कोरोना काल के कोहनूर: भूखों की सहायता कर अवधेश के दिलों पर राज किया / Shivpuri News

शिवपुरी। यह कोरोना काल पूरे विश्व के लिए विपत्ति बन कर आया हैं। यह आपदा तो गरीबों पर कहर बन कर टूट पड़ी, लेकिन इस कोरोना काल में शहर के कुछ युवक कोहनूर बन कर उभरे हैं,जिसमें से अवधेश शिवहरे एक नाम हैं। इस युवक ने जिस दिन से देश मेें लॉकडाउन की घोषणा हुई हैं उस दिन से यह युवक प्रतिदनि गरीबो को राशन बांट रहा हैं।


अगर प्राय देखा जाता रहा हैं और सुना भी हैं कि राजनीति भी सेवा का एक माध्यम हैं। शिवपुरी में अगर नेताओ की गिनती शुरू करे तो एक से शुरू होकर हजार तक पहुचेंगी। विधायक यशोधरा राजे को छोडकर कोई भी जनप्रतिनिधि जनता की सेवा में नही आया। लोगो की उम्मीद थी कि कई नेता या नामी समाजसेवी हस्ती आम लोगो के बीच निकलकर आऐंगी।

लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ। कुछ ऐसे लोग लोगो की मदद के लिए निकले जिनकी उम्मीद नही थी। वे घोषित समाजसेवी नही थे और ना ही राजनीतिक लोग। उनमें से एक नाम हैं एक युवा अवधेश शिवहरे। अवधेश शिवहरे इस कोरोना काल में लोगो की मदद के कारण कोहनूर से चमके।

अपनी जेब से लगभग 20 लाख रूपए का राशन दान


शिवहरे समाज के नगर अध्यक्ष अवधेश शिवहरे ने स्वयं अपने खर्चे पर गरीब ओर मजदूर लोगो की मदद के लिए आगे आए। इस अन्नयज्ञ की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही हैं कि अपनी जेब से लगभग 20 लाख रूपए का राशन दान करने वाले अवधेश ने एक भी फोटो नही खीचा न ही किसी मीडिया हाउस को खबर के लिए फोन किया। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की संवाददाता खुशबू शिवहरे ने देखा कि एक युवा अपनी एक्टिवा गाडी पर राशन के कटटे लेकर कही जा रहा है तो उसे रोककर उससे बातचीत की।

अपनी बातचीत में अवधेश ने कहा कि मोदी जी या सरकार कैसे प्रत्येक व्यक्ति की मदद करेगी। मेरे गुरू ने कहा कि अगर आप सक्षम हो तो ऐसे समय में अन्नयज्ञ करो। जरूरत मंदो को राशन बांटो। मैने सबसे पहले ठकुरपुरा,नोहरी ओर बछोरा के ऐसे लोगो को राशन दिया जिन्है में पर्सनली जानता था कि यह दिहाडी मजदूर हैं।

उसके बाद मेरे पास फोन आने लगे। मैं उनका नंबर नोट करता हूं और उसके पडौस मे जाकर उसकी आर्थिक स्थिती का पता करता हूं फिर उसके घर जाकर बैठ कर उसका हालचाल पूछता ओर मदद करता हैं। अभी तक मै लगभग 400 के करीब राशन किट बांट रहा हू। मेरी राशन की किट में 10 किलो आटा और दाल,चावल,मसाले और तेल हैं।

किसी के पास आटा है तो उसे में दाल चावल मसाले तेल और ऐसी चीजे जो खाना बनाने में लगती हैं यह देता हूं। मै और मेरी एक्टिवा प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक शहर में ही घूमती रहती थी लेनिक जब फोन अधिक आने लगे थे इस कारण अपनी फोरव्हीलर में भरकर राशन बांटने लगा।

लेकिन अब फोरलेन पर मजदूरो का सैलाब यूपी के ओर निकल रहा हैं। मै और मेरी टीम अब वहां जाकर मजदूरा को पानी और राशन बांट रही हैं। कुल मिलाकर कहने का सीधा सा अर्थ हैं कि यह अन्नयज्ञ अवधेश ने बिना किसी लालच के किया हैं और गुरू की आज्ञा को भगवान की आज्ञा मानकर सेवा कार्य किया हैं।