शिवपुरी।आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ग्वालियर ने मत्स्य विभाग के तत्कालीन सहायक संचालक लक्ष्मण प्रसाद रजक सहित मत्स्य उद्योग सहकारी समिति बैराड के अध्यक्ष राजू बाथम, मत्स्य सहकारी संस्था ग्राम छर्च की सदस्य रेखा कुशवाह, मत्स्य सहकारी संस्था ग्राम पचीपुरा की सदस्य अनीता बाथम एवं एवं इन्सुलेटेड कंटेनर के कूटरचित बिल प्रदान करने वाली फर्म गिर्राज जी आयल सप्लायर के संचालक के विरूद्ध धारा 420, 409, 467, 468, 471,120बी भादवि एवं धारा 13 (1) ए सहपठित धारा 13 (2) भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
जानकारी के अनुसार,मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत हितग्राही को मछली पालन एवं परिवहन के लिए इंसुलेटेड वाहनों पर महिला हितग्राही को क्रय राशि का 60 प्रतिशत एवं पुरुष हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान मिलता है। इसी क्रम में वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग शिवपुरी द्वारा हितग्राही राजू बाथम, रेखा कुशवाह, अनीता बाथम द्वारा इंसुलेटेड वाहन खरीदना दर्शाकर फर्जी कुटेशन व विल के आधार पर सब्सिडी का लाभ दे दिया गया। इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई गई। शिकायत में बताया गया है कि राजू बाथम, अनीता बाथम एवं रेखा कुशवाह द्वारा इंसुलेटेड वाहन न खरीदते हुए चार सीटर लोडिंग वाहन खरीदे गए हैं।
तीनों वाहन एक ही कम्पनी से क्रय किए गए हैं तथा वाहनों में इंसुलेटेड बाक्स गिरिराज जी आल सप्लायर राजेश्वरी रोड शिवपुरी से लगवाने के बिल प्रस्तुत किए गए हैं। प्रत्येक वाहन की क्रय राशि एवं इंसुलेटेड बॉक्स लगवाने की कीमत मिलाकर लगभग 20 लाख 23 हजार रुपये होती है। योजना के अनुसार अनीता बाथम एवं रेखा कुशवाह को क्रमशः 12-12 लाख रुपये व राजू बाथम को 8 लाख रुपये की सब्सिडी राशि स्वीकृत की गई थी।
शिकायत के अनुसार सहायक संचालक मत्स्य उद्योग लक्ष्मण प्रसाद रजक ने वाहन क्रय किए बिना ही फर्जी कुटेशन के आधार पर हितग्राहियों के
खातों में अनुदान राशि का अंतरण कर दिया गया। अनुदानित वाहनों की डिलीवरी उक्त हितग्राहियों को राशि अतंरण के बाद हुई है, जबकि सब्सिडी का भुगतान पूर्व में हो कर दिया गया। इसी प्रकार इंसुलेटेड कंटेनर अथवा बॉक्स के बिल भी वाहन क्रय करने के पूर्व के हैं, जबकि वाहनों की डिलीवरी दस्तावेजों के अनुसार बाद में हुई है।
इसके अलावा आहरण एवं संवितरण अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद रजक द्वारा उक्त हितग्राहियों के साथ मिलकर 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। इसी के चलते तीनों हितग्राहियों सहित तत्कालीन सहायक संचालक एवं विल उपलब्ध करवाने वाली फर्म के संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार,मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत हितग्राही को मछली पालन एवं परिवहन के लिए इंसुलेटेड वाहनों पर महिला हितग्राही को क्रय राशि का 60 प्रतिशत एवं पुरुष हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान मिलता है। इसी क्रम में वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग शिवपुरी द्वारा हितग्राही राजू बाथम, रेखा कुशवाह, अनीता बाथम द्वारा इंसुलेटेड वाहन खरीदना दर्शाकर फर्जी कुटेशन व विल के आधार पर सब्सिडी का लाभ दे दिया गया। इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई गई। शिकायत में बताया गया है कि राजू बाथम, अनीता बाथम एवं रेखा कुशवाह द्वारा इंसुलेटेड वाहन न खरीदते हुए चार सीटर लोडिंग वाहन खरीदे गए हैं।
तीनों वाहन एक ही कम्पनी से क्रय किए गए हैं तथा वाहनों में इंसुलेटेड बाक्स गिरिराज जी आल सप्लायर राजेश्वरी रोड शिवपुरी से लगवाने के बिल प्रस्तुत किए गए हैं। प्रत्येक वाहन की क्रय राशि एवं इंसुलेटेड बॉक्स लगवाने की कीमत मिलाकर लगभग 20 लाख 23 हजार रुपये होती है। योजना के अनुसार अनीता बाथम एवं रेखा कुशवाह को क्रमशः 12-12 लाख रुपये व राजू बाथम को 8 लाख रुपये की सब्सिडी राशि स्वीकृत की गई थी।
शिकायत के अनुसार सहायक संचालक मत्स्य उद्योग लक्ष्मण प्रसाद रजक ने वाहन क्रय किए बिना ही फर्जी कुटेशन के आधार पर हितग्राहियों के
खातों में अनुदान राशि का अंतरण कर दिया गया। अनुदानित वाहनों की डिलीवरी उक्त हितग्राहियों को राशि अतंरण के बाद हुई है, जबकि सब्सिडी का भुगतान पूर्व में हो कर दिया गया। इसी प्रकार इंसुलेटेड कंटेनर अथवा बॉक्स के बिल भी वाहन क्रय करने के पूर्व के हैं, जबकि वाहनों की डिलीवरी दस्तावेजों के अनुसार बाद में हुई है।
इसके अलावा आहरण एवं संवितरण अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद रजक द्वारा उक्त हितग्राहियों के साथ मिलकर 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। इसी के चलते तीनों हितग्राहियों सहित तत्कालीन सहायक संचालक एवं विल उपलब्ध करवाने वाली फर्म के संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।