कोई भी गरीब परिवार भूखा नहीं रहे यह ध्यान प्रशासन: सांसद केपी यादव | Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए कड़े प्रयास किये जा रहे हैं। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य एवं पुलिस की टीम द्वारा जिले में बेहतर प्रबंधन किया गया है। जिले में 2 पॉजिटिव मरीज पाए गए थे जो अब स्वस्थ है।

उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है परंतु हमें सजग रहना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को पूरी तैयारी से काम करना है। यह बात गुना शिवपुरी सांसद श्री के.पी.यादव ने बैठक में कही। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान कुछ गरीब परिवार ऐसे हैं जिन्हें राशन और भोजन की आवश्यकता है उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाए। कोई भी गरीब परिवार भूखा ना रहे।

उन्होंने कहा कि कई समाजसेवी संस्थाएं काम कर रही हैं। उनके सहयोग से भी गरीब परिवारों को राशन और भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यह भी कहा कि अनाज वितरण में उचित मूल्य की दुकानों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी ना की जाए अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उपार्जन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस दौरान भी सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखना है। सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विधायक वीरेंद्र रघुवंशी, पूर्व विधायक जसवंत जाटव, भाजपा जिला अध्यक्ष राजू बाथम, रोटरी क्लब से अजय बिंदल, मंगलम अध्यक्ष राकेश गुप्ता और अजय खेमरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एच.पी.वर्मा ने बताया कि अभी जिले में 18 हजार से अधिक श्रमिक आए हैं। शहरी क्षेत्र में स्क्रीनिंग के लिए 5 टीम गठित की गई है। 56 उप टीम बनाई गई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में जिले में कुल 191 टीम काम कर रही हैं और अभी तक लगभग 14 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। दीनदयाल रसोई के माध्यम से दिया जा रहा है भोजन नगर पालिका सीएमओ ने बताया कि गरीब परिवारों को खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। दीनदयाल रसोई के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों परिवारों को खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।

लोगों को जागरूक करने में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका

सांसद श्री यादव ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूकता की जरूरत है। सभी सोशल डिस्टेंस बनाए रखें और मास्क पहने। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने भी अपील की है कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी आमजन तक संदेश पहुंचाया जाए। कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि कोई व्यक्ति बाहर से आता है तो वह स्वेच्छा से सामने आए। कोई समस्या होने पर चिकित्सकों से संपर्क करें और होम क्वॉरेंटाइन में रहे।