ने शहर में लगाए जा रहे बिजली के पोलो की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैंं। एडवोकेट विजय तिवारी का कहना हैं कि यह सुविधा जनलेवा हो सकती हैं। शहर के सुविधा के नाम पर किया जा रहा काम जानलेवा हो सकता हैं इसी उददेश्य से एडवोकेट तिवारी ने शिवपुरी जिले के बिजली विभाग के उच्च अधिकारियो को एक चिठठी लिखी हैं।  

इस चिठठी को हम सशब्द प्रकाशित कर रहे हैं पढिए


प्रति , जनरल मैनेजर म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. वृत शिवपुरी ( म.प्र

विषय:- जिला चिकित्सालय शिवपुरी के लिये नवीन 33 के.व्ही . विद्युत लाइन के गुणवत्ताविहीन कार्य के संबंध में।

महोदय,उपरोक्त विषयांर्गत लेख है कि , चन्दनपुरा फीडरसे जिला चिकित्सालग शिवपुरी तक पृथक रो नवीन 33 के.व्ही.विद्युत लाइन डाली जा रही हैंं। उक्त 33 के.व्ही.लाइन में नियमानुसार 13 मीटर के एच बीम आयरन पोल लगाये जा रहे हैं । उक्त विद्युत लाइन ही टी.पी.स्कूल से प्रारंभ होकर कोतवाली रोड होते हुये जिला चिकित्सालय तक जा रही हैं।

यह संपूर्ण क्षेत्र रिहायशी क्षेत्र होकर घनी आबादी क्षेत्र हैं। उक्त विद्युतीकरण कार्य मानको के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि विद्युत मण्डल के नियमानुसार उक्त विद्युत पोल खड़ा करने हेतु गड्ढे की गहराई 7 फीट होना चाहिये तथा गड्ढे के अंदर पोल खड़ा करने के पूर्व बेस प्लेट होनी चाहिए।

पोल खड़ा करते समय नियमानुसार गड्ढे की संपूर्ण गहराई से उपर लगभग डेढ फीट की उंचाई तक सीमेंट कंक्रीटिंग होना चाहिये। उक्त विद्युत पोलों पर मानक स्तर का जिंक ऑक्साइड होना चाहिये। पोल पूरी गहराई का ना होने से पोल झुक सकता है तथा पोल पर निर्धारित उंचाई तक जिंक ऑक्साइड की परत ना होने से जंग लगने से पोल गलने की संभावना अत्यधिक है तथा ही कॉस आर्ग चैनल निर्धारित वजन एवं गुणवत्ता का नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि उक्त विद्युत लाइन शिवपुरी शहर के व्यस्तम रिहायशी क्षेत्र से होकर जिला चिकित्सालय शिवपुरी तक निर्मित की जा रही है ताकि जिला चिकित्सालय शिवपुरी को किसी प्रकार की विद्युत व्यवस्था का अवरोध उत्पन्न ना हो।

महोदय अतिवर्षा,आंधी तूफान जैसी भौगोलिक परिस्थितियों में उक्त नवीन विद्युत लाइन जो कि निर्धारित मापदण्डों अनुसार नही डाली जा रही हैं,विद्युत पोलों के गिरने से भारी जनहानि एवं धनहानि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता हैं।

मप्र.म.क्षे.विवि.कंपनी ना हो कि निरीक्षक अधिकारिता तथा निर्धारित मापदण्डों का अनुपालन कराना म.प्र.म.क्षे.विवि.कंपनी का ही कार्य हैं।

अतः आपसे अनुरोध है उक्त गुणवत्ता विहीन कार्य करने वाले संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुये उक्त कार्य की गुणवत्ता पूर्वक संपादित कराया जाये।