अपर कलेक्टर के ऑफिस के बाहर 1 घंटे से खड़े रहे मृतक बाबू वृंदावन के परिजन और रिश्तेदार

शिवपुरी। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य धैर्यवर्धन ने प्रशासनिक हठधर्मिता पर बेहद अफसोस जताया है। मृतक के परिजनों की बात सुनने के लिए भी संवेदन शीलता नहीं दिखा पा रहे हैं अफसर। जबकि प्रत्येक मंगलवार को जिलाधीश कार्यालय में कलेक्टर स्वयं जनसुनवाई में पहुंचकर जनता की समस्या सुनना होती हैं क्योंकि यह सरकार का प्रकल्प हैं।

लेकिन आज तो जिलाधीश ने भी जनसुनवाई में उपस्थिति नहीं दर्शायी। भाजपा के वरिष्ठ नेता धैर्यवर्धन ने कहा कि शिवपुरी कलेक्टर ने हाई कोर्ट की अवमानना की और गाज निर्दोष बाबू पर गिरायी। आत्महत्या कर चुके शिक्षा विभाग के क्लर्क् वृंदावन शर्मा की गाज भी सिर्फ बाबुओं पर गिराने की तैयारी में है पुलिस, प्रशासन।

जिला शिक्षा अधिकारी कटियार ही असली दोषी है उन्हें क्यों बचाया जा रहा हैं। उनकी भी वैधानिक जांच होना चाहिए। भाजपा नेता के अनुसार अब तक का सबसे भ्रष्ट जिला शिक्षा अधिकारी हैं कटियार क्योंकि कई शिक्षकों को निलम्बित करके उनसे राशि ऐंठने का काम किया हैं। पिछली सरकार में पोस्टिंग कराकर आया यह बेरहम अफ्सर विभाग में आतंक का पर्याय था । बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया , इसी सिद्धान्त् पर काम कर रहा है यह बेरहम अधिकारी।

यूँ ही नहीं कर लेता है कोई आत्महत्या?
पहले एफआईआर हो फिर जान्च हो। धैर्यवर्धन ने कहा कि वे पुलिस की कार्यप्रणाली पर कोई संदेह उत्पन्न नहीं कर रहे इसलिए कोई हस्तक्षेप नहीं किया । पर यदि निष्पक्ष कार्यवाही नहीं हुई तो वे चुप नहीं बैठेंगे ।

इसके पहले भी पिछोर मे शिक्षक मनोज पुरोहित ने भी पुलिस की प्रताडना से तंग आकर आत्महत्या की थी। सुसाइड नोट होने के बावजूद भी पुलिस ने जांच मे लीपापोती करके दोषियो को बचा लिया है । शिवपुरी जिला कर्मचारियों की आत्महत्या के लिए जाना जाने लगा है।