शिवपुरी। शिवपुरी जिले की कोलारस पुलिस ने चोरी के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोलारस के सर्राफा व्यापारी के 6 माह पूर्व हुई चोरी में 2 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए,करीब 1 करोड़ 53 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं,इस चोरी काण्ड में 2 आरोपी फरार बताए जा रहे है।
बीते वर्ष 27 जुलाई 2025 को कोलारस के सदर बाजार निवासी सराफा व्यापारी गिरीश कुमार जैन की दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोरों ने भारी मात्रा में जेवरात चोरी कर लिए थे। इस घटना ने पूरे जिले के व्यापारियों में दहशत पैदा कर दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी, जिसे पुलिस अधीक्षक श्री अमन सिंह राठौड़ ने अत्यंत गंभीरता से लिया था।
एडिशनल एसपी संजीव मुले और एसडीओपी संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में टीमों ने कोलारस सहित आसपास के जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड के करीब 100 से अधिक अपराधियों से कड़ी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। अंततः साइबर सेल ग्वालियर और शिवपुरी की मदद से पुलिस को स्थानीय संदिग्धों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
20 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अमन रावत चोरी का माल बेचने के लिए शिवपुरी जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर सेसई सड़क के पास अमन को बिना नंबर की बाइक के साथ पकड़ा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की बात कबूल की और अपने साथियों संजय रावत, जानकी रावत और अभिषेक रावत के नाम बताए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अभिषेक रावत को भी गिरफ्तार कर लिया।
जमीन खोदकर निकाला खजाना
गिरफ्तार आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने चोरी किया गया माल ग्राम खौंकर में ठाकुर बाबा के चबूतरे के पास गड्ढा खोदकर छिपाया था। पुलिस ने जब बताए गए स्थान की खुदाई की, तो वहां से 46 किलो चांदी और सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपये आंकी गई है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका इस बड़ी सफलता में एसडीओपी संजय मिश्रा, थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर, उनि सौरभ तोमर, उनि सावित्री लकड़ा सहित साइबर सेल के धर्मेंद्र जाट और विकास चौहान की मुख्य भूमिका रही। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बीते वर्ष 27 जुलाई 2025 को कोलारस के सदर बाजार निवासी सराफा व्यापारी गिरीश कुमार जैन की दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोरों ने भारी मात्रा में जेवरात चोरी कर लिए थे। इस घटना ने पूरे जिले के व्यापारियों में दहशत पैदा कर दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी, जिसे पुलिस अधीक्षक श्री अमन सिंह राठौड़ ने अत्यंत गंभीरता से लिया था।
एडिशनल एसपी संजीव मुले और एसडीओपी संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में टीमों ने कोलारस सहित आसपास के जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड के करीब 100 से अधिक अपराधियों से कड़ी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। अंततः साइबर सेल ग्वालियर और शिवपुरी की मदद से पुलिस को स्थानीय संदिग्धों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
20 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अमन रावत चोरी का माल बेचने के लिए शिवपुरी जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर सेसई सड़क के पास अमन को बिना नंबर की बाइक के साथ पकड़ा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की बात कबूल की और अपने साथियों संजय रावत, जानकी रावत और अभिषेक रावत के नाम बताए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अभिषेक रावत को भी गिरफ्तार कर लिया।
जमीन खोदकर निकाला खजाना
गिरफ्तार आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने चोरी किया गया माल ग्राम खौंकर में ठाकुर बाबा के चबूतरे के पास गड्ढा खोदकर छिपाया था। पुलिस ने जब बताए गए स्थान की खुदाई की, तो वहां से 46 किलो चांदी और सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपये आंकी गई है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका इस बड़ी सफलता में एसडीओपी संजय मिश्रा, थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर, उनि सौरभ तोमर, उनि सावित्री लकड़ा सहित साइबर सेल के धर्मेंद्र जाट और विकास चौहान की मुख्य भूमिका रही। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।