भगवान भरोसे शिवपुरी की गौशला :ना ही संख्या का रजिष्टर,नही होता मेडिकल चैकअप / Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी स्थित लुधावली गौशाला की स्थिति बहुत ही खराब है जिसकी जानकारी शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया को लगी तो उन्होंने तत्काल अपने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किए कि नगर केंद्र के कार्यकर्ता प्रत्येक दिन लगातार शिवपुरी स्थित गौशाला में पहुंचकर अपनी सेवा देंगे।

जहां गौशाला में उनके समक्ष जो समस्याएं आ रही हैं उनको बार-बार बताने के बाद नपा सीएमओ केके पटेरिया व स्वास्थ्य अधिकारी श्री भार्गव इन समस्याओं की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण गौशाला की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।

इस संदर्भ मैं जब कार्यकर्ताओं ने गौशाला का निरीक्षण किया तब पता चला कि वहां जो गायों को भूसा रखा है वह भी थर्ड क्वालिटी का है, क्योंकि इस भूसा को गांव में लोग उपयोग ही नहीं करते हैं इतना ही नहीं गौशाला में जानवरों को यह भूसा बगैर साहनी किए हुए डाल दिया जाता है इस कारण गाय भी इस भूसे को नहीं खाती हैं।

इस कारण लगातार गायों की मौत भी हो चुकी हैं इतना सब कुछ होने के बाद जिलाधीश अनुग्रह पी और नपा प्रशासन इस गौशाला की ओर क्यों ध्यान नहीं दे रहा है यह समझ से परे है। शहर के नागरिकों को अब शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया से आग्रह किया है कि इस गौशाला की ओर ध्यान दें जिससे गौशाला में रह रहे गायों की मौतें होने से बच सकें।

गौशाला में कितनी गाय इसका भी नहीं है रजिस्टर

नगर पालिका शिवपुरी के द्वारा संचालित लुधावली गौशाला कितनी गाय हैं कितनी गायों के हिसाब से भूसा रखा गया है जब इसकी जानकारी नपा सीएमओ से ली तो वह भी नहीं बता सके जबकि गौशाला पर इस बात की पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए।

जबकि रिकॉर्ड के आधार पर कितनी गाय स्वस्थ हैं कितनी अस्वस्थ हैं यह भी विधिवत जानकारी नपा के पास होना चाहिए, लेकिन नपा के अधिकारियों के पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है इससे पता लगाया जा सकता है कि यह गौशाला कैसी चल रही होगी।

कौन सा डॉक्टर पदस्थ है गौशाला पर

बताना होगा कि शिवपुरी स्थित लुधावली गौशाला पर कौन से डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है जो इन गायों का स्वास्थ्य परीक्षण करता है इसकी जानकारी भी नगर केंद्र के कार्यकर्ताओं को नहीं दी जाती जबकि बार-बार पशु चिकित्सालय विभाग में फोन लगाने के पश्चात कोई भी डॉक्टर 10 बार फोन करने के पश्चात आता है तब तक तड़प तड़प कर कई बार गायों की मौत भी हो जाती है जबकि विधिवत रूप से गायों के परीक्षण के लिए एक डॉक्टर निश्चित ही गौशाला के लिए होना चाहिए।